
- शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव कॉलेज में दस्तावेज जलाने का मामला गरमाया…
- पूर्व प्रभारी प्राचार्य अखिलेश गुप्ता पर भ्रष्टाचार और नियम विरोधी कृत्य के आरोप…
- एक ही जगह पर लंबे समय से प्राचार्य रहे अखिलेश गुप्ता क्या वाकई में कोई बड़ा भ्रष्टाचार करके बैठे हैं जिसकी जांच में खुल सकते हैं कई राज?
–रवि सिंह-
कोरिया,14 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले का अग्रणी महाविद्यालय शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय,बैकुंठपुर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। कारण कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य अखिलेश गुप्ता द्वारा किया जाने वाला मनमाना आचरण एवं कालेज प्रशासन में अनावश्यक हस्तक्षेप, जो कि 31 जनवरी 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। भ्रष्टाचार के अनेक कार्यों को अंजाम देने के बाद इस क्रम में उनके द्वारा बिना किसी अनुशंसा के एवं सेवानिवृत्त होने के इतने दिन बाद 12 जुलाई 2025 को महाविद्यालय परिसर में तमाम गोपनीय दस्तावेजों को जलाकर नष्ट कर दिया गया। अपने सेवानिवृत होने के 5 से 6 महीने बाद भी उनके द्वारा समस्त दस्तावेज महाविद्यालय को नहीं सौंपा गया है,जिसके चलते उनके द्वारा दस्तावेज जलाने जैसा गंभीर दुष्कृत्य किया गया। यह गंभीर एवं उच्च स्तरीय जांच का विषय है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई को श्री गुप्ता अचानक कॉलेज पहुंचे और वह कमरा खोला, जिसे उन्होंने सेवानिवृत्ति के समय से बंद कर रखा था। इसके बाद उन्होंने उस कक्ष में रखे अनेक शासकीय दस्तावेजों को जलाकर नष्ट कर दिया। बहुत सारे दस्तावेजों को इनके द्वारा घर पर भी ले जाकर नष्ट किया गया है। सूत्रों की मानें तो किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी को शासकीय दस्तावेजों को नष्ट करने का अधिकार नहीं होता है,दस्तावेजों को नष्ट करने की एक विधिवत प्रक्रिया होती है, जिसके तहत शासन की अनुमति, समिति की संस्तुति और रिकॉर्ड बनाए जाते हैं। ऐसे में श्री गुप्ता द्वारा बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के दस्तावेजों को जलाया जाना, गंभीर सवाल खड़े करता है।

पहले से हैं भ्रष्टाचार के घेरे में…
पूर्व प्राचार्य पर पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। उनके कार्यकाल में शासकीय पीजी महाविद्यालय बैकुंठपुर जहां 25 से 30 साल तक प्रभारी प्राचार्य के रूप में वे जमे रहे…में की गई खरीद फ़रोख्त तो है ही। इसके अलावा शासकीय नवीन महाविद्यालय नागपुर, शासकीय नवीन महाविद्यालय पोड़ी बचरा में फर्नीचर एवं कार्यालयीन उपकरण, खेल सामग्री, पुस्तकें, आईसीटी उपकरण, लैब सामग्री आदि की खरीदी में भारी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। साथ ही यह भी कि खरीदी के साल भर बाद ही भारी मात्रा में इन सामग्रियों का अपलेखन (राइट ऑफ) भी भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए इनके द्वारा किया गया है। जो कि गंभीर जांच का विषय है, कि इतनी मात्रा में इनके द्वारा हर कॉलेज में क्यों और क्या छुपाने के लिए किया गया। पता चला है कि इसी भ्रष्टाचार की लीपापोती के लिए इनके द्वारा अपनी पत्नी डॉ. प्रीति गुप्ता को शासकीय नवीन महाविद्यालय पोड़ी बचरा का प्रभार दिलवाया गया। जिससे मामले को अपने हिसाब से सेट किया जा सके। इन मामलों में उच्च स्तरीय जांच की मांग लगातार की जा रही है।
पत्नी को बनाना चाहते थे प्रभारी प्राचार्य
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार,सेवानिवृत्ति के बाद श्री गुप्ता द्वारा पीजी कॉलेज बैकुंठपुर में किए गए भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए अपनी पत्नी प्रीति गुप्ता को प्रभारी प्राचार्य बनवाने का प्रयास भी किया गया। इसके लिए उन्होंने विभिन्न स्तरों पर सिफारिशें कीं,लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
मामले ने पकड़ा तूल,जांच की मांग
कॉलेज परिसर में दस्तावेज जलाने की घटना के बाद उच्च शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मामले की स्वतंत्र जांच की मांग उठने लगी है। छात्रों और कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur