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सोनहत@खत्म हई छुट्टियांःन्योता भोज के साथ शालाओं में गूंजी बच्चो की किलकारियाँ

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सोनहत विकासखण्ड के 127 प्राथमिक, 81 माध्यमिक,14 हाई व हायर सेकेंडरी में जारी प्रवेश उत्सव

-राजन पाण्डेय-
सोनहत,21 जून 2025 (घटती-घटना)। प्रदेशभर में शिक्षा को जनांदोलन का रूप देने और प्रत्येक बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से आज दिनांक 16 जून 2025 से शाला प्रवेश उत्सव 2025 का शुभारंभ हो चुका है। जो फिलहाल 1 जुलाई तक चलेगा इसी तारतम्य में कोरिया जिले में भी प्रवेश उत्सव का आगाज जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता के निर्देशन में जारी है । प्रवेश उत्सव के तहत अलग अलग स्कूलों में बाकायदा तैयारी के साथ तिलक लगा कर नव प्रवेशी बच्चो को प्रवेश दिया जा रहा है।
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान सोनहत विकासखण्ड में शिक्षा अधिकारी अरविंद सिंह ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और विद्यालय जीवन की नई शुरुआत के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव केवल नामांकन का अवसर नहीं, बल्कि यह प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे,यह हम सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कलेक्टर महोदया एवं जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में चल रहे प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शिक्षा अधिकारी अरविंद सिंह ने पालकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु संकल्प लें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मध्याह्न भोजन योजना से कोई भी बच्चा वंचित न हो,और गणवेश वितरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाए।विद्यालय प्रांगण में इस आयोजन को लेकर उत्सव जैसा माहौल रहा। बच्चों की मुस्कान,और पारंपरिक स्कूली वेशभूषा में सजे छात्रों ने इस दिन को शैक्षणिक पर्व में बदल दिया।
स्कूल का पहला दिन होता है यादगार:रमेश गुप्ता
वही सोनहत के शैक्षिक समन्वयक रमेश गुप्ता ने कहा कि कहा कि शाला का पहला दिन हमेशा यादगार रहता है।इस दिन को खास बनाने के लिए और बच्चों को प्रेरित करने के लिए शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जाता है। पालकों को भी इसकी जानकारी हो जाती है कि अब बच्चे स्कूल जाएंगे, इसलिए इसकी तैयारी शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता पर बहुत जोर दे रही है। खण्ड स्रोत समन्वयक एरोन बखला ने सभी बच्चों और पालकों को बधाई दी और कहा कि सभी पालक अपने बच्चों को स्कूल भेजें।कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे।
इस महा अभियान में पालक भी बने भागीदार:नवीन पाण्डेय
माध्यमिक शाला छिंगुरा के प्रधान पाठक नवीन कुमार पाण्डेय ने सभी पालकों से अपील की कि वे शिक्षा के इस महाअभियान में भागीदार बनें और अपने आसपास के हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। शाला प्रवेश उत्सव एक सप्ताह तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भी दिया है निर्देश
छत्तीसगढ़ में 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र शुरू होने जा रहा है, और इस अवसर पर पूरे प्रदेश में शाला प्रवेशोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस उत्सव का उद्देश्य न केवल बच्चों को स्कूलों की ओर आकर्षित करना है, बल्कि शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने और शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना भी है। इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में जनांदोलन का रूप देने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं,जिसमें जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
शिक्षा के नए युग की शुरुआत
शाला प्रवेशोत्सव छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने का प्रयास है। इस आयोजन के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चा स्कूल पहुंचे और कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर इस उत्सव में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि शिक्षा को जनांदोलन बनाने के लिए सभी हितधारकों का सहयोग आवश्यक है। यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए स्कूल के दरवाजे खोलेगा, बल्कि सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा।


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