- गरीब-आदिवासियों के घर उजाड़े,प्रशासन दिनभर गायब…राहत के लिए मंत्री बंगले तक पहुँची कांग्रेस
- सुबह बुलडोजर…रात तक न टेंट,न भोजन…आधी रात मंत्री आवास पर कांग्रेस का घेराव
- अधिकारियों ने फोन तक न उठाया कांग्रेस बोली: भाजपा संरक्षण में चल रहा वन विभाग का बुलडोजर राज
- एसपी के हस्तक्षेप तक खुले आसमान में तड़पते रहे पीडि़त, कांग्रेसी नहीं हटे,जब तक राहत नहीं मिली…
- कांग्रेस का हमला: वन विभाग नेताओं के इशारे पर चलता है…गरीबों पर कार्रवाई, बड़े कब्जाधारियों पर चुप्पी
- मंत्री के बंगले के सामने घंटों सड़क पर बैठे पीडि़त कांग्रेसी
- एसपी के हस्तक्षेप के बाद देर रात मिली राहत
- गरीबों के घर तोड़कर फरार हुए अधिकारी,राहत दिलाने के लिए मंत्री बंगले तक जाना पड़ा!
- एसपी के हस्तक्षेप तक प्रशासन ‘बंद कमरे’ में छिपा रहा


-राजेन्द्र शर्मा-
एमसीबी/खड़गवां,25 नवंबर 2025 (घटती-घटना)। रतनपुर पंचायत में वन विभाग की कथित मनमानी और गरीब-आदिवासी परिवारों पर चले बुलडोजर के बाद प्रशासनिक बेरुख़ी आधी रात भारी पड़ गई,राहत न मिलने से आक्रोशित कांग्रेसजनों ने मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के रतनपुर स्थित बंगले के सामने रात 1 बजे तक जोरदार धरना दे डाला, पुलिस प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कि वन विभाग गरीबों के घर उजाड़ दे,और प्रशासन पूरे दिन आंखें मूंदे रहे।
सुबह बुलडोजर,रात तक न भोजन न रहने की व्यवस्था
वन विभाग ने बुधवार को ‘अवैध अतिक्रमण’ बताकर नागेंद्र, करीमन बैगा,राजेंद्र प्रधान,रामप्रसाद एक्का सहित कई ग्रामीणों के पक्के-कच्चे मकान ढहा दिए। परिवार खुले आसमान तले छूट गए,दावा है कि सुबह से रात तक न कोई अधिकारी मौके पर पहुँचा,न भोजन-आश्रय की व्यवस्था की गई।
कांग्रेसी पहुंचे मौके पर, अधिकारी पूरे दिन ‘गायब’
जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा,जनपद सदस्य युगांतर श्रीवास्तव, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कासिम अंसारी सहित कार्यकर्ता रात में पीडि़तों के बीच पहुँचे,कंबल बाँटे,कहा गया एसडीएम,डीएफओ,किसी अधिकारी का फोन नहीं उठ रहा, जैसे जिले में शासन-प्रशासन का अस्तित्व ही खत्म हो गया हो,काफी प्रयासों के बाद एसडीओ ने कॉल रिसीव किया पर राहत उपलब्ध कराने में असमर्थ ही नजर आए।
आधी रात मंत्री बंगले के बाहर धरना, पुलिस-प्रशासन बेचैन
असहाय परिवारों को देखकर कांग्रेस का गुस्सा फट पड़ा,रात 1 बजे नेता और पीडि़त स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बंगले के सामने धरने पर बैठ गए, पुलिस ने हटाने की कोशिश की, पर कार्यकर्ता अड़ गए राहत दो, नहीं तो उठेंगे नहीं!
एसपी के निर्देश पर रात में ही टेंट, भोजन-रहने की व्यवस्था
तनाव बढ़ता देख एसपी ने हस्तक्षेप किया, उसके बाद आधी रात को ही तंबू,भोजन व अन्य व्यवस्थाएँ कराई गईं, तब जाकर कांग्रेस कार्यकर्ता बंगले से उठे।
कांग्रेस का गंभीर आरोप वन विभाग भाजपा नेताओं के संरक्षण में,गरीबों पर सीधा अत्याचार
सुबह जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा या तो वन विभाग समान कार्रवाई करे,नहीं तो जिनके घर तोड़े गए हैं,उन्हें तत्काल मुआवजा,पुनर्वास और रहने की व्यवस्था दी जाए,प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने कहा वन विभाग का तानाशाही रवैया भाजपा नेताओं की छत्रछाया में पनप रहा है। गरीबों के घर उजाड़कर तंत्र ने क्रूरता दिखाई है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी, इस दौरान प्रमुख रूप से मौजूद सौरव मिश्रा,युगांतर श्रीवास्तव, कासिम अंसारी,इमरान खान, भावेश जैन और सभी पीडि़त परिवारजन।
कांग्रेस की मांग या समान कार्रवाई करो या तुरंत मुआवजा दो,दोहरा कानून नहीं चलेगा
सुबह कांग्रेस ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे में कार्रवाई की मांग की वन विभाग पर निष्पक्ष जांच,अधिकारी-नेता गठजोड़ की जांच, पीडि़त परिवारों को तत्काल मुआवजा,पुनर्वास,दोहरे मापदंड पर रोक, प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने आगाह किया,अगर वन विभाग गरीबों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करता रहा,तो कांग्रेस सड़क से विधानसभा तक उग्र आंदोलन करेगी, घटनास्थल पर मौजूद सौरव मिश्रा,युगांतर श्रीवास्तव, कासिम अंसारी,इमरान खान,भावेश जैन और सभी पीडि़त परिवारजन।
प्रशासन और सत्ता पक्ष के लोग उजाड़ रहे आदिवासियों का घर:गुलाब कमरो
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने वन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही को पक्षपात पूर्ण बताते हुए आदिवासियों के साथ अन्याय बताया है उन्होंने कहा कि इतनी ठंड में बिना नोटिस किसी का घर गिरा देना कहा तक सही है यह आदिवासियों के साथ अन्याय है वही एक और मामले एमसीबी जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर ग्राम चैनपुर में भाजपा कार्यालय निर्माण के लिए गरीब आदिवासी परिवारों की वर्षों की से कई शासकीय ज़मीन और मकान तोड़ने के मामले में पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा की वर्षों से बसे गरीब आदिवासी परिवारों के जमीनों को सत्ता पक्ष के नेताओं के द्वारा दादागिरी से खाली कराने और मकानों को तोड़ने में प्रशासन खुद आगे बढ़कर सहयोग कर रहा है, जो बेहद निंदनीय है। जब प्रशासन और सत्ता पक्ष के लोग ही गरीबों, आदिवासियों का घर उजाड़ने लगे, तो फिर न्याय की उम्मीद किससे की जाए? यह कैसा न्याय है?
वन विभाग भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम कर रहा है। गरीबों पर कार्रवाई, बड़े कब्जाधारियों पर चुप्पी, यह कानून नहीं, दमन है।
सौरव मिश्रा,
जिला कांग्रेस प्रवक्ता
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