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रायपुर/सूरजपुर/कोरिया@एक जेब में नेता और दूसरी जेब में पैसा, जिसके दम पर आयोजित होनी थी राजधानी में न्यूड पार्टी?

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-रवि सिंह-
रायपुर/सूरजपुर/कोरिया 16 सितम्बर 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के तृतीय श्रेणी सहायक ग्रेड 2 के कर्मचारी क्या एक जेब में नेता को और दूसरे जेब में पैसा को लेकर नौकरी कर रहे हैं,ऐसे सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि हाल ही में प्रदेश की राजधानी से एक मामला सामने आया है जिसमें राजधानी में न्यूड पार्टी का आयोजन किया जाना था जिसका प्रचार प्रसार जारी था और जिसका मास्टरमाइंड कोरिया जिला निवासी साथ ही सुरजपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में सहायक ग्रेड दो के पद पर पदस्थ एक लिपिक है, यह कर्मचारी छत्तीसगढ़ का सबसे चर्चित कर्मचारी है,इसे गोल्डमैन के नाम से भी जाना जाता है और उसके कारनामे किसी से छिपे नहीं है,अभी हाल ही में सूरजपुर जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगने के बाद किसी दूसरे पार्टी को भुगतान करने के मामले में अपराध इसके ऊपर दर्ज हुआ था वहीं इसके ऊपर कई बार भर्तियों में अवैध रूप से करोड़ों वसूलने का आरोप है,अब इस कर्मचारी के ऊपर रायपुर में न्यूड पार्टी आयोजित करने के मामले में अपराध दर्ज हुआ है,यह कर्मचारी एक छोटे कर्मचारी समूह से आता है लेकिन रायपुर में इसका आलीशान हाइपर क्लब चलता है जहां पर नेता व अधिकारियों को यह निशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराता है ऐसा सूत्रों का कहना है,इस कर्मचारी को संरक्षण हर सरकार में मिलता आया है जिस वजह से आज एक कर्मचारी अपने आप में कई करोड़ों का संपत्ति इकट्ठा कर चुका है,आखिर इस कर्मचारी को इतना संरक्षण कैसे मिला अपराध दर्ज होने के बाद भी उसकी नौकरी नहीं गई आज भी वह सूरजपुर जिले में पदस्थ है इस बार उसके ऊपर न्यूड पार्टी आयोजित करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया है।
जेम्स बेक के, ये काले कारनामे ने उसे प्रदेश में किया प्रसिद्ध?
स्ट्रेंजर पार्टी कराने वाले हाइपर अपरिचित क्लब का संचालक कोरिया बैकुंठपुर का जेम्स बेक है। वह कोरिया और सूरजपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क था। भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़े के कई मामलों में उसका नाम पहले भी आ चुका है। 2012 में एनपीडब्ल्यू भर्ती में धांधली के आरोप में उसे निलंबित किया गया था। जांच रिपोर्ट में फाइल गायब करने और फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि के चार साल बाद उसकी बहाली कर दी गई। फिर उसकी पोस्टिंग सूरजपुर में हुई, जहां कागजी हेराफेरी और फर्जी बिलिंग कर लाखों का गबन किया। जांच में सामने आया कि उसने सीएमएचओ की अनुमति के बिना मंत्रालय फर्जी आहरण कर लिया। उसे सूरजपुर जिले से सस्पेंड कर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) भेजा गया। कोविड से काल में ऑक्सीजन प्लांट भुगतान घोटाले में उसका नाम एक बार फिर सामने आया। सूरजपुर थाने में मामला दर्ज हुआ। इसके बाद वह लंबे समय से निलंबित था। माना जाता है कि मंत्रालय में उसकी गहरी पैठ है, जिससे वह बार-बार बच निकलता है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत जेम्स बेक भ्रष्टाचार और घोटाले के मामले में कई बार सस्पेंड हुआ,लेकिन सख्त कार्रवाई कभी नहीं हुई। वर्ष 2012 में भर्ती घोटाले में दस्तावेज और फाइल गायब करने शामिल पाए जाने के बाद निलंबित किया गया था। जांच रिपोर्ट में फर्जी की पुष्टि के बावजूद चार साल के अंदर ही उसकी बहाली कर दी गई।


राजधानी में न्यूड पार्टी आयोजन को लेकर की गई कार्रवाई
