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कोरिया @ पड़ोसी जिले सूरजपुर की सड़कें हो रही हैं चौड़ी वहीं पुराने जिले कोरिया के मुख्यालय बैकुंठपुर की सड़कें चौड़ीकरण का बाट जोह रही हैं…

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-रवि सिंह-
कोरिया,08 जून 2025 (घटती-घटना)। एक तरफ सुरजपुर जिला मुख्यालय की तस्वीर एक तरफ कोरिया जिला मुख्यालय की तस्वीर,एक तरफ नया जगमगाता और फैलता जा रहा बढ़ता जा रहा जिला मुख्यालय एवम शहर एक तरफ पुराना जिला जो सिकुड़ता जा रहा है मुख्यालय में सड़कों पर आम आवागमन प्रतिदिन के समय भी जाम लगता नजर आ रहा है। सुरजपुर और बैकुंठपुर जिला मुख्यालय का परस्पर यह अंतर आखिर क्यों नजर आ रहा है जब दोनों ही जिला मुख्यालय हैं और जहां एक कई दशक पहले गठित कोरिया जिला है एक तरफ कुछ वर्षों पहले गठित सुरजपुर जिला है। केवल सड़कों और मुख्यालय की खासकर सड़कों के चौड़ीकरण की बात की जाए तो बैकुंठपुर जिला मुख्यालय की सड़कें इतनी सकरी हैं आज भी कई दशकों के जिला गठन के बाद भी की आम आवागमन प्रतिदिन के आवागमन के दौरान भी जाम लगना आम हो चुका है और शहर अपने संकरे सड़क की पहचान बना चुका है वहीं नए जिले सुरजपुर के बारे में यह देखने को लगातार मिलता रहा कि वहां मुख्यालय की सड़कें जिला गठन के पश्चात ही चौड़ीकरण अभियान से जोडी गईं और लगातार अभियान चलाकर मुख्यालय को ऐसा स्वरूप सड़कों के चौड़ीकरण के माध्यम से दिया गया कि आज शहर फैलता भी जा रहा है और उसकी खूबसूरती भी देखते ही बनती है, सुरजपुर जिले में मुख्यालय की सड़कें चौड़ी और सुंदर व्यवस्थित बाजार का स्वरूप ऐसे ही प्राप्त नहीं हुआ शहर को इसके लिए जहां शहर के लोगों ने भी योगदान दिया अपनी जमी जमाई दुकानों प्रतिष्ठानों के टूटने पर ज्यादा विरोध नहीं किया एक व्यवस्थित शहर बनाने की शहर सरकार की योजना को उन्होंने स्वीकार किया त्याग किया वहीं शहर सरकार और प्रशासन ने भी शहर की सुंदरता और उसकी सड़कों के चौड़ीकरण के लिए हर तरह से प्रयास किया जिससे संभव हुआ एक व्यवस्थित शहर का उनका संकल्प वहीं कोरिया जिला मुख्यालय की सड़कें आज भी सकरी रह गईं और वह एक व्यवस्थित शहर नहीं बन सका इसके पीछे की वजह शहर सरकारों की निष्कि्रयता शहर सुंदरता विकास को लेकर प्रशासन की उदासीनता और शहरवासियों की खासकर सड़क किनारे स्थापित दुकानदारों रहवासियों की शहर के लिए त्याग की भावना का आभाव वजह रही जिस कारण आज स्थिति शहर की यह हो गई है कि अब आवागमन के लिए खास जरूरी होने पर ही लोग शहर में प्रवेश करते हैं वरना कई मार्ग जो शहर के बाहर से निकलते हैं लोग उसी से आगे बढ़ जाते हैं।
बैकुंठपुर शहर जिला मुख्यालय होकर भी अपनी व्यवस्थित स्थिति और आकार में इसलिए नहीं पहुंच सका क्योंकि इसके लिए किसी भी जिम्मेदार ने इक्षाशक्ति का प्रदर्शन नहीं किया न ही उसने कभी व्यक्तिगत मंशा से इसके विकास के लिए प्रयास किया। आज बाजार की सड़कें सकरी होने की वजह से वाहनों के पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से लोग शहर आने से हिचकिचाने लगे हैं और शहर का बाजार कहीं न कहीं ग्राहकों की भी कमियां झेल रहा