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खड़गवां@आंगनबाड़ी केंद्र में कहीं छत से गिरता प्लास्टर कहीं दीवारों में दरार

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आफत में जान जर्जर भवन के हालत को देखकर अटकी सांसे


-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां, 02 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। तात्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जर्जर स्कूल,मरम्मत योग्य स्कूल,अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना की शुरुआत की थी। जिसके तहत एम सी बी जिले को भी लाखों-करोड़ों रुपए आवंटित किए गए। लेकिन संबंधित अफसरों की शिथिलता और निचले स्तर के अधिकारियों के कारगुजारियों के चलते स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रो के जर्जर भवनों की मरम्मत का कार्य नही कराया गया। लिहाजा स्कूली एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे जर्जर भवनों में बैठकर शिक्षा लेने को मजबूर है।
स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में शिक्षण सत्र शुरू हो गया है। लेकिन स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के खस्ताहाल भवनों को देख पालक अपने बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजने से कतरा रहे है। ऐसा ही मामला खड़गवां विकासखण्ड महिला बाल विकास कार्यालय के अंतर्गत ग्राम मुख्यालय का सामने आया है। यहां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र भवन गजमरवापारा के छत का प्लास्टर गिर गया है । जबकि ये आंगनबाड़ी केंद्र विगत वर्ष 2007-08 में निर्माण हुआ है आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए समुचित व्यवस्थाएं तो करायी गई। लेकिन निर्माण के बाद से इस भवन में रंगाई- पोताई के अलावा आजतक मरम्मत का कोई कार्य नही कराया गया है। परियोजना अधिकारी खड़गवां के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान इस केंद्र को किराए के मकान में लगाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार गढीपारा का आंगनबाड़ी केंद्र भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है। आंगनबाड़ी केंद्र की छत व दीवारों से जगह- जगह प्लास्टर फट रहे है। वर्षाकाल में दीवारों में सीलन एवं दरारें आ गई है। जबकि ग्राम पंचायत खड़गवां ने इस आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत का कार्य भी लाखों रूपए की लागत से कराया गया था। जो पूर्णतः ही गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कराया गया था? इस आंगनबाड़ी केंद्र में गढीपारा के बच्चो की संख्या अच्छी रहती है। शिशुवती गर्भवती माताओं भी उपस्थित रहती हैं। आंगनबाड़ी केंद्र के भीतर भवन की छत एवं दीवारों की हालत देखकर भवन काफी जर्जर स्थिति में हो गया है। आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता ने बताया कि मेरे द्वारा खड़गवां परियोजना कार्यालय को इसकी सूचना एवं जानकारी भी कई बार उपलध कराई जा चुकी है भवन की फोटो विडियो भी भेजी जा चुकी है।
यहां के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्थानीयो ने बताया कि भवन की हालत काफी जर्जर हो चुकी है व आंगनबाड़ी केंद्र का छत दीवारें जर्जर होने के कारण प्लास्टर जोड छोड़ रहे है। खंड स्तर के प्रशासन को इस ओर ध्यानाकर्षित कर उचित पहल की आवश्यकता है ताकि इस आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों शिशुवती गर्भवती माताओं कार्यकर्ता सहायिका भी सुरक्षित रह सके।


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