Breaking News

सोनहत@घटती-घटना की खबर का हुआ असर,आवास हितग्राहियों को राशन मिलना हुआ शुरू

Share


-राजन पाण्डेय-
सोनहत,30 जून 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में बरसात को देखते हुए जून में ही तीन महीने का राशन (जून, जुलाई, अगस्त) एक साथ देने का निर्णय लिया है वही राशन मिलना भी चालू हो गया है . एपीएल और बीपीएल दोनों श्रेणियों के हितग्राहियों को निशुल्क चावल वितरित किया जाएगा. राज्य शासन के निर्देश पर जिले में भंडारण और वितरण की विशेष तैयारियां सुनिश्चित की हैं। तो वही इस आदेश को ठेंगा दिखाते हुए कोरिया जिले की कुछ ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिवों ने आदेश के ठीक विपरीत तुगलकी फरमान जारी कर प्रधान मंत्री आवास योजना के ऐसे हितग्राहियों जिन्हें राशि जारी हुई है लेकिन उसके अनुसार उनका निर्माण पूर्ण नही हुआ है,या जिन्होंने राशि लेकर कार्य प्रारंभ नही किया है। उनका राशन रोकने का फरमान जारी कर दिया था,जिसे लेकर घटती-घटना ने प्रमुखता से समाचार का प्रकाशन किया था जिसके बाद सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार आज से सम्बंधित हितग्राहियों को राशन का वितरण प्रारम्भ कर दिया गया है।
पंच संघ के अध्यक्ष ने जताया था विरोध- इस प्रकार के तुगलकी फरमान संज्ञान में आने पर पंच संघ के अध्यक्ष प्रेमसागर तिवारी ने विरोध जताया था । पंच संघ अध्यक्ष ने कहा था कि प्रधानमंत्री आवास का संबंध राशन से बिल्कुल भी नहीं है गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन दिया जाता है इस समय खेती किसानी का समय है गरीब परिवारों का इस बरसात के समय में राशन रोकना उचित नहीं है अभी किसी प्रकार का कोई रोजगार मूलक कार्य भी नहीं चल रहे जिससे कि वहाँ कार्य कर खाद्यान्न की व्यवस्था गरीब परिवार कर सके। पंच संघ अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से मांग किया था की इस प्रकार का जारी तुगलकी फरमान वापस हो । प्रधान मंत्री आवास बरसात के समय में बनाने का दबाव उचित नहीं है तथा ग्रामीणों को शासन की नियमानुसार तत्काल राशन वितरण करने आदेश जारी किया जाए ताकि गरीब ग्रामीण परिवारों को खाने की समस्या उत्पन्न न हो। घटती घटना में खबर प्रकाशित होने के बाद राशन का वितरण कर दिए जाने की जानकारी सूत्रों ने दिया है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी को है भोजन(खाद्यान) का अधिकार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 भारत सरकार द्वारा 2013 में लागू किया गया एक कानून है जिसका उद्देश्य देश की लगभग दो-तिहाई आबादी को सçसडी वाला खाद्यान्न उपलध कराना है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि लोगों को सस्ती दरों पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलध कराना ताकि उन्हें खाद्य और पोषण सुरक्षा मिल सके और वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें, पात्र व्यक्ति चावल,और मोटे अनाज क्रमशः 2 और 1 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दरों पर 5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रति माह प्राप्त करने के हकदार है अधिनियम में गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए पोषण संबंधी सहायता का भी प्रावधान है,इस सबन्ध मिली जानकारी अनुसार फिलहाल ग्राम कैलाशपुर तंजरा,केशगवां बेलिया समेत अन्य कई पंचायतो में जहां रोक लगाई गई थी वहां वितरण चालू। करा दिया गया है।
खेती बाड़ी का समय शुरू नही मिल रहे मजदूर
क्षेत्र में खेती बाड़ी का समय शुरू हो चुका है और ऐसे में मजदूरों की भारी किल्लत है ऊपर से भारी बारिश के कारण आवास बनाना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य है,ऐसे में जब तक आवास नही बनेगा तब तक राशन बन्द होता तो मजदूर वर्ग और गरीबो को खाने के लाले पड़ने की संभावना बन सकती थी,ग्रामीणों ने पुनः व्यवस्था बहाल करने का स्वागत किया है।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@यूजीसी नियमों के खिलाफ स्वर्ण समाज का ऐलान,1 फरवरी को अंबिकापुर बंद

Share अम्बिकापुर,29 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रस्तावित 1 फरवरी …

Leave a Reply