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कोरिया@कोरिया जिले में कलेक्टर ने किया प्रशासनिक फेरबदल,एक विवादित तहसीलदार भी बने मुख्यालय के अतिरिक्त तहसीलदार

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-रवि सिंह-
कोरिया,24 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। कोरिया कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिले में प्रशासनिक फेरबदल किया है और उन्होंने एसडीएम बैकुंठपुर दीपिका नेताम की जगह डिप्टी कलेक्टर उमेश पटेल को बैकुंठपुर अनुविभाग का एसडीएम नियुक्त किया है, दीपिका नेताम अब कलेक्टर कार्यालय में विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ संलग्न रहेंगी और वह कहीं न कहीं वह दायित्व निर्वहन करेंगी जो पहले डिप्टी कलेक्टर उमेश पटेल निर्वहन किया करते थे। जिले में आंशिक प्रशासनिक फेरबदल के दौरान एक विवादित तहसीलदार को भी पदस्थापना प्रदान की गई है जो अब मुख्यालय के अतिरिक्त तहसीलदार होंगे।
बता दें कि संजय राठौर जो हाल ही में सुरजपुर जिले में एक जमीन प्रकरण में सुर्खियों में आए थे जिसमें उन्होंने हक में फैसला सुनाते हुए अपनी पत्नी के नाम से कुछ जमीन हासिल किया था जिसके पक्ष में फैसला उन्होंने सुनाया था जिसके बाद उन्हें तब वहां से निलंबित किया गया था कमिश्नर सरगुजा द्वारा। संजय राठौर को अतिरिक्त तहसीलदार बैकुंठपुर बनाया गया है और वह अब अपने से कनिष्ठ तहसीलदार के अधीन रहकर काम करेंगे। संजय राठौर जब सुरजपुर जिले के एक तहसील में तहसीलदार थे तब की उनकी कार्यप्रणाली प्रदेश स्तर की सुर्खियां बनी थीं और उन्हें निलंबित किया गया था कमिश्नर सरगुजा के द्वारा वहीं तब उनके समर्थन में कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ सामने आया था और शायद यही वजह है कि उनकी बहाली जल्द हुई जो इस तरीके से गुपचुप हुई की किसी को पता भी नहीं चला और वह कोरिया पहुंच गए और अब वह अतिरिक्त तहसीलदार बन गए।
डिप्टी कलेक्टर उमेश पटेल कलेक्टर कोरिया के पसंदीदा अधिकारियों में से एक हैं,एसडीएम बैकुंठपुर बनाए गए…
डिप्टी कलेक्टर उमेश पटेल को लेकर बताया जाता है कि वह कलेक्टर कोरिया के पसंदीदा अधिकारियों में से एक हैं, डिप्टी कलेक्टर उमेश पटेल काफी सक्रिय माने जाते हैं अपने कार्यक्षेत्र में,वह वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन को लेकर काफी गंभीरता दिखाते हैं, एसडीएम बैकुंठपुर बनाए जाने के पीछे की वजह भी यही है कि कलेक्टर कोरिया मानती हैं कि वह बैकुंठपुर अनुविभाग को अपनी कार्यप्रणाली से बेहतर आयाम राजस्व प्रकरणों के निराकरण मामले में दिला पाएंगे, युवा अधिकारी और हमेशा कार्य क्षेत्र में तत्परता साबित करने वाले उमेश पटेल डिप्टी कलेक्टर के एसडीएम बनाए जाने से क्षेत्र की जनता भी उत्साहित है जिसमें वह लोग शामिल हैं जिनके राजस्व मामले लंबित हैं,उन्हें विश्वास हुआ है कि उनके मामलों में अब गति आएगी।
फेरबदल में एसडीएम बैकुंठपुर दीपिका नेताम के प्रभावित होने के पीछे की वजह कलेक्टर कोरिया की नाराजगी तो नहीं?
जिला स्तर पर कलेक्टर कोरिया द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल में एसडीएम बैकुंठपुर दीपिका नेताम के प्रभावित होने के पीछे की वजह कलेक्टर कोरिया की नाराजगी बताई जा रही है और यह भी बताया जा रहा है कि कलेक्टर कोरिया शासन के निर्देशों को लेकर गंभीरता से कार्य करना चाहती हैं और हाल फिलहाल में राजस्व मामलों में प्रगति घीमी हुई थी बैकुंठपुर में जिसकी वजह से वह एसडीएम से नाराज थीं और उन्होंने डिप्टी कलेक्टर उमेश पटेल को बैकुंठपुर एसडीएम बनाकर राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी लाने का एक प्रयास किया है। डिप्टी कलेक्टर उमेश पटेल युवा और अनुभवी अधिकारी हैं और वह कलेक्टर कोरिया के सबसे पसंदीदा अधिकरियों में से एक माने जाते हैं क्योंकि वह निर्देशों के प्रति सजगता से कार्य करने में ध्यान लगाते हैं।
कोरिया कलेक्टर चंदन त्रिपाठी प्रशासनिक कसावट लाने में प्रयासरत,शासन के निर्देशों के प्रति काफी गंभीरता प्रदर्शित करती हैं जिस वजह से वह कार्रवाई की मनसा में रहती है…
प्रदेश के मुख्यमंत्री राजस्व प्रकरणों के निराकरण मामले में काफी गंभीरता दिखा रहे हैं और उन्होंने पेशी पर पेशी नहीं चलेगा यह बयान भी दिया है ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के राजस्व प्रकारणों के प्रति गंभीरता को कलेक्टर कोरिया लगातार देख रही थीं और वह राजस्व अधिकारियों खासकर एसडीएम तहसीलदारों से राजस्व मामलों के निराकरण मामले में तत्परता भी चाहती थीं जो तत्परता एसडीएम बैकुंठपुर रहते दीपिका नेताम अपनी कार्यप्रणाली में नहीं ला पा रही थीं और यह भी एक वजह बनी दीपिका नेताम के एसडीएम पद से हटाए जाने की। कलेक्टर कोरिया चंदन संजय त्रिपाठी के बारे में यह बताया जाता है कि वह प्रशासनिक कसावट लाने हमेशा प्रयासरत रहती हैं वहीं वह शासन के निर्देशों के प्रति काफी गंभीरता प्रदर्शित करती हैं, शासकीय योजनाओं के मामले में उनका ज्ञान हर शासकीय विभाग के मामले में इतना पुख्ता है कि कई बार विभागीय अधिकारी भी उनके सामने निरुत्तर हो जाते हैं। शासन के निर्देशों के अक्षरशः पालन के लिए उनकी कार्यप्रणाली जानी जाती है जैसा बताया जाता है, कलेक्टर कोरिया योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर तक जाकर प्रयास करने में विश्वास रखती हैं यह उनकी खूबी बताई जाती है और इस मामले में वह कोताही बर्दाश्त नहीं करती और यह प्रशासनिक फेरबदल उसी का नतीजा भी है।
विवादित तहसीलदार संजय राठौर की गुपचुप पदस्थापना,क्या ऊंची पकड़ वाले हैं तहसीलदार?
जिले में प्रशासनिक फेरबदल के दौरान एक नाम चौंकाने वाला सामने आया,यह नाम एक तहसीलदार का है को सुरजपुर जिले में रहते हुए कमिश्नर सरगुजा द्वारा निलंबित किए गए थे,एक भूमि विवाद प्रकरण में पक्ष में फैसला देने का इनके ऊपर आरोप लगा था और जिसमे लाभ स्वरूप इन्होंने कुछ जमीन प्राप्त की थी जिसे अपनी पत्नी के नाम पर उन्होंने दर्ज कराया था जिस आरोप के बाद इन्हें कमिश्नर सरगुजा ने निलंबित किया था,अब इनकी पदस्थापना कोरिया जिले के बैकुंठपुर के अतिरिक्त तहसीलदार के रूप में हुई है, बैकुंठपुर तहसील में पहले से तहसीलदार रहते हुए उन्हें अतिरिक्त तहसीलदार बनाया जाना जरा आश्चर्य का विषय है,क्या इन्होंने ऊंची पकड़ साबित की है और इसीलिए इनकी जल्दी बहाली हुई और यह सुरजपुर के बगल जिले कोरिया पहुंच गए? वैसे इनके लिए कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के काफी हो हल्ला मचाया था और कार्यवाही को एकतरफा बताया था शायद जिसके बाद ही इनकी जल्द बहाली हुई है और इन्हें सुरजपुर का बगल जिला मिला है।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण में विलंब को लेकर कलेक्टर कोरिया गंभीर
कलेक्टर कोरिया राजस्व प्रकरणों के निराकरण को लेकर काफी गंभीर रहती हैं,बताया जाता है कि वह किसी भी मामले के फरियादियों को बार बार राजस्व न्यायालयों का चक्कर न लगाना पड़े इसके लिए लगातार राजस्व अधिकारियों को निर्देश जारी करते रहती हैं,वह गैर विवादित और विवादित दोनों तरह के सीमांकन बंटवारे के मामलों की समीक्षा गंभीरता से करती हैं,किसी भी स्थिति में समय सीमा का उल्लंघन उन्हें स्वीकार नहीं रहता,एसडीएम बैकुंठपुर दीपिका नेताम की एसडीएम पद से छुट्टी का यही कारण माना जा रहा है,दीपिका नेताम कहीं न कहीं राजस्व प्रकरणों के निराकरण मामले में कलेक्टर कोरिया के अपेक्षा अनुरूप कार्य नहीं कर सकीं और जिसकी वजह से वह हटाई गईं।


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