- काम किया ग्राम पंचायतों ने 660 गड्ढे खोदे ग्राम पंचायत में और रिकॉर्ड बनने का अवार्ड मिला कलेक्टर को…
- योजना के लिए कलेक्टर का सम्मान समझ में आता है पर काम के लिए ग्राम पंचायत के सचिव व सरपंच की सराहना भी होनी चाहिए…

-रवि सिंह –
कोरिया,01 जून 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले की कलेक्टर ने एक दिन में 660 सोखता गड्ढा 3 घंटे में खुदवाकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया और जिसके लिए उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने उनके कार्यालय पहुंचकर बधाई दी और रिकॉर्ड के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र और मैडल प्रदान किया। इस पूरे विश्व रिकॉर्ड कायम करने के मामले में इस बात की भी चर्चा शुरू हो गई है कि सोखता गड्ढा खोदने का काम पंचायत के सरपंचों सचिवों सहित ग्रामीणों ने किया लेकिन इस पूरे मामले में उनका नाम या उनके योगदान की बात किसी ने नहीं की।
कलेक्टर कोरिया ने बधाई जहां गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम से प्राप्त किया उनके हाथों मैडल स्वीकार किया वहीं सभी विभागीय अधिकारियों के कलेक्टर कोरिया को ही बधाई दी वहीं जिन्होंने इस पूरे अभियान को सफल बनाया जमीनी हकीकत साबित किया उन्हें किसी ने न पुरस्कृत किया और न उनका नाम ही लिया। जिले की मुखिया होने के नाते कोई भी योजना बनाने का काम कलेक्टर का होता है उसे अमली जामा पहनाने के लिए वह जिले के प्रशासनिक अमले सहित ग्राम पंचायतों एवम ग्रामीणों सहित शहरी क्षेत्र के लोगों का आह्वान कर उसे मूर्त रूप देने प्रयास करते हैं लेकिन जब कोई योजना प्रशासनिक अमले ग्राम पंचायत सहित लोगों के संयुक्त प्रयास से सफल होती है तब उसका श्रेय भी केवल कलेक्टर ले जाएं यह सही नहीं है,सार्वजनिक रूप से सहभागिता से कोई कार्य यदि सफल होता है तब श्रेय सभी को बराबर मिलना चाहिए किसी अकेले को नहीं। कोरिया जिले की उपलब्ध से पूरा जिला उत्साहित है हर व्यक्ति उत्साहित है लेकिन सभी के मन में एक सवाल भी है कि क्या यह एक अधिकारी के खुद के महिमा मंडन का उपक्रम था या यह उनका स्वस्थ मन से और स्वस्थ विचारों के साथ एक जिले के जल संरक्षण के लिए प्रयास था। जिले में कई बार कई अधिकारी आए जिन्होंने कई नई योजनाओं का जिले में आरम्भ किया जो उनके जाते ही वह योजनाएं बंद हो गई। अब जिले की कलेक्टर जल संरक्षण के लिए आवा पानी झोंकी अभियान जिले में चला रही हैं और क्या यह आगे जारी रहने वाली योजना रहेगी यह भी विचारणीय है।
जिले का नाम रोशन हुआ लेकिन जमीनी अमला जिसने जिले की उपलब्धि के लिए मेहनत किया उसे नहीं मिला श्रेय
कोरिया जिला सोखता गड्ढा निर्माण मामले में विश्व इतिहास में नाम दर्ज कर ले गया जिससे जिले का नाम रोशन हुआ लेकिन इस बीच इसे जमीनी हकीकत के रूप में अमली जामा पहनाने वाले उन लोगों को कोई श्रेय नहीं मिला जिन्होंने मेहनत की,पूरे मामले में जिले की कलेक्टर ने केवल अपने लिए ही बधाईयां लीं,जमीनी कार्य करने वालों के लिए कोई भी उत्साहवर्धन वाला मामला समझ में नहीं आया। ऐसे मामले में उत्साहवर्धन आवश्यक है जिससे यह सतत जारी रहने वाली योजना बन जाए और जो अनवरत जारी रहे।
भीषण गर्मी में गढ्ढा खोदने वालों के लिए भी जिले का गौरव किसी सम्मान से बड़ा,फिर भी उन्हें उत्साहवर्धन वाले संदेशों की प्रतीक्षा
जिले के लोगों ने भीषण गर्मी में 3 घंटे के भीतर 660 सोखता गढ्ढों का निर्माण कर दिया और यह उन्होंने जिले के सम्मान के लिए किया और यह उन्हें गर्व है लेकिन अब लोगों का कहना है कि यदि आयोजन का श्रेय कलेक्टर कोरिया ले रही हैं तो उन्हें भी उत्साहवर्धन की जरूरत है और उन्हें भी यह लगता है कि उनकी पीठ कोई ठोककर उन्हें उत्साहित करे।वैसे लोगों का कहना भी सही है उन्हें निश्चित ही धन्यवाद दिया जाना चाहिए क्योंकि समहित प्रयासों से यह सम्मान जिले को मिल सका है।
सोखता गड्ढा निर्माण जिले के जल संरक्षण के लिए नितांत आवश्यक कलेक्टर कोरिया का संदेश
कलेक्टर कोरिया लगातार विभिन्न मंचों से यह जिले के लोगों को बता रही हैं कि जल संरक्षण जिले के लिए नितांत आवश्यक,उनका लोगों के लिए यह संदेश प्रतिदिन प्रसारित हो रहा है कि जिले का जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है जिसके लिए 5 प्रतिशत मॉडल सोखता गड्ढे की नितांत आवश्यकता है,जिले में फसल चक्रीकरण धान की फसल कम से कम एक से भी कम हिस्से में न लगाने का जमीन में वह आव्हान कर रही हैं जिससे जल संरक्षण हो सके।
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