जिले के कलेक्टर साहब से किसानों सहित अन्य लोगों ने लापरवाह अधिकारियों की सैलरी से मुआवजा दिलाने की कर रहे हैं मांग
चिरमिरी निगम में क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों के टूटने से लगभग एक महीना हो सकता है पानी सप्लाई बंधित
-रवि सिंह-
एमसीबी,07 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। जिले के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही के कारण एनएच 43 में बाढ़ के कारण हसदेव तट पर सैकड़ो एकड़ रोपित धान एक बड़ा स्कूल वाटर पार्क सही तो वन विभाग की नर्सरी से लगभग 10000 पौधे कुछ पाइप मोटर स्टार्टर सब डूब गए वहीं पी एच इ विभाग का भी लाखों रुपए के पाइप मोटर ट्रांसफार्मर सब डूब गए है। हसदेव नदी पर बने दो दो स्टॉप डेमो का ढक्कन नहीं खोले जाने के कारण पानी का भराव होता गया और उसका प्रभाव एन एच की सड़कों पर देखने को मिला,लोगों को घंटे इंतजार करना पड़ा कुछ इमरजेंसी में जाने वाले लोगों ने तो जान जोखिम में डालकर गाडि़यों की निकास कीया है भ्रष्ट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एवं एसडीओ की भ्रष्ट कार्यप्रणाली और लापरवाही का परिणाम था कि कल का पूरा दिन एनएच जाम रहा एंबुलेंस खड़ी रही सैकड़ो लोग नदी के इस पार उस पार पानी कम होने का इंतजार करते देखे गए,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों पर क्या इस लापरवाही के लिए कलेक्टर साहब उन्हें दंडित करेंगे सरकारी नुकसान सहित जो किसानों का एवं व्यवसाइयो का हुआ है उसकी भरपाई इन भ्रष्ट अधिकारियों की वेतन से करवाएंगे?
हसदेव नदी के तट पर बने इंटेक वेल से चिरमिरी शहर को पानी जाता है लेकिन बाढ़ की वजह से पूरी पाइपलाइन टूट गई है मोटर पानी में डूब गए हैं और विद्युत ट्रांसफार्मर भी पानी भर गया है जिसके कारण अब सब मेंटेनेंस करने में महीना लगने की संभावना है इस तरह से गर्मी की दिनों में पानी के किला जय रहे चिरमिरी शहर इन बारिश की दिनों में भी इन अधिकारियों को भ्रष्टकर प्रणाली के कारण पानी का किला झेलना पड़ सकता है अपनी काली कमाई की हमेशा नई-नई जुगत बनाने वाले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और एसडीओ इंजीनियर मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपए निकाल ने का रास्ता बना लिए हैं सूत्रों की यदि मन तो यह सब सुनियोजित तरीके से कराया गया है, पवार नामक इंजीनियर जो अभी प्रभारी एसडीओ बना है काफी शातिर बताया जाता है उसने वहां पर किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी ही नहीं लगाई थी और उसे पता था कि यदि डैम का ढक्कन बंद रहेगा तो यह सब फिर से डूबेगा और मेंटेनेंस के नाम पर फिर से कमीशन खोरी की जाएगी। बताया जाता है कि एन एच 43 पर पडने वाले ग्राम लाइ में हसदेव नदी पर का के दो डेम बनाए गए हैं उन डेमो से चिरमिरी नगर निगम सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पानी पहुंचाया जाना है नियमों के मुताबिक 15 जून के बाद जैसे ही पानी बढ़ने लगता है तो इन स्टाफ डेमो का गेट को खोल दिया जाना चाहिए लेकिन भ्रष्टाचार में मस्त-मस्त विभाग के अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दिए परिणाम स्वरूप पानी लाखों रुपए का नुकसान एनएच 43 पर यात्रा कर रहे यात्रियों सहित आसपास के ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर डाला है, देर शाम तक लोग अपने गंतव्य स्थान तक जाने के लिए नदी का पानी कम होने तक इंतजार करते देखे गए दोनों तरफ यात्री बसें कारे ट्रक एम्बुलेंस सैकड़ो दुपहिया चालक पानी में भीगते देखे गए और नदी में कहां पानी कम हो इसका इंतजार करते रहे।
डैम का गेट खोलना तक याद नहीं रहा…
सिर्फ निर्माण और निर्माण कार्य पर भरोसा करने वाले लोग स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लोग अब जनता के जनजीवन के साथ खिलवाड़ करने लगे हैं एक तरफ जहां पूरी गर्मी उनकी लचर कार्य प्रणाली के कारण लोगों को पानी नहीं मिला वहीं अब इन्हीं लोगों के कारण बाढ़ का सामना भी करना पड़ा है आखिर विभाग इतना मदहोश कैसे हो गया कि उन्हें स्टाप डैम का ढक्कन खोलना तक याद नहीं रहा…उक्त स्थान पर उन्हीं के विभाग के द्वारा खरीदी गई करोड़ों की संपत्ति रखी गई है वहां पर चौकीदार भी नहीं था या फिर सिर्फ विभाग निर्माण कार्य पर ही भरोसा करता है और कमीशन खाता है,बहरहाल स्थिति जो भी हो लोक स्वास्थ्य मंत्री विभाग के अधिकारियों के लापरवाही के कारण बीता शनिवार काल बन करके सामने आया था जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि अभी तो बरसात की शुरुआत है जिले के अन्य स्थानों का भी यही हाल है समय रहते ही इस प्रकार की लापरवाही पुनः ना हो इसकी तैयारी कर लेनी चाहिए ताकि आम जीवन अस्त-व्यस्त ना हो सके और लोगों की हानि का सामना न करना पड़े।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur