- सोनहत में शिवलिंग स्थापना को लेकर विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि आमने-सामने
- विधायक समर्थको ने नाम दिया रेणुकेश्वर महादेव,जिला पंचायत सदस्य,जनपद अध्यक्ष ने पूजा कर नाम दिया सोनेश्वर महादेव
- संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों ने विधायक से बनाई दूरी
- सोनहत क्षेत्र में दिखलाई दे रही अस्थिरता, बाहरी ठेकेदारों का हस्तक्षेप भी बढ़ा
- सनातन गौरव मंच ने शुरू की कांवड़ यात्रा की परंपरा,पिछले सोमवार को निकाली गई कांवर यात्रा,जवाब में विधायक रेणुका की अगुवाई में आज 4 अगस्त को फिर निकलेगी कांवर यात्रा

कोरिया,03 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। जिले का सोनहत विकासखंड इन दिनों सत्ता पक्ष के दो गुटों के राजनीति का केन्द्र बना हुआ है, स्थानीय विधायक अपनी हठधर्मिता के कारण छोटे कार्यकर्ताओं से उलझते हुए दिखलाई दे रही हैं तो वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य कार्यकर्ता एक होकर उसका सामना करते दिख रहे हैं,क्षेत्र के कुछ विधायक समर्थक इसमें अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं और विधायक को खुश करने के चक्कर में स्थानीय जमीनी कार्यकर्ताओं का ही विरोध कर रहे हैं। ताजा मामला सोनहत क्षेत्र में शिवलिंग स्थापना से जुड़ा हुआ है जहां पहले काफी तनावपूर्ण माहौल में प्रशासन की निगरानी में शिवलिंग की स्थापना की गई जिसके बाद एक पक्ष ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर विधि विधान से पूजा अर्चना की कांवर यात्रा निकाली गई तो अब दूसरा पक्ष विधायक रेणुका के नेतृत्व में आज यानि 4 अगस्त को कांवर यात्रा निकालने की तैयारी में इस गुटबाजी के बीच प्रशासन की भी फजीहत हो रही है तो वहीं सत्ता की किरकिरी होना स्वाभाविक है। विपक्षी दल के लोग इसमें चुटकारे लेने में भी पीछे नही हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि सोनहत क्षेत्र में इन दिनां विधायक की कार्यशैली के कारण अस्थिरता दिखलाई दे रही है,विकास और जनता की बात छोड़ विधायक अलग तरह की राजनीति करने में मस्त हैं।

सनातन गौरव मंच ने निकाली पहली बार कांवड़ यात्रा
सोनहत मुख्यालय में भगवान भोलेनाथ की स्थापना के बाद खासा उत्साह देखा जा रहा है,भक्तों की भावनाओं को देखते हुए पिछले सावन सोमवार को सनातन गौरव मंच के बैनर तले पहली बार कांवर यात्रा निकाली गई, बड़ी संख्या में उमड़े भक्तों ने भक्तिभाव के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया कांवर यात्रा में महिलाओं की भारी उपस्थिति देखने को मिली थी। यह तय किया गया कि अब प्रति वर्ष कांवर यात्रा का आयोजन सनातन गौरव मंच के तत्वाधान में किया जाएगा।
आज विधायक के नेतृत्व में निकाली जाएगी कांवर यात्रा
सनातन गौरव मंच ने पिछले सोमवार को कांवर यात्रा निकाली थी यह विधायक और उनके समर्थकों को रास नही आया जिसके बाद आज एक बार फिर सोनहत में कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है,इसमें विधायक द्वारा शक्ति प्रदर्शन किये जाने की बात भी सामने आ रही है,इस तरह की घटना को लेकर तरह तरह की चर्चा हो रही है।
विधायक रेणुका के कार्यक्रम से संगठन और जमीनी कार्यकर्ता दूर
विधायक रेणुका सिंह की उपस्थिति में जब भी सोनहत क्षेत्र में कोई कार्यक्रम आयोजित होता है तो उसमें स्थानीय अनेक जनप्रतिनिधि और संगठन लाईन में काम करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति नही रहती। विधायक के कार्यक्रम से कार्यकर्ताओं की दूरी चर्चा का विषय बन गया हैं।
शिवलिंग स्थापना के दौरान रेणुकेश्वर महादेव का उद्घोष,आक्रोशित दिखे भक्त
बतलाया जाता है कि सोनहत पंडाल में जिस दिन शिवलिंग की स्थापना की जा रही थी उस दौरान संगठन से अलग चल रहे कुछ विधायक समर्थकों ने विधायक रेणुका सिंह से नाम जोड़ते हुए रेणुकेश्वर महादेव का उद्घोष लगा दिया जिसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत अन्य भक्तों में आक्रोश पनपने लगा,किसी व्यक्ति के नाम पर महादेव का नामकरण करने को लेकर तीखी आलोचना भी हुई।
सोनहत के नाम पर रखा नाम सोनेश्वर महादेव
विधायक समर्थक उन्हे खुश करने के चक्कर में रेणुकेश्वर महादेव का नाम देना चाहते थे जबकि स्थानीय नागरिक,जनप्रतिनिधि एवं अन्य भक्तों ने यह तय किया कि लंबे अर्से की प्रतीक्षा के बाद स्थापित भगवान भोलेनाथ का नाम सोनहत के नाम पर सोनेश्वर महादेव किया जाए और एक राय बनाते हुए यह नाम तय कर दिया जिसके बाद भक्तों में भी उत्साह देखा जा रहा है। लेकिन विधायक समर्थक अभी भी उसके नामकरण को लेकर राजनीति करने की फिराक में हैं।
पंडाल में की गई है शिवलिंग की स्थापना
बतलाया जाता है कि सोनहत मुख्यालय में बाबा भोलनशाह के मजार के ठीक बगल में हिंदू धर्मावलंबियों ने पंडाल का निर्माण काफी पहले से कराया है यहां पहले भी शिवलिंग की स्थापना का प्रयास किया जा रहा था लेकिन विवाद के कारण स्थापना का कार्य नही हो सका था इस वर्ष स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने एकमत होकर सावन के महीने में ही शिवलिंग स्थापना की है,जिसके बाद पूजा पाठ आरंभ किया गया है। शिवलिंग स्थापना के बाद से ही राजनीति ने नया रूप धारण कर लिया है।
सावन के महीने में राजनीति का केंद्र बने भगवान भोलेनाथ?
