भारी बाढ़ के बीच लोग वाटर फाल के करीब पहुच ले रहे सेल्फी,नही दिया गया ध्यान तो घट सकती है बड़ी घटना

-राजन पाण्डेय-
एमसीबी/कोरिया,27 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के अमृतधारा जलप्रपात वर्तमान में अपनी पूर्ण सुंदरता पर है और बारिश के मौसम में यह 100 फीट नीचे गिरता झरना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। हर दिन यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर प्राकृतिक नजारों का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से यह स्थान पूरी तरह असुरक्षित है। मानसून के दौरान हुई झमाझम बारिश में जलप्रपात के किनारे लगी लोहे की रेलिंग बाढ़ के कारण कई जगहों पर उखड़ गई है।
अमृतधारा जलप्रपात में सुरक्षा की कमी एक बड़ा मुद्दा है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कुछ समय के लिए बेरीकेट लगवाए, लेकिन वे जल्दी हट गए। इसके कारण पर्यटक झरने के किनारे खड़े होकर सेल्फी लेने और नजारे का आनंद लेने लगे हैं, जो बेहद जोखिम भरा है। प्रशासन ने कई बार रोकने का प्रयास किया, लेकिन जलप्रपात में तेज धार होने के बाद भी लोग बेहद करीब जा रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन को सख्त सुरक्षा इंतजाम करने होंगे। पर्यटकों को झरने के किनारे जाने से प्रभावी तरीके से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इससे किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सकेगा और पर्यटकों की जान सुरक्षित रहेगी। अमृतधारा जलप्रपात का सौंदर्य देखते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। जिले में अब तक 582.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में जिले में औसत 40.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कोटाडोल तहसील में अब तक की सर्वाधिक 740.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यह वर्षा खरीफ फसलों की बोआई के लिए अनुकूल मानी जा रही है।
अमृतधारा जलप्रपात की सुंदरता और आकर्षण को देखते हुए सुरक्षा भी रहे प्राथमिकता में…
अमृतधारा जलप्रपात की सुंदरता और आकर्षण को देखते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। जिला प्रशासन को सख्त सुरक्षा इंतजाम करने और पर्यटकों को झरने के किनारे जाने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इससे किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सकेगा और पर्यटकों की जान सुरक्षित रहेगी।
पूर्व विधायक ने जारी की अपील
जिलेभर में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने क्षेत्रवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभी नागरिक नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी पुल पर पानी बह रहा हो तो उस पर से पार करने की कोशिश न करें। यह जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी व दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सावधानी ही सुरक्षा है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को सहयोग देने की भी उन्होंने लोगों से अपील की है।
तहसील वार वर्षा की स्थिति
- मनेंद्रगढ़ में 602.4 मिमी वर्षा
- खड़गवां में 486.8 मिमी वर्षा
- चिरमिरी में 537.7 मिमी वर्षा
- केल्हारी में 464.5 मिमी वर्षा
- भरतपुर में 663.1 मिमी वर्षा
- कोटाडोल में 740.1 मिमी वर्षा
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