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रायपुर@चौपाटी नहीं हटाने को लेकर जमकर हुआ हंगामा..कार्रवाई जारी

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कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय समेत कई गिरफ्तार


रायपुर,22 नवम्बर 2025। राजधानी रायपुर में साइंस कॉलेज मैदान स्थित चौपाटी को हटाने को लेकर शनिवार तड़के बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। चौपाटी हटाने की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार देर रात से समर्थकों और दुकानदारों के साथ धरना दे रहे कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को पुलिस ने आज सुबह हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अस्थायी रूप से बनाई गई रायपुर सेंट्रल जेल लेकर पहुंची है। जानकारी के अनुसार, निगम द्वारा चौपाटी हटाने की चेतावनी दिए जाने के बाद क्षेत्र के व्यवसायियों में रात से ही बेचैनी बनी हुई थी। शुक्रवार देर रात पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी सहित कई कांग्रेसी नेता चौपाटी पहुंचे और दुकानदारों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि बिना पुनर्वास और बातचीत के नगर निगम अचानक जबरन कार्रवाई कर रहा है, जो सरासर अन्याय है।
कांग्रेस नेताओं ने कही ये बात : हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चौपाटी से हजारों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इसे हटाना गैरमानवीय है। उनका आरोप है कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध में यह कार्रवाई कर रही है। वहीं,प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों में यातायात डायवर्ट किया गया है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। फिलहाल चौपाटी से कब्जा हटाने की कार्रवाई जारी है, जबकि कांग्रेस नेताओं और दुकानदारों का विरोध भी अलग-अलग स्थानों पर जारी है। मामले के चलते शहर के राजनीतिक माहौल में तनाव साफ देखा जा रहा है।
निगम और रेलवे के अफसरों ने चुप्पी साधी : इस मामले में जोन 7 कमिश्नर राकेश शर्मा और रेलवे के सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी से लगातार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों अफसरों ने फोन रिसीव नहीं किया। आमानाका ओवरब्रिज के पास चौपाटी शिट करने के मामले में दोनों ही चुप्पी साध गए। निगम प्रशासन ने कर्मचारियों को ही रात में अल्टीमेटम देने के लिए लगाया।

दुकानदारों को शिफ्टिंग के लिए नोटिस नहीं मिला
व्यापारियों का कहना है कि एक दिन पहले यानी 21 नवंबर को नगर निगम की टीम चौपाटी पहुंची थी। दुकानदारों को शिफ्टिंग की सूचना दी थी। इस दौरान व्यापारियों ने मौके पर ही आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला। व्यापारियों का आरोप है कि बिना बातचीत के किए,बिना तैयारी और बिना विकल्प दिए दुकानों को हटाने से उनका कारोबार ठप हो गया है। बिना तैयारी के अचानक आमानाका भेजने को कहा जा रहा है। ऐसे में उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है।


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