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कोरिया@सोशल हैंडल में आपत्तिजनक पोस्ट मामले में न्यायालय ने लिया संज्ञान, पुलिस को निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट पेश करने चिरमिरी कोर्ट ने किया आदेशित

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-रवि सिंह-
कोरिया,04 नवंबर 2025 (घटती-घटना)। बीते दिनों प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल के स्वास्थ्य विभाग और उनके जनहित कार्यों को दरकिनार करते हुए सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी और पोस्ट करने वाले रायपुर निवासी देवेंद्र किशोर गुप्ता के मामले में आवेदक बने एमसीबी के भाजपा जिला महामंत्री द्वारिका प्रसाद जायसवाल ने आज भाजपा कार्यालय बड़ा बाजार चिरमिरी में प्रेस वार्ता का आयोजन कर प्रेस से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि रायपुर निवासी देवेंद्र किशोर गुप्ता हमारे मनेंद्रगढ़ विधानसभा के लोकप्रिय नेता और प्रदेश के यशस्वी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की और अपने सोशल हैंडल में पोस्ट कर श्याम बिहारी जायसवाल जी के छवि को खराब करने के लिए विपक्षी पार्टियों के षडयंत्र का हिस्सा बने और एक के बाद एक कई पोस्ट डाले जो विधि सम्मत नहीं है। इस मामले में जिला महामंत्री ने बताया कि मै और एमसीबी जिले के प्रत्येक कार्यकर्ता उक्त पोस्ट से हतप्रद हुए है और इसी को लेकर मैने पहले चिरमिरी थाने में शिकायत की थी, किंतु संज्ञेय अपराध ना होना बताकर कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसके बाद देवेंद्र गुप्ता मसले पर चर्चा तात्कालिक पुलिस अधीक्षक श्री सी एम सिंह से हुई और उन्होंने आश्वस्त किया था कि इस प्रकरण में अपराध बनता है और स्नढ्ढक्र दर्ज की जाएगी परन्तु फिर भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होता देख मैं माननीय न्यायालय चिरमिरी के समक्ष 174/175(3) नागरिक सुरक्षा संहिता में परिवाद दायर किया जिसे न्यायालय चिरमिरी ने संज्ञान में लिया और चिरमिरी पुलिस को आदेशित किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। फिलहाल उपरोक्त मामले में जिला महामंत्री ने अपने शिकायत के आठवें विंदु को पढ़कर पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखते हुए श्री जायसवाल ने कहा है कि रायपुर निवासी देवेंद्र किशोर गुप्ता यह जानते हुए सोशल मीडिया में पोस्ट किया था कि मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की ख्याति विपरीत रूप से प्रभावित हो, यह ख्हृस् की धारा 356 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है और उक्त विषय में फेसबुक जैसे सोशल प्लेटफार्म में बार बार पोस्ट होने से एक लोक सेवक अपने कर्तव्यों का निष्पादन करने में भय से ग्रसित होने का अनुभव करे। आरोपी का यह कृत्य भी बीएनएस की धारा 132 के तहत दंडनीय अपराध है वही इलेक्ट्रानिक अभिलेख में कूट रचना कर जनता के समक्ष प्रस्तुत करना जिससे लोक सेवक को नुकसान हो, यह भी बीएनएस की धारा धारा 336(1) में उल्लेखित है। जिसे माननीय कोर्ट ने संज्ञान में लिया और इसी पर कोर्ट के फैसले के सम्मान में कड़ी सजा दिए जाने की उम्मीद मै जता रहा हु। आज के इस प्रेसवार्ता कार्यक्रम में नगर के मेयर राम नरेश राय, मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनकर, मंडल महामंत्री, भाजपा जिला कार्यकारिणी के विभिन्न पदाधिकारी, चिरमिरी मंडल के पदाधिकारी, महिला मंडल और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अब देखना है कि पुलिस इसमें कार्रवाई करने से कैसे बचाती है।


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