
- कार्यालय के भीतर आवारा कुत्तों का डेरा…आने-जाने वालों के लिए बना खतरा…अधिकारी मौन
- आवारा कुत्तों के कारण कभी भी घट सकती है कोई घटना,जिला शिक्षा अधिकारी को देना होगा ध्यान
- एक दो नहीं बड़ी संख्या में कुत्तों का कार्यालय के भीतर रहता है डेरा,टेबल कुर्सियों के नीचे वह दिन में ही करते हैं आराम
- कुत्ते कार्यालय के लिए पालतू लेकिन आगंतुकों के लिए वह खतरनाक और जानलेवा
-रवि सिंह-
कोरिया 31 अक्टूबर 2025 (घटती-घटना)।
कोरिया जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का रंग-रोगन कर उसे भव्य रूप तो दे दिया गया,लेकिन अंदरूनी व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है। कार्यालय में अव्यवस्था का आलम यह है कि अब वहाँ आवारा कुत्तों ने स्थायी डेरा जमा लिया है, टेबल-कुर्सियों के नीचे बैठे,बरामदे में आराम फरमाते,और परिसर में इधर-उधर घूमते ये कुत्ते अब रोज़ का नज़ारा बन गए हैं। कर्मचारियों से लेकर आगंतुकों तक सभी इनसे परेशान हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बता दे की जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोरिया का रंग रोगन कर उसको भव्य स्वरूप तो प्रदान कर दिया गया लेकिन यदि कार्यालय के अंदर की व्यवस्था की बात की जाए तो वह भगवान भरोसे है और जिसको लेकर न जिला शिक्षा अधिकारी गंभीर हैं और न ही कार्यालय के अन्य कर्मचारी,कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्था की एक तस्वीर दैनिक घटती घटना के हांथ लगी है जिसमें साफ नजर आ रहा है कि आवारा कुत्ते किस तरह कार्यालय में घुसकर आराम से भ्रमण कर रहे हैं कैसे वह कार्यालय में कहीं भी आने जाने स्वतंत्र हैं,आवारा कुत्तों से रेबीज का खतरा भी रहता है यह जानते हुए भी न अधिकारी और न कोई कर्मचारी इस ओर ध्यान देता है कि कैसे आवारा कुत्तों का कार्यालय के भीतर प्रवेश वर्जित किया जाए,बताया जाता है कि आवारा कुत्ते कार्यालय आने वाले लोगों पर हमला भी करने की कोशिश करते हैं और कई बार लोग कुत्तों के हमले से बच चुके हैं, पूरे मामले में यह ध्यान देने वाली बात है कि जब लगातार कुत्तों के हमलों से लोगों के घायल होने गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने आ रही है तो ऐसे में एक दिन भर आगंतुकों के आने जाने वाले कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी इस मामले में क्यों नहीं गंभीर हैं वह क्यों नहीं आवारा कुत्तों को कार्यालय के भीतर आने से रोकना चाहते हैं,कार्यालय आने जाने वालों ने ही तस्वीर उपलब्ध कराते हुए बताया कि आवारा कुत्तों का भय बना रहता है कि कब वह हमला कर दें वहीं उन्होंने बताया कि आवारा कुत्ते कार्यालय में कहीं भी नजर आ जाते हैं वह टेबल कुर्सी के नीचे भी बैठे मिल जाते हैं और कई बार बरामदे से लेकर बाहर के गेट तक वह मिल जाते हैं, कुत्तों से डरकर कई बार लोग बिना काम निपटाए निकल जाते हैं ऐसा लोगों का कहना है।वैसे पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को ध्यान देना चाहिए जिससे कभी कोई अप्रिय घटना न घट सके, उम्मीद है खबर प्रकाशन के बाद आवारा कुत्तों के मामले से अनभिज्ञ जिला शिक्षा अधिकारी ध्यान देंगे और वह कम से कम अपने कार्यालय अपने वातानुकूलित कक्ष की बजाए भी अन्य कक्षों का भ्रमण करेंगे और वह आवारा कुत्तों के मामले में ठोस कोई निर्णय लेंगे।

कभी भी घट सकती है कोई घटना
कार्यालय में आने-जाने वाले लोगों के मुताबिक,कई बार आवारा कुत्तों ने हमला करने की कोशिश भी की है, जिससे लोग बाल-बाल बचे हैं, कार्यालय में रोजाना जिलेभर से लोग अपने कार्यों के लिए आते हैं, लेकिन कुर्सियों के नीचे और बरामदे में बैठे कुत्तों के बीच बैठकर उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। लोग भयभीत रहते हैं कि कहीं अचानक कोई कुत्ता काट न ले।
कुत्तों को लेकर सभी मौन,कोई जिम्मेदारी नहीं
कर्मचारी और अधिकारी दोनों इस स्थिति से पूरी तरह बेपरवाह हैं। कई आगंतुकों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत मौखिक रूप से कई बार की है, लेकिन न तो जिला शिक्षा अधिकारी ने ध्यान दिया, न ही किसी स्तर पर कोई कदम उठाया गया।
कार्यालय या कुत्तों का अड्डा?
कार्यालय का हर कोना,चाहे लिपिक शाखा हो या बरामदा,कुत्तों से भरा रहता है,दिन के समय भी कुत्ते खुलेआम अंदर घूमते देखे जा सकते हैं। कभी टेबल के नीचे सोते, तो कभी बरामदे में झगड़ते, मानो कार्यालय उन्हीं के लिए बना हो,अब तो कर्मचारी भी इन्हें “पालतू मेहमान की तरह देखने लगे हैं,लेकिन आगंतुकों के लिए ये जानलेवा साबित हो सकते हैं।
देशभर में कुत्तों के हमले बढ़े, पर यहां लापरवाही बरकरार
देश और प्रदेश के कई हिस्सों में आवारा कुत्तों के हमलों से घायल या मौत की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद कोरिया जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय इस खतरे को नज़रअंदाज़ कर रहा है, आवारा कुत्तों का जमावड़ा प्रशासनिक लापरवाही का जीवंत उदाहरण बन गया है।
अब कार्रवाई का वक्त
खबर सामने आने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं कार्यालय का निरीक्षण करेंगे और आवारा कुत्तों को परिसर से बाहर निकालने के लिए ठोस कदम उठाएँगे, आख़िर सवाल यह है कि – क्या कोई बड़ी घटना होने का इंतजार है या प्रशासन अब जागेगा?
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