है। बैकुंठपुर शहर की सड़कों के चौड़ीकरण के लिए कई बार शहर के कई लोगों ने प्रयास किया आमराय और व्यक्तिगत त्याग के लिए सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों को मानने का प्रयास भी किया लेकिन यह सभी अभियान आरंभ में ही धराशाई हुए और कई बार नाप जोख हुई और चिन्ह भी लगाए गए प्रशासन के दौरान की कहां से कहां तक प्रभावित क्षेत्र होगा लेकिन मूर्तता नहीं मिल सकी मामले में। वैसे शहर की सड़कों के चौड़ीकरण में राजनीतिक दलों ने भी अरुचि दिखाई कुछ की वजहें अलग रहीं वहीं एक की अरुचि का कारण उनका पार्टी कार्यालय भवन रहा जो चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित हो रहा था। आज शहर फैलने की बजाए सिकुड़न के उस दौर में है जब शहर में नया कोई आकर बसना भी नहीं चाहता,आज शहर में एक नए बिल्डर को व्यवस्थित बनाए जा अपने ही आवासों के ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं।
सबसे ज्यादा जाम नगरपालिका से लेकर महलपारा चौक तक
सड़क चौड़ीकरण भले ही खरवत से लेकर जमगहना तक कराया जाना है लेकिन सबसे ज्यादा जाम नगरपालिका कार्यालय से लेकर महलपारा चौक तक लग रही है। देखने में मिलता है कि महलपारा चौक के आसपास वाहने भी दुकानदारों द्वारा सड़क के ठीक बगल में खड़ी कर दी जाती है,दुकान का सामान एवं बोर्ड तक सड़क किनारे रखकर गंदी मानसिकता का परिचय दिया जाता है। महलपारा चौक में बिलासपुर मार्ग से चलकर आने वाली बसों और भारी मालवाहकों के कारण दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है।
व्यापार भी हो रहा चौपट
सड़क चौड़ीकरण ना होने से अब शहर का व्यापार भी बुरी तरह चौपट हो रहा है,लोग जाम से बचने खरीददारी करने नही आते अब स्थानीय नागरिक खरीददारी हेतु पटना, सूरजपुर का सफर तय करते है। एक समय था जब बैकुंठपुर शहर में चरचा,सोनहत समेत आसपास ग्रामीण क्षेत्र से भी लोग खरीदी हेतु आते थे लेकिन मंहगे वस्तु के साथ वाहन खड़ी करने की समस्या के कारण लोग दूसरे शहरों में जाना पसंद करते हैं। चौड़ीकरण ना होने का खामियाजा स्थानीय व्यापारियों को ही भुगतना पड़ रहा है।
आम जनता और व्यापारी भी चाहते हैं चौड़ीकरण जरूरी
बैकुंठपुर शहर में निवास करने वाले स्थानीय नागरिक समेत 90 प्रतिशत व्यापारियों की मांग चौड़ीकरण को लेकर है,इसका नुकसान भी उन्हे दिखलाई दे रहा है। व्यापारी निराश मन से उम्मीद के बीच सड़क चौड़ीकरण का सपना देख रहे हैं, कुछ व्यापारी चौड़ीकरण की आस में अपने दुकानों को व्यवस्थित नही कर पा रहे हैं और वे प्रशासन को कोसते रहते हैं। प्रषासन समेत स्थानीय विधायक को इस बारे में जल्द ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।
कुछ स्वहितैशी बने हैं बाधक
सड़क चौड़ीकरण को लेकर बैकुंठपुर शहर में व्यापारियों के एक गुट का अलग ही राग है, एक ऐसा समूह भी यहां सक्रिय है जो कि सड़क चौड़ीकरण नही होने देना चाहता। बतलाया जाता है कि जब भी चौड़ीकरण की बात आती है चंद लोग प्रषासनिक अधिकारियों एवं नेताओं के सामने जाकर उल जूलूल तर्क देते हैं, इसमें ऐसे व्यापारी शामिल हैं जिन्होने नजूल की भूमि पर दुकान बना रखा है। साथ ही कुछ ऐसे दुकानदार भी शामिल हैं जो नही चाहते कि उनके दुकान का नुकसान हो। स्वहित में चौड़ीकरण रोककर शहर को बर्बाद कर दिया गया है।
