मनेन्द्रगढ़ 11 फरवरी 2022 (घटती घटना)।गौरतलब है कि शताधिक पुस्तकों के लेखक साहित्यकार गिरीश पंकज की व्यंग्य रचना अब तमिलनाडु के छात्र भी पढ़ेंगे। केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने बीए, बीएससी एवं बीएड के पाठ्यक्रम में आधुनिक गद्य साहित्य के तहत जो पाठ्यक्रम तैयार किया है, उसमें महादेवी वर्मा, विष्णुकांत शास्त्री, कुबेरनाथ राय और रामदरश मिश्र आदि के साथ गिरीश पंकज के व्यंग्य ‘वसंत चला गया आँसू बहा कर’ को भी शामिल किया गया है श्री गिरीश ने कहां की यहां साहित्यकारों की कोई कमी नहीं है रचना धर्मी कवि अपनी बेबाक रचना के लिए जाने जाते हैं उन्होंने समस्त साहित्यकारों रचनाकारों से अनुरोध किया है हम सभी मिलजुल कर सृजनात्मक कार्य करें इससे हमारे क्षेत्र का बौद्धिक उन्नयन तो होगा ही एवं पूरे राष्ट्र को भी विकास की नई दिशा मिलेगी राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार रचनाकार कवि गिरीश पंकज मनेंद्रगढ़ मैं तीन दिवसीय प्रवास पर 13 फरवरी से रहेंगे चर्चा के दौरान उन्होंने कहा. की आज भले ही मैं रायपुर में हूं पर कभी भी इस इस अंचल को भूल नहीं पाया हूं मनेंद्रगढ़ मेरे हृदय में बसता है व्यंग्य विधा के लिए गिरीश पंकज की रचना को शामिल किया गया है। मैंगलोर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में गिरीश पंकज की लघुकथा शामिल है। उल्लेखनीय है कि गिरीश पंकज की रचनाओं पर अब तक बाईस छात्र शोधकार्य कर चुके हैं। उन्हें व्यंग्य साहित्य में अतुलनीय योगदान के लिए दिल्ली के हिंदी भवन में एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपये का ‘व्यंग्यश्री’ सम्मान भी प्रदान किया जा चुका है।
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