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बैकुण्ठपुर@सुनिह अरज छठी मईया…बढ़े कुल परिवार…

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छठ महापर्व में उमड़ा आस्था का सैलाब, डूबते सूर्य को अर्पित हुआ प्रथम अर्घ्य
जिले ढलते सूर्य देव को अर्घ्य देकर मनाया गया छठ व्रत
नगरपालिका परिषद की शानदार व्यवस्था के साथ जोडतालब झुमका सहित सभी छठ घाटों में सम्पन्न हुआ छठ व्रत
बैकुण्ठपुर,पटना सोनहत,चरचा खरवत  कटगोड़ी में अलग अलग स्थानों पर मनाया गया पर्व
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल व विधायक भैयालाल भी पहुँचे छठ घाट क्षेत्र के लिए की मंगल कामनाएं
छठ महापर्व में उमड़ा आस्था का सैलाब, डूबते सूर्य को अर्पित हुआ प्रथम अर्घ्य

बैकुण्ठपुर/चिरमिरी/सोनहत/पटना 27 अक्टूबर 2025 (घटती घटना)। संतान के सुख-सौभाग्य,समृद्धि और सुखी जीवन की कामना के लिए किया गया छठ व्रत। सोमवार को संध्या समय में डूबते सूर्य को दिया गया अर्घ्य। छठ पर्व को लेकर क्षेत्र में दिखा भारी उत्साह,छठ गीतों से गूंज उठा पूरा क्षेत्र। छठी मैया देहलू आशीशीया, चहके अंगना दुवार…की स्वर लहरियों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत गाते हुए घरों से निकलीं और तालाब तक के सफर को गीतों से पवित्र बना दिया। दृश्य इतना आकर्षक था कि हर कोई भक्ति और उत्साह में डूब गया। रविवार को नहाय-खाय से आरंभ हुए चार दिवसीय छठ महापर्व का सोमवार की शाम पहला अर्घ्य समर्पण के साथ चरम पर पहुँचा। पटना के झूमर तालाब व बुढ़ा सागर तालाब, कटकोना एसईसीएल तालाब,और गोबरी जलाशय में,चिरमिरी के बड़ी बाजार,डोमनहिल,पोड़ी,बैकुंठपुर के विभिन्न तालाबों में, नदी तटों पर, चरचा के नदी घाट पर श्रद्धालुओं ने पानी में खड़े होकर सूर्य देव को कंद-मूल और फलों से अर्घ्य अर्पित किया। महिलाएं सिर पर फलों और पूजा सामग्रियों से सजी सूप लेकर पारंपरिक गीतों के साथ सूर्य उपासना में लीन दिखीं। सोनहत क्षेत्र के घाटों पर छठ व्रतियों के परिवार के सदस्य सिर पर फल और पूजन सामग्री से सजे सूप, दउरा लेकर पहुंचे, यहां सामूहिक रूप से एक साथ हजारों हाथों ने सूर्य देव को अर्घ्य देकर मंगल कामना की, मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ व्रत संपन्न होगा, गेज नदी तट पर गढ़ेलपारा में छठी मइया के भक्ति गीतों से आस्था की लहर उठने लगी, अर्घ्य से पहले गंगा आरती से आराधना की गई, पुत्र प्राप्ति, समृद्धि एवं मंगलकामना के पर्व छठ को लेकर सूर्य देव को पहला अर्घ्य दिया गया, गेज नदी तट और श्रीराम मंदिर छठ घाट और जोड़ातालाब पर छठ पूजा का विशेष माहौल रहा, अन्य तालाब और जलाशयों में भी सूर्य देव को अर्घ्य दिया गया, छठव्रतियों ने डूबते सूर्य एवं छठमाता की आराधना की, इस दौरान आतिशबाजियां और गाजे-बाजे से माहौल रंगीन रहा।

प्रकृति और आस्था का संगम
लोक आस्था के इस पर्व में सूर्यदेव की उपासना के साथ-साथ जल, वायु और मिट्टी की भी आराधना की जाती है। पहले यह पर्व बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीमित था, लेकिन अब इसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देती है। लोग कठिन व्रत रखकर भी हर्ष-उल्लास के साथ इसमें भाग ले रहे हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और भोर का अर्घ्य शामिल है। 36 घंटे के निर्जला व्रत में संतान सुख और पारिवारिक समृद्धि की कामना की जाती है।