पनप रहा आक्रोश,क्या जवाब दे पाएंगे जिम्मेदार
सड़क चौड़ीकरण ना होने से अब स्थानीय नागरिकों में आक्रोश भी पनप रहा है,पूर्व में युवाओं के द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए अभियान भी चलाया गया था,अभियान को जबरजस्त समर्थन भी मिला था लेकिन उस दौरान तात्कालिक विधायक और तात्कालिक कलेक्टर ने रूचि नही दिखलाई थी जिससे कि चौड़ीकरण हेतु चलाया गया अभियान ठंडे बस्ते में चला गया था अब एक बार फिर आक्रोश देखा जा रहा है, सवाल उठता है कि क्या इसके जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी आमजन को जवाब दे पाएंगे या फिर सड़क चौड़ीकरण एक अबूझ पहेली बनकर रह जाएगी।
कलेक्टर ने आते ही दिखलाई रूचि
कोरिया जिले में प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी बैकुंठपुर सड़क चौड़ीकरण एक चुनौती बन गया है,पहले भी यहां पदस्थ रह चुके कई कलेक्टरों ने सड़क चौड़ीकरण की दिशा में काम शुरू किया था लेकिन उससे ज्यादा कुछ कर नही सके। अब वर्तमान कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने आते ही सड़क चौड़ीकरण को लेकर तत्परता दिखलाई। उनके निर्देशन में एक बार फिर नाप जोख किया गया,चौड़ीकरण की हद में आने वाले मकान और दुकानों की सूचि भी बनाई गई,मुआवजे का आंकलन कर राज्य सरकार को प्रकरण भी भेजा गया। बतलाया जाता है कि इसके लिए कलेक्टर ने व्यक्तिगत रूचि लेते हुए प्रयास किया है लेकिन आज दो माह बीत जाने के बाद भी चौड़ीकरण की दिषा में कार्य प्रारंभ नही हुआ।
विधायक ने भी कहा है होगा चौड़ीकरण
चुनाव के दौरान अब चौड़ीकरण का मुद्वा भी उठने लगा है,वर्तमान विधायक भईयालाल राजवाड़े ने भी चौड़ीकरण कराये जाने का वादा किया है उन्होने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मिलकर चौड़ीकरण हेतु राशि उपलध कराये जाने की मांग की है। विधायक ने वादा तो किया है लेकिन अभी तक राज्य सरकार की ओर से भी कोई ठोस उम्मीद नजर नही आती है।
जाम से हो रही परेशानी
चौड़ीकरण की समस्या आज प्रमुख समस्या बन गई है,साप्ताहिक बाजार के अलावा त्यौहारी सीजन हो या कि सामान्य दिनों में भी जाम की स्थिति बनती है। शहर में भी तेजी से दुपहिया एवं चारपहिया वाहने बढी हैं,स्थानीय नागरिक भी वाहन में ही बाजार आते हैं लेकिन उन्हे काफी परेशानियां हो रही हैं।
खरवत चौक से जमगहना तक होना है चौड़ीकरण
बैकुंठपुर शहर में पहले ही एनएच निकला हुआ था,कुछ वर्ष पहले खरवत बाई पास का निर्माण कर दिया गया,जिससे कि अंबिकापुर मनेंद्रगढ मार्ग में चलने वाली भारी वाहनें एवं निजी वाहने भी अब बाईपास से ही आना जाना करते हैं। इसके बाद केन्द्र सरकार ने खरवत चौक से जमगहना तक सड़क के पुनरोद्वार के लिए राशि उपलब्ध कराई थी,जिसके बाद सड़क का पुनरोद्वार किया गया है लेकिन अब आवष्यकता इस सड़क के चौड़ीकरण की है। खरवत चौक से जमगहना जिंदर ढाबा तक चौड़ीकरण की मांग काफी लंबे समय से की जा रही है लेकिन आज तक समाधान नही हो सका है।


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