सावन माह में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा अर्चना की जाती है यह माह भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है। सोनहत क्षेत्र में इसे दुर्भाग्य ही माना जाए कि सावन माह में भगवान भोलेनाथ को लेकर राजनीति की जा रही है।
शिवलिंग स्थापना पर श्रेय लेना कितना सही
बतलाया जाता है कि सोनहत पंडाल में जिला पंचायत सदस्य,जनपद अध्यक्ष एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत सत्ता पक्ष से जुड़े अनेक कार्यकर्ताओं ने आगे आते हुए शिवलिंग की स्थापना कराई है,जिस दिन से स्थापना का कार्यक्रम हुआ है तभी से यह राजनीति का केन्द्र बन गया है,विधायक समर्थक इसका श्रेय उन्हे देना चाहते हैं जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य कार्यकर्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका बतलाई जा रही है।
विधायक समर्थक खुश करने के चक्कर में संगठन को कर रहे कमजोर
पार्टी सूत्रों का दावा है कि इस क्षेत्र में भारी गुटबाजी ने जन्म ले लिया है विधायक संगठन से अलग हटकर अपनी लाईन बना रही हैं जबकि जमीनी कार्यकर्ता संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। इस क्षेत्र में कुछ ऐसे भी कार्यकर्ता हैं जो स्थानीय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते फिर रहे हैं खुद को विधायक का करीबी बताने के चक्कर में कुछ भी हरकत कर रहे हैं। खुद को संघी और पार्टी का ईमानदार कार्यकर्ता बतलाने वाले ऐसे लोगों की हरकत के कारण सोनहत क्षेत्र में पार्टी लगातार कमजोर हो रही है,इस विषय पर संगठन को भी संज्ञान लेना चाहिए।
बाहरी ठेकेदारों के हस्तक्षेप से बढ रही नाराजगी
रेणुका सिंह के विधायक बनने के बाद से यह क्षेत्र अशांत होता दिखलाई दे रहा है,कार्यकर्ता संधर्ष के दौर में हैं,एक एक काम के लिए तरस रहे हैं। जी जान ने मेहनत कर जिन्होने विधायक रेणुका सिंह के लिए चुनाव में काम किया था वे सड़क की लड़ाई लड़ रहे हैं,खुद की सरकार में उन्होने खुद के विधायक से लड़ाई लड़नी पड़ रही है। इस क्षेत्र में निर्माण एवं अन्य कार्यो में बाहरी ठेकेदारों ने धावा बोल दिया है,विधायक के संरक्षण में बाहरी ठेकेदार स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं छोटे कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाकर काम कर रहे हैं इससे नाराजगी बढती जा रही है।
सूरजपुर जैसी स्थिति बनती दिखलाई दे रही
विधायक रेणुका सिंह का गृह ग्राम रामानुजनगर है जो कि सूरजपुर जिले में आता है पहले प्रेमनगर विधानसभा से वे विधायक निर्वाचित हो रहीं थी जहां उन्होने भारी गुटबाजी को जन्म दिया। सांसद बनने के बाद भी उन्होने सरगुजा लोकसभा क्षेत्र में संगठन से हटकर अपनी टीम बनाई। आज भी सूरजपुर जिले में वे संगठन लाईन से अलग हटकर काम कर रही हैं खुद अपनी बेटी को उन्होने पार्टी से टिकट ना मिलने के बाद भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़वाया यह अलग बात है कि इसमें उनकी बेटी को विजय मिली है। कुछ ऐसे ही वातावरण का निर्माण वे अब शांत सोनहत क्षेत्र में करती दिखलाई दे रही हैं आने वाले समय में भाजपा को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
सोनहत क्षेत्र में संगठन वर्सेस विधायक की लड़ाई
सोनहत क्षेत्र में शिवलिंग स्थापना के बाद से संगठन वर्सेस विधायक की लड़ाई खुलकर सामने आ चुकी है,जो पहले कांग्रेस से जुड़े थे वे विधायक से जुड़कर अपना काम निकाल रहे हैं एक चर्चित सचिव जो कि पहले पूर्व विधायक का गुणगान करते थे अब वर्तमान विधायक की जी हुजुरी कर अपना काम निकाल रहे हैं,इसमें सत्ता पक्ष से जुड़े छोटे कार्यकर्ता परेशान हैं। चुनाव के दौरान जिन्होने कांग्रेस के लिए काम किया वे अब विधायक रेणुका सिंह के करीब आकर लाभ उठा रहे हैं और जिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव में जी जान से मेहनत किया वे ही अब विधायक के निशाने पर हैं और संघर्ष कर रहे हैं।
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