
- 19.50 लाख की मिट्टी-मुरूम सड़क पहली बारिश में बह गई,ग्रामीणों में आक्रोश-जांच की मांग तेज
- क्या गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व के सोनहत,जनकपुर कमर्जी रिहन्द में जम कर हो रही अनियमितताएं?
- क्या सोनहत एवं रामगढ़ परिक्षेत्र की तमाम शिकायतें चली गई ठंडे बस्ते में?
- सोनहत रामगढ़ परिक्षेत्र की शिकायतों पर आखिर क्यों नही हुई कार्यवाही?

-राजन पाण्डेय-
कोरिया/एमसीबी,06 नवंबर 2025
(घटती-घटना)।
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान टाइगर रिजर्व में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जनकपुर परिक्षेत्र के च्यूल गांव में करीब 19 लाख 50 हजार रुपये की लागत से बनी मिट्टी-मुरूम सड़क पहली ही बरसात में बह गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण में भारी गड़बड़ी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
आपको बता दे की गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान टाइगर रिजर्व में अनियमितताएं चरम पर हैं, आलम है कि निर्माण कार्यो के नाम पर शासन की राशि का जम कर दुरुयोग किया जा रहा है, और अधिकारियों के द्वारा गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य करवा कर अपनी जेबें गरम करने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही है,गुरुघासीदास पार्कपरिक्षेत्र जनकपुर अंतर्गत हुए कई कार्य भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ गए है, ताजे मामले में च्यूल से आंजी नदियां वे कुंदरा पा. छादा से संकरी घटिया। तक हो यह फिर च्यूल से थोरगी कि पहुँच वन मार्ग हो हाल ही में बनी 5 किलोमीटर की मिटटी मुरूम सड़क पहली ही बारिश में बह गई। लाखों रुपये की लागत से बनी इस सड़क का हश्र देख ग्रामीणों में भारी आक्रोश है,आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार किया गया, मुरम की जगह मिट्टी डाल दी गई और सड़क पर रोलर भी नहीं चली और जगह-जगह से जंगलों से लाई गई अमानक गिट्टी का उपयोग किया गया,जिसके कारण पहली बरसात में ही सड़क उखड़ गई, ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में खानापूर्ति कर एजेंसी पार्क परिक्षेत्र जनकपुर के जिम्मेदार प्रभारी रेंजर ने सरकारी धन का खुला खेल किया,सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कहीं पर गिट्टी बह गई है तो कहीं केवल मिट्टी ही नजर आ रही है। इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले ग्रामीणों, वनकर्मियों व स्कूली बच्चों की जान जोखिम में पड़ गई है। बरसात के दिनों में इस मार्ग पर चलना दुश्वार हो गया है।
घटिया निर्माण ने खोली पोल
ग्रामीणों के अनुसार च्यूल से वॉच टॉवर तक बनी यह लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क कुछ ही महीनों में जर्जर हो गई। सड़क पर रोलर नहीं चलाया गया, मुरूम की जगह मिट्टी और जंगलों से लाई गई अमानक गिट्टी का उपयोग किया गया। नतीजतन,पहली बारिश में ही सड़क उखड़ गई और जगह-जगह कटाव हो गया। ग्रामीणों का कहना है—यह सड़क नहीं,भ्रष्टाचार का गड्ढा है।
वन संपदा को भी नुकसान
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए मिट्टी आसपास के जंगलों से निकाली गई,जिससे वन क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा। उनका आरोप है कि प्रभारी रेंजर और निर्माण एजेंसी की मिलीभगत से यह काम करवाया गया।
निरीक्षण नहीं… मिलीभगत ज़्यादा…
वन विभाग के अधिकारियों ने सड़क निर्माण का उचित निरीक्षण तक नहीं किया। यही कारण है कि चार महीने में ही सड़क का अस्तित्व समाप्त हो गया। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में जनता के पैसों की बर्बादी और बढ़ेगी।
शिकायतें ठंडे बस्ते में
इसी साल सोनहत और रामगढ़ परिक्षेत्र में स्टाफ डेम निर्माण में गड़बड़ी की शिकायतें संचालक बैकुंठपुर से लेकर वन मंत्री और मंत्रालय तक भेजी गई थीं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। इससे भ्रष्टाचारियों के हौसले और बुलंद हैं।
संचालक के मौन पर उठे सवाल
टाइगर रिजर्व के संचालक लगातार दौरे पर रहते हैं, फिर भी घटिया निर्माण बिना रोकटोक पूरे हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि संचालक मौन क्यों हैं? क्या यह सब कुछ ऊंचे स्तर पर संरक्षण प्राप्त कर रहा है?

टाइगर प्रोजेक्ट पर संकट
इन सबके बीच यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि जब टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ही इस तरह की अनियमितताएं चल रही हैं, तो टाइगर प्रोजेक्ट की सफलता पर भरोसा कैसे किया जाए?, स्थानीय जनता का कहना है कि जब तक पार्क प्रशासन पर सख्ती नहीं होती, तब तक टाइगर रिजर्व विकास की जगह भ्रष्टाचार का गढ़ बनकर रह जाएगा।
कोरिया जन सहयोग समिति करेगी पार्क का घेराव : पुष्पेंद्र
कोरिया जन सहयोग समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजवाड़े ने कहा कि पार्क परिक्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं के संबंध में पूर्व में कई गई शिकायतों पर जांच व कार्यवाही नही होने से क्षेत्र के लोगो मे भारी नाराजगी है, बहुत जल्द पार्क परिक्षेत्र कार्यालय का घेराव कर जांच एवं कार्यवाही की मांग किया जाएगा।

पार्क परिक्षेत्र में अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच हो:जनार्दन गुप्ता
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता जनार्दन गुप्ता ने कहा लंबे समय से हो रही शिकायतों पर जांच व कार्यवाही नहीं होना बेहद दुर्भाग्यजनक है, पार्क परिक्षेत्र के अनियमितताओं पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया।
जनता और संगठनों में रोष…दायर करेंगे जनहित याचिका:जयचन्द
सोनहत क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता जयचंद सोनपाकार ने आरोप लगाते हुए कहा की की राष्ट्रीय उद्यान में अवैघ रूप से गिटटी एवं रेत उत्खनन कर गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्यो में प्रयुक्त किया जा रहा है। जो कि सीधे सीधे नियम विपरीत है कही तालाब टूट रहे हैं कही मिट्टी मुरुम सड़क बह जा रही है, बस कुछ नही हो रहा तो वह है जांच और कार्यवाही, जयचन्द ने कहा कि अब प्रशासन से जांच की उम्मीद नही बची है,जय चंद ने कहा कि पार्क के मामले में जल्द ही न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।
घटिया निर्माण का सिलसिला जारी
सूत्रों के अनुसार,टाइगर रिजर्व के विभिन्न परिक्षेत्र सोनहत,रामगढ़,जनकपुर और कमर्जी में घटिया निर्माण का सिलसिला जारी है,चेकडैम,एनीकट,स्टाफ डेम जैसे कार्यों में जंगली पत्थर और गोल भुरभुरे बोल्डर का उपयोग कर खानापूरी की जा रही है,नियम-कायदे ताक पर रखकर करोड़ों की परियोजनाएं गुणवत्ता रहित तरीके से पूरी की जा रही हैं।
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