हाईकोर्ट ने रद्द की सजा, अदालत ने की टिप्पणी ,हत्या का प्रयास गंभीर जरूर है,पर जघन्य अपराध नहीं
बिलासपुर,24 जून 2025 (ए)। कोरबा जिले के एक 17 साल के किशोर को हत्या के प्रयास (धारा 307) में वयस्क मानकर
उम्रकैद की सजा दी गई थी। अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालत के इस फैसले को गलत करार देते हुए सजा को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि धारा 307 (हत्या का प्रयास) गंभीर अपराध तो है, लेकिन जघन्य अपराध की श्रेणी में नहीं आता, क्योंकि इसमें न्यूनतम 7 साल की सजा अनिवार्य नहीं है।
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