न्यूड पार्टी मामले में रायपुर पुलिस ने खुलासा कर बताया की मामले में प्रमोशन और प्रमोट करने वाले सहित 7 गिरफ्तार हुए है। 13.09.2025 को सोशल मिडिया एवं अन्य माध्यम से पुलिस को जानकारी प्राप्त हुई कि अपरिचित क्लब प्रस्तुत के द्वारा रायपुर की सबसे बड़ी स्ट्रेंजर हाउस/पूल पार्टी का आयोजन दिनांक 21.09.2025 को 04.00 बजे से मध्य रात्रि तक वीआईपी रोड के किसी फार्म हाऊस/पब/पूल में आयोजित किया जाएगा, जिसमें पुलिस के द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए अपरिचित क्लब के संचालक एवं पूल पार्टी के आयोजकों एवं मोबाइल नंबर के धारकों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 592/25 धारा 4 स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम, धारा 67 आईटी एक्ट एवं धारा 79 भारतीय न्याय संहिता का अपराध पंजीबद्ध किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर विंग टीम द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों तथा वेब पोर्टल में उक्त पार्टी से संबंधित प्रचारित एवं प्रसारित हो रहे पोस्टर व इससे संबंधित मोबाईल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। तकनीकी विश्लेषण के दौरान आरोपियों के संबंध में जानकारी एकत्र करते हुए, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा आरोपियों की पतासाजी करते हुए भेजा गया जिसमे 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया।
कोरिया जिले के सोनहत में 2004 में हुई थी नियुक्ति
जेम्स की नियुक्ति 2004-05 में कोरिया जिले के सोनहत स्वास्थ्य केंद्र में क्लर्क पद पर हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अनुसार करीब आठ साल तक वह कोरिया में पदस्थ रहा। 2012 में भर्ती घोटाले के चलते पहली बार उसका नाम सुर्खियों में आया। इसके बाद उनका तबादला सूरजपुर जिला स्वास्थ्य विभाग में हुआ। यहां फर्जी बिलिंग और गड़बडि़यों के गंभीर आरोप लगे। भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े में लिप्त होने पर कई बार निलंबित भी हुआ, लेकिन हर बार किसी न किसी तरह बहाल होकर पद पर लौट आया। लगातार विवादों के बावजूद जेम्स गड़बडि़यों से बाज नहीं आया।
सरकारी बाबुओं की असली कहानी बयान करता है जेम्स बेक का जीवन परिचय
कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग से नौकरी आरंभ करने वाला लिपिक जेम्स बेक सहायक ग्रेड 3 से शासकीय सेवा में आया, कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में काम करते हुए उसने बाबुओं की क्षमता को नया आयाम दिया और भ्रष्टाचार से उसका नाम जुड़ना शुरू हुआ,इसने भ्रष्टाचार के बल पर खुद को गोल्ड मैंन की भी उपाधि दिलाई और फिर इसका तबादला सुरजपुर जिले के लिए जिला गठन उपरांत हो गया,सूरजपुर जिले में उसने अपनी कार्यप्रणाली को और निखारा और भ्रष्टाचार के नए आयाम स्थापित किए,भर्ती सहित खरीदी में इसका नाम सुर्खियों में बना रहा और कई बार शिकायतें हुईं और प्राथमिकी भी दर्ज हुई लेकिन उसका कुछ कोई नहीं बिगाड़ सका। जेम्स बेक तब तक एक बड़ा नाम बाबुओं में बनकर उभर चुका था जिसने बाबू की कमाई से राजधानी के वीआईपी रोड में हाइपर क्लब के नाम से संचालित एक क्लब का संचालन शुरू कर दिया और फिर यह अधिकाशं राजधानी में ही रहने लगा। इस बाबू को कभी शासकीय नियमों कायदों से बंधा नहीं पाया गया और यह बाबुओं की असली सच्चाई उजागर करता रहा कि कैसे अधिकारियों से भी अधिक आगे बढ़ सकता है एक बाबू,इसके साथ के बाबुओं की भी हैसियत इसके जैसी बनती रही यह बाबुओं के लिए प्रेरणा बनता गया यह भी बताया जाता है। आज यह बाबुओं का सरताज है जिसे बाबू अपने लिए आदर्श भी मानते हैं ऐसा बताया जाता है।
क्या जेम्स के हाइपर क्लब में अधिकारियों सहित नेताओं को मिलती थी वीआईपी सेवा?
वैसे जेम्स बेक का हाइपर क्लब वीआईपी रोड रायपुर में स्थित था और यह क्षेत्र काफी हाई फाई क्षेत्र माना जाता है और यह महंगे क्षेत्र के रूप में राजधानी में जाना जाता है, इस क्षेत्र में क्लब का संचालन आम बात नहीं है, बताया जाता है यह क्लब वीआईपी ट्रीटमेंट क्लब बन गया था और सूत्रों का कहना है यहां हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी,यह क्लब अपने यहां मौजूद सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य जगहों पर भी सुविधा उपलब्ध कराने का काम करता था ऐसा बताया जाता है,वैसे जैसा सूत्रों का दावा है क्या हाइपर क्लब अधिकारियों सहित नेताओं के लिए वीआईपी सुविधा उपलब्ध कराने ही संचालित था,क्या यहां वीआईपी ट्रीटमेंट के नाम पर वह सुविधा मुहैया कराई जाती थीं जो कहीं न कहीं गैर कानूनी भी सुविधाएं कही जा सकती हैं,वैसे हाइपर क्लब काफी रहस्यमई क्लब के रूप में विख्यात है ऐसा कहा जाता है जहां आम व्यक्ति का पहुंचना मुश्किल था और जहां वीआईपी मूवमेंट तगड़ा था।
फार्म हाउस में आयोजित होनी थी पार्टी पार्टी से पहले पकडे गए ये आरोपी
आरोपी संतोष जेवानी एवं अजय महापात्रा इवेंट ऑर्गेनाइज करने वाले थे। आरोपी संतोष गुप्ता जिसका भाठागांव में एस.एस. नाम से फार्म हाउस है, उक्त इवेंट हेतु संतोष गुप्ता द्वारा अपना फार्म हाउस उपलब्ध कराया गया था। आरोपी अवनीश गंगवानी द्वारा इवेंट का प्रमोशन कराया जा रहा था एवं व्हाट इज रायपुर नाम से इवेंट का करता है प्रमोशन। आरोपी जेम्स बेक वीआईपी रोड तेलीबांधा रायपुर स्थित हाइपर क्लब का मालिक/संचालक है,जो दीपक सिंह एवं देवेन्द्र कुमार यादव के साथ मिलकर अपने क्लब के माध्यम से इस इवेंट को प्रमोट कर रहे थे,उक्त इवेंट में जिन व्यक्तियों ने अपने बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर अपनी एंट्री करायी है,ऐसे व्यक्तियों की भी जांच की जा रहीं है। गिरफ्तार आरोपी संतोष गुप्ता पिता स्व. जागेश्वर प्रसाद गुप्ता उम्र 68 साल निवासी मकान नंबर 25 बरसाना इन्क्लेव महोबा बाजार थाना आमानाका रायपुर। संतोष जेवानी पिता परसराम जेवानी उम्र 30 साल निवासी जोरा पाटीदार भवन के पीछे थाना तेलीबांधा रायपुर। अजय महापात्रा पिता जुगल किशोर महापात्रा उम्र 35 साल निवासी गायत्री नगर न्यू सेंट वेरी कालोनी मकान नंबर ए 14 थाना खम्हारडीह रायपुर। अवनीश गंगवानी पिता रमेश गंगवानी उम्र 31 साल निवासी ब्यूटी पार्लर के पास अवंति विहार थाना खम्हारडीह रायपुर।जेम्स बेक पिता स्व. जॉन बेक उम्र 59 साल निवासी अवंति विहार विजय नगर थाना खम्हारडीह रायपुर। दीपक सिंह पिता स्व. रमाशंकर सिंह उम्र 39 साल निवासी हायपर क्लब तेलीबांधा थाना तेलीबांधा रायपुर, देवेन्द्र कुमार यादव पिता अश्वनी कुमार यादव उम्र 37 साल निवासी हाउसिंग बोर्ड कालोनी थाना खम्हारडीह रायपुर।
छापेमारी में जेम्स समेत सात आरोपी हुए थे गिरफ्तार
जांच में सामने आया है कि जेम्स रायपुर के चर्चित हाइपर क्लब का संचालक है। अपरिचित क्लब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्ट्रेंजर पार्टी का प्रचार करता था। युवाओं से ऑनलाइन एंट्री फीस वसूली जाती थी। 21 सितंबर को भाठागांव के फार्म हाउस में स्ट्रेंजर पूल पार्टी की जानी थी। पुलिस को इसकी भनक लगी और समय रहते कार्रवाई कर दी गई। छापेमारी में जेम्स बेक सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।
बैकुंठपुर में आलीशान घर
स्वास्थ्य विभाग के लिपिक से लेकर अश्लील आयोजनों का संचालक बनने तक की कहानी जेम्स की ऐशो-आराम की जिंदगी को उजागर करती है। बैकुंठपुर के खुटहन पारा में उसका आलीशान घर है। वह हमेशा सिर से पांव तक सोने के आभूषणों से लदा रहता है। लग्जरी गाडि़यों का शौक इतना कि उसके पास ऑडी, फॉर्च्यूनर, इनोवा और क्रेटा जैसी गाडि़यां हैं। उसकी लाइफ स्टाइल हमेशा चर्चा में रही, लेकिन रायपुर की स्ट्रेंजर पार्टी कांड ने उसकी असलियत को पूरी तरह बेनकाब कर दिया।
जेम्स बेक का मोबाइल डिटेल निकल गया तो
कई अधिकारी व नेताओं से निकलेंगे संपर्क
जेम्स बेक के संपर्क ऊंचे हैं यह माना जाता है क्योंकि वह हर बार बड़ी से बड़ी मुसीबत से बच निकलता है। एक बार फिर वह अपनी आदतों के कारण कानून की जद में आया है और माना जा रहा है वह फिर बच निकलेगा,वैसे माना यह भी जाता है कि केवल उसके मोबाइल कॉल डिटेल साथ ही हाइपर क्लब की सीसीटीवी फुटेज ही जांच के दायरे में आ जाए कई बड़े अधिकारियों सहित नेताओं से उसके संपर्क सामने आ जाएंगे। अधिकारियों नेताओं से उसके संबंध की पुष्टि के लिए ऐसी मांग हो रही है कि उसके मोबाइल कॉल डिटेल सहित उसके हाइपर क्लब की सीसीटीवी फुटेज जांच के दायरे में आएंगे और सब कुछ साफ नजर में लाया जाए।
कोरिया जिला निवासी सूरजपुर स्वास्थ्य विभाग का बाबू न्यूड पार्टी का मास्टरमाइंड,आरोप
कोरिया जिले का निवासी साथ ही सूरजपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग का बाबू जेम्स बैक राजधानी में आयोजित होने जा रहे न्यूड पार्टी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है,बताया जाता है कि हाइपर क्लब नाम के क्लब का संचालन यह बाबू राजधानी के वीआईपी रोड में करता है जहां यह बड़े बड़े अधिकारियों सहित नेताओं के संपर्क में भी रहता है,यह न्यूड पार्टी आयोजन तय हो चुका था और इसमें एंट्री भी हो चुकी थी शामिल होने वालों की यह बताया जा रहा है,जेम्स बेक वैसे अपने नए नए कारनामों के लिए पहले से विख्यात है और यह मामला उसके साथ जुड़ने से किसी को आश्चर्च नहीं हो रहा है, कोरिया जिले के लोग इसे कहीं से ऐसी घटना मामला नहीं मान रहें हैं जिसको लेकर आश्चर्य व्यक्त किए जाने की आवश्यकता है। जेम्स बेक को लेकर लोगों की राय यही है कि वह ऐसे मामलों से यदि जुड़ता है और वह किसी भी मामले से जुड़ता है यह कहीं से आश्चर्य का विषय नहीं माना जाना चाहिए।
राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण से जेम्स बेक बना गोल्डमैन
जेम्स बेक के गोल्डमैन बनने के पीछे की कहानी बहुत लंबी भी नहीं है,जल्द समय में वह सब कुछ हासिल करता चला गया, इसके लिए उसे राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण की आवश्यकता थी जो उसे मिलता रहा, सरकार किसी की भी रही हों जेम्स बेक का हौसला हमेशा बुलंद रहा और वह अपनी मनमानियां करता रहा,विभाग में भ्रष्टाचार से लेकर न्यूड पार्टियों का मास्टरमाइंड वह ऐसे ही नहीं बना इसके लिए उसे संरक्षण का आभाव कभी नहीं रहा ऐसा बताया जाता है,जेम्स बेक आगे भी जाकर ऐसा नहीं करेगा ऐसा नहीं मानते लोग,लोगों का कहना है जो वह करता आया है वह करेगा ही और वह अपनी कार्यप्रणाली बदलने वाला नहीं।
क्या इस बार स्वास्थ्य विभाग करेगा कड़ी कार्रवाई या फिर हर बार की तरह फिर मिलेगा संरक्षण?
जेम्स बेक स्वास्थ्य विभाग का एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी है,वह अब तक के सेवाकाल में अपनी दोषपूर्ण कार्यप्रणाली के लिए मात्र विख्यात है और जिसके कारण आज वह एक धन्ना सेठ भी बन बैठा है,पहले की उसकी दोषपूर्ण कार्य प्रणालियों को लेकर शिकायतें हुईं और प्राथमिकी भी दर्ज हुई लेकिन ठोस कार्यवाही उसके ऊपर कभी नहीं हुई मामला ठंडे बस्ते में ही डाला गया,एक बार वह पुनः कानूनी कार्यवाही में उलझा हुआ है और शासकीय कर्मचारी होते हुए प्राथमिकी दर्ज होना ही किसी के लिए सेवा शर्तों का उल्लंघन माना जाता है,अब क्या इस बार विभाग स्वास्थ्य विभाग कड़ी कार्यवाही करेगा या उसकी पहुंच और पकड़ के आगे फिर नतमस्तक हो जाएगा और बात आया जाया करके छोड़ देगा। वैसे जेम्स बेक को लेकर स्वास्थ्य विभाग क्यों भयभीत रहता है कार्यवाही के मामले में यह बड़ा सवाल है।


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