सुरक्षा और तैयारी के पुख्ता इंतजाम
छठ घाटों पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी। पंडाल, रोशनी और जल प्रबंधन की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। स्थानीय युवाओं ने भी घाटों की सफाई में सक्रिय भूमिका निभाई। शाम होते ही घाटों पर दीपों की कतारों ने मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया।
फल और प्रसाद का महत्व
छठ महापर्व पर केले, सेव, संतरा, मुसंबी, सिंघाड़ा, अनानास, बैर, सुथनी और लालकंदा जैसे फल सूर्य देव को अर्पित किए जाते हैं। व्यापारी दो दिन पूर्व ही बाहर से फल मंगवा लेते हैं ताकि समय पर श्रद्धालुओं को उपलब्ध हो सकें।
परंपरा और कथा
छठ व्रत की परंपरा प्राचीन है। पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, राजा प्रियव्रत की संतानहीनता के दुख को दूर करने के लिए देवी षष्ठी ने वरदान दिया था। तभी से यह व्रत संतान सुख और कल्याण के लिए किया जाने लगा।
छठ गीतों से गूंजा पूरा इलाका
“भइल भिनूसर अइल अरघ के वक्तीया, उगा हो सूरुजमल लेके अपन रथिया…”महिलाओं द्वारा गाए जा रहे इन गीतों ने वातावरण को भक्ति से भर दिया। बच्चे, युवा और वृद्ध – सभी सूर्योपासना में सम्मिलित हुए।
छठ पर्व मानने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, हिंदू आस्था के इस पर्व पर प्रकृति पूजा का महत्व ही इस पर्व की परंपरा
छठ पर्व मनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तरप्रदेश तक पहले मनाए जाने वाले इस पर्व को अब हर जगह मनाया जाने लगा है,इस पर्व में प्रकृति की आराधना का भाव स्पष्ट रूप से झलकता है और व्रती इस दिवस प्रकृति की ही पूजा करते हैं और यही परंपरा है,अस्तलचलगामी सूर्यदेव और उदीयमान सूर्यदेव को प्रकृति द्वारा उत्पन्न विभिन्न फलों फूलों से अर्घ्य देने की यह परंपरा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करने का एक प्रयास है।


अस्त और उदय ही जीवन है,दोनों का जीवन में अपना महत्व है,यह पर्व जीवटता का प्रतीक है : श्याम बिहारी जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बधाई देते हुए कहा कि,अस्त होना और उदय होना ही जीवन है,डूब चुका ही उदीयमान होगा यह छठ पर्व की नसीहत है,यह पर्व और इसका उत्साह इंसानी जीवटता को दर्शाता है,यह कठिन तपस्या का पर्व है और श्रद्धालुओं अनेकों कठिनाइयों का सामना कर इस पर्व को उत्साह के साथ मनाते हैं। जीवन में हार नहीं मानकर आगे बढ़ने की सीख देता है यह पर्व, प्रदेश के हर व्यक्ति को माता छठी सुखी प्रसन्न रखें कामना उन्होंने की।


छठ पर्व का उत्साह देखते ही बनता है, श्रद्धालुओं को बधाई,भईयालाल राजवाड़े,विधायक बैकुंठपुर
छठ पर्व पर बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों को बधाई दी है और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं प्रदान करते हुए उन्होंने कहा कि यह पर्व काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है, उन्होंने बताया कि वह इस पर्व में सम्मिलित होकर प्रकृति पूजा का हिस्सा बनना नहीं भूलते हैं।

छठ पर्व की जिलेवासियों को बधाई,यह पर्व आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का पर्व है, मोहित राम पैकरा अध्यक्ष जिला पंचायत कोरिया
छठ पर्व की बधाई जिला पंचायत अध्यक्ष कोरिया मोहित पैकरा ने भी दी है,उन्होंने जिला वासियों को बधाई देते हुए इसकी महत्ता का भी वर्णन किया और बताया कि यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का पर्व है,और इसमें श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है।


क्षेत्रवासियों को छठ पर्व की बधाई,अशोक जायसवाल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बैकुंठपुर
छठ पर्व की बधाई पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बैकुंठपुर अशोक जायसवाल ने भी दी है, उन्होंने क्षेत्र के लोगों के बेहतर स्वास्थ और जीवन में प्रगति की कामना छठी मईया से की है।


नगर में आस्था के साथ मनाया जाता है छठ पर्व,नगर वासियों क्षेत्र वासियों को बधाई, गायत्री सिंह अध्यक्ष नगर पंचायत पटना
नगर पंचायत पटना की प्रथम अध्यक्ष गायत्री सिंह ने सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी है और उन्होंने बताया कि नगर में काफी पुराने समय से यह पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है और दीपावली के बाद से ही श्रद्धालु इस पर्व की तैयारी में जुट जाते हैं,यह हफ्ते भर तक तैयारियों के बाद मनाए जाता है और इस दौरान काफी उत्साह नजर आता है।


छठी मईया सभी को स्वस्थ और निरोगी रखें राम नरेश राय महापौर चिरमिरी
छठ पर्व की बधाई चिरमिरी नगर निगम के महापौर राम नरेश राय ने भी देते हुए छठी मईया से कामना की है कि छठी मईया सभी को स्वस्थ रखें और निरोगी रखें। छठ पर्व को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर्व की महिमा ही तो है कि इस पर्व का विस्तार लगातार हो रहा है,आस्था के साथ लोगों का विश्वास भी इस पर्व के प्रति बढ़ रहा है,यह पर्व कठिन तपस्या का पर्व है और सभी श्रद्धालुओं को उन्होंने बधाई भी दी है।


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