पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के साथ राजा सुरेंद्र बहादुर को दी गई श्रद्धांजलि
विधानसभा के कुछ महत्वपूर्ण अपडेट्सः-
- अजय चंद्राकर ने महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए,कहा कि भर्ती परीक्षा में रोस्टर
नियमों का पालन नहीं हुआ है, मनमानी की गई। जिस पर सीएम ने कहा कि गड़बड़ी की जांच के लिए कमेटी
का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद एक्शन लिया जाएगा। - वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वाणिज्यिक कर,छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर अधिनियम,2005 पटल पर रखा। केदार
कश्यप,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि अधिनियम, 2016 का वार्षिक प्रतिवेदन
वर्ष 2023-2024 पटल पर रखा। - नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने ध्यानाकर्षण में खाद का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा कि व्यापारियों के पास था खाद उपलब्ध है और सरकारी समिति में खाद नहीं है। आज वैकल्पिक व्यवस्था करने के बावजूद भी किसान आपकेप्रति भरोसा नहीं रख पा रहा है।
- भूपेश बघेल बोले- सरकार की निष्कि्रयता के कारण प्रदेश में खाद और बीज की कमी और बिजली कटौती से
किसान त्रस्त है। - विधायक उमेश पटेल ने कहा कि खेती की शुरुआत के लिए खाद बेहद जरूरी है। उत्पादन कम करने के लिए
सरकार जान बूझकर डीएपी को रोक रही है।
रायपुर,14 जुलाई 2025 (ए)। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और अविभाजित मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उनके साथ बिताए क्षणों को याद करते हुए कहा कि शेखर दत्त बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। छत्तीसगढ़ में राज्यपाल के रूप में उनका अतुलनीय योगदान था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दिवंगत शेखर दत्त प्रतिभा के धनी थे। शेखर दत्त ने सेना में रहते देश का मान बढ़ाया। आईएएस के रूप में प्रशासनिक सेवा की. प्रदेश के राज्यपाल के रूप में उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता. पूरे छत्तीसगढ़ वासियों की ओर से नमन करता हूं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने भी पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और सुरेन्द्र बहादुर को श्रद्धांजलि दी। संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने पूर्व राज्यपाल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश ने एक कर्मठ व्यक्ति खो दिया। उनका जाना सबके लिए अपूर्णीय क्षति है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शेखर दत्त बड़े-बड़े पदों में रहे। मगर, उनके व्यवहार में पद का असर नहीं हुआ। उनके जाने से देश और प्रदेश को अपूर्णीय क्षति हुई।
दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि
इससे पहले सदन में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सक्ती रियासत के राजा और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र बहादुर सिंह के निधन पर शोक जताया गया। दोनों दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सभा की कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित की गई।ंवहीं सदन की कार्रवाई से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक हुई, सीएम साय,नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत,डिप्टी सीएम अरुण साव,संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप,वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अजय चंद्राकर अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विधायकों ने लगाए 996 सवाल
14 जुलाई से 18 जुलाई तक यानी 5 दिनों के मानसून सत्र को लेकर विधायकों ने कुल 996 सवाल लगाए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि इस बार सदन में तीखी बहस और सरकार पर विपक्ष के तीखे हमले देखने को मिल सकते हैं। राज्य में भाजपा सरकार बने करीब डेढ़ साल हो चुके हैं।
राज्य गठन के बाद पहली बार अनुपूरक बजट नहीं
विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार अनुपूरक बजट पेश नहीं करेगी। राज्य गठन के बाद पहली बार सरकार अनुपूरक बजट नहीं ले रही है। सरकार ने इसकी सूचना विधानसभा सचिवालय को दे दी है। इस संबंध में विधानसभा और वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरकार के पास अगले तीन माह के खर्च लायक वित्तीय व्यवस्था होने की वजह से प्रथम अनुपूरक बजट पेश नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
यह भी बताया गया है कि सरकार ने बीते बजट सत्र में आकस्मिकता निधि में बढ़ोतरी कर दी थी। इसे इसी वित्त वर्ष से ही 100 करोड़ से बढ़ाकर 1000 करोड़ का किया गया है। इस मद से 999 करोड़ तक के आकस्मिक खर्च किए जा सकेंगे।
विधानसभा में आरआई भर्ती घोटाले पर गरमाया माहौल
विपक्ष का वॉकआउट,मूणत ने पिछली सरकार पर साधा निशाना, भूपेश बोले-किसान परेशान
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल में 2024 में हुई राजस्व निरीक्षक भर्ती गड़बड़ी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हो गया। राजेश मूणत ने सदन में मामला उठाकर गड़बड़ी पिछली सरकार में होने की बात कही तो विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। उन्होंने परीक्षा मौजूदा सरकार में होने की बात कही। भूपेश बघेल ने मामले की सीबीआई जांच मांगी है। हालांकि राजस्व मंत्री ने भर्ती परीक्षा में अनियमितता को स्वीकारा और कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी हुई। उच्च स्तरीय जांच के लिए ईओडब्ल्यू से 40 बिंदुओं में जांच कराई जा रही है। मंत्री टंकराम वर्मा ने आगामी विधानसभा से पहले कार्रवाई का ऐलान किया है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ईओडब्ल्य जांच के आदेश किसके द्वारा दिए जाने का सवाल उठाया तो जवाब में मंत्री टंकराम वर्मा ने विभाग द्वारा ईओडब्ल्यू से जांच कराने के निर्णय की जानकारी दी।
नहीं लाए लाठी,अजय चंद्राकर ने चरणदास महंत से कहा

छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह समेत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत समेत सभी दलों के सदस्य सदन में मौजूद है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सदन में पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और पूर्व विधायक डॉ. सुरेंद्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन धारण कर के सभी को श्रद्धांजलि दी और इसके बाद 10 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की गई। विधायक अजय चंद्राकार ने कार्यवाही शुरू होते ही विधायक अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से सवाल पूछा। विधायक चंद्राकार ने चरणदास महंत से कहा – आपने कहा था लाठी लेकर आएंगे, तो लेकर क्यों नहीं लाए। विधायक चंद्राकर के इस सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि, कबीरहा लाठी है, दिखती नही है। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने दोहा सुनाते हुए कहा कि, ” कबीरा खड़ा बज़ार में, लिए लुकाठी हाथ; जो घर जारे आपना, चले हमारे साथ।” इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने सभी को श्रावण मास की शुभकामनाएं दी।
खाद संकट पर गरमाया सदन,कांग्रेस विधायकों ने गर्भगृह में किया प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन खाद और बीज संकट को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, पूरे राज्य में किसानों को खाद नहीं मिल रहा है, वे बेहद दुखी और आक्रोशित हैं। उन्होंने सदन में स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर तत्काल इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष महंत को समर्थन देते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, सरकार खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही है। किसान बाजार से दोगुने दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। छत्तीसगढ़ का किसान संकट में है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
जमकर हुआ हंगामा
इस मुद्दे पर सरकार की ओर से चर्चा की स्वीकृति नहीं दी गई। जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने जमकर विरोध किया। असन्धि के अग्राह के बाद समस्त कांग्रेस विधायक गर्भगृह में पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे की स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
खाद संकट पर सदन में भारी हंगामा,विपक्ष का स्थगन अस्वीकार होने पर वेल में नारेबाजी,कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शून्यकाल के दौरान नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य में खाद-बीज संकट का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष की ओर से खाद-बीज की कमी के मुद्दे पर स्थगन लाया गया, लेकिन मंत्री के वक्तव्य के बाद विधानसभा अध्यक्ष के स्थगन को अग्राह्य करने पर वेल में आकर कांग्रेस के विधायकों की जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई।
स्थगन की सूचना देते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि पूरे राज्य में खाद की भारी किल्लत है। किसान इससे दुःखी हैं, आक्रोशित हैं. इस पर स्थगन स्वीकार कर चर्चा कराई जाए। कार्यवाही में हिस्सा लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद संकट से किसान हलाकान हैं। सरकार खाद उपलब्ध कराने में नाकाम है। किसान बाहर बाजार से दोगुने भाव मे खाद खरीदने में मजबूर हैं।विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए जागरूक कर रहे हैं, वैकल्पिक खाद के उपयोग की भी जानकारी प्रशिक्षण के जरिए दी गई। फास्फेटिक खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई, इसलिए हमने बहुत पहले से वैकल्पिक व्यवस्था की। नैनो उर्वरकों के उपयोग की अनुशंसा की गई है। बड़ी तादाद में इसका भंडारण भी किया जा चुका है। कृषि मंत्री ने सदन को बताया कि वैश्विक कारणों से रासायनिक खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई। एनपीके उर्वरक का भंडारण लक्ष्य से ज्यादा हुआ है। पोटाश सहित अन्य खाद का भी भंडारण हुआ है। 28 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बोअनी हो चुका है, जो पहले से ज्यादा है। 000मंत्री के वक्तव्य के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष का स्थगन अग्राह्य किया, स्थगन अग्राह्य होने और मंत्री के वक्तव्य से असंतुष्ट कांग्रेस के विधायकों ने वेल में आकर जमकर नारेबाजी। विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन में गूंजा राजस्व निरीक्षक परीक्षा में गड़बड़ी का मुद्दा, जमकर हुआ हंगामा, कांग्रेसी विधायकों ने किया वॉकआउट
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया हैं। सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने राजस्व निरीक्षक परीक्षा में हुई गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से पूछा कि, जब पूरे मामले में गृह विभाग ने एफ आईआर जांच कराने के लिए लेख किया फिर विभाग ने एफ आईआर क्यों नहीं कराया ।
मंत्री ने दिया जवाब…
प्रश्न का उत्तर देते हुए राज्य के राजस्व मंत्री टांक राम वर्मा ने कहा कि परीक्षा की प्रक्रिया पिछले सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई हैं। हमें जब गड़बड़ी की शिकायत मिली तो हमने गृह विभाग को पत्र लिखा और सभी पहलुओं की व्यापक जांच के लिए मामले की जांच ईओडब्ल्यू और एसीबी को दिया गया है।
मंत्री से जवाब से कांग्रेस नाखुश…
मामले में हस्तक्षेप करते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पूरी गड़बड़ी मौजूदा कार्यकाल की है जबकि सरकार इसे पिछले कार्यकाल का बता रही है । पूर्व सीएम ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौपने की मांग की। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर बहस हुई और सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेसी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur