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कोरिया@उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देश के परिपालन में प्रधान जिला न्यायाधीश,कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक ने जिला जेल का किया निरीक्षण

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कोरिया,20 सितंबर 2025 (घटती-घटना)। माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के दिशा निर्देश के परिपालन में प्रधान जिला न्यायाधीश, कलेक्टर कोरिया,पुलिस अधीक्षक कोरिया ने जिला जेल का निरीक्षण किया, यह निरीक्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय के रिट-पिटिशन सुकन्या संस्था विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित निर्णय के परिपालन में दिनांक 19 सितंबर 2025 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष शैलेश कुमार तिवारी, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा अग्रवाल, सचिव डीएलएसए अमृता दिनेश मिश्रा विजिटर बोर्ड के अन्य सदस्यों द्वारा जिला जेल बैकुंठपुर का निरीक्षण किया गया,निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा बंदियों के जिले में निरुद्ध रहने के दौरान मिलने वाले अधिकारों एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली गई,यह सुनिश्चित किया गया कि सभी कैदियों को समय पर विधिक सेवाएं प्रदान कराए जाएं,उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव न हो, निरीक्षण बोर्ड द्वारा सभी बंदियों से चर्चा की गई,निरीक्षण के दौरान जिला जेल में जातिगत भेदभाव या अन्य भेदभाव नहीं पाया गया, साथ ही इंफ्रास्ट्रख्र, बंदियों के बैरक बंदियों के लिए जेल में बने शौचालयों की स्थिति उसके साफ सफाई की समीक्षा की गई,प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं कलेक्टर ने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी जांची,बंदियों से मिलकर उनकी समस्याओं को भी सुना साथ ही जेल में स्थापित लीगल एड क्लिनिक में उपलब्ध सुविधा एवं लीगल एड क्लिनिक के माध्यम से बंदियों को दी जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया, माननीय उच्चतम न्यायालय के रिट पिटिशन (सी) क्रमांक -1404/2023 सुकन्या संस्था विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया में व अन्य में पारित निर्णय दिनांक 3 अक्टूबर 2024 में दिए निर्देश के परिपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व डिस्टि्रक्ट विजिटर बोर्ड कोरिया द्वारा प्रत्येक तीन माह में जिला जेल बैकुंठपुर कोरिया का निरीक्षण किया जाता है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि बंदियों के साथ जेल में किसी प्रकार का जातिगत भेदभाव या अन्य भेदभाव नहीं किया जाता है।


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