अमित जोगी ने कुछ शर्तों पर खत्म किया धरना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,28 मई 2025 (ए)। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की प्रतिमा को लेकर उपजा विवाद फिलहाल शांत हो गया है। प्रशासन के आश्वासन के बाद अमित जोगी ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। प्रतिमा को परिसर में सुरक्षित रखा गया है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसका विधिवत अनावरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से हुई थी चर्चा
अमित जोगी ने पहले स्पष्ट किया था कि या तो उनके पिता अजीत जोगी की प्रतिमा स्थापित होगी या उनकी अर्थी उठेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव से उनकी बात हुई,जिन्होंने प्रतिमा स्थापना के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया।
रात के अंधेरे में हटाई गई थी मूर्ति
कुछ दिन पहले अज्ञात लोगों ने रात के अंधेरे में चबूतरे पर स्थापित अजीत जोगी की मूर्ति को उखाड़कर बस स्टैंड पर रख दिया था। इससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और अमित जोगी समेत कई समर्थक धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ता देख प्रशासन ने सभी पक्षों से चर्चा कर समाधान की दिशा में कदम उठाए।
प्रतिमा स्थापना के लिए नियम जरूरी
एसडीएम रिचा चंद्राकर ने बताया कि प्रतिमा बिना अनुमति और नियमों की अनदेखी कर लगाई गई थी। शासन के 2003 के दिशा-निर्देश और 1998 के परिपत्र के अनुसार,महापुरुषों की मूर्ति स्थापना के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है। अब सहमति बनी है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मूर्ति पुनः स्थापित होगी।
अमित जोगी की चेतावनी
अमित जोगी ने कहा कि 29 मई को अजीत जोगी की पुण्यतिथि है और वे इस दिन टकराव नहीं चाहते। हालांकि यदि मूर्ति शीघ्र स्थापित नहीं हुई,तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
भाजपा का दावा, विवाद बरकरार
भाजपा जिला अध्यक्ष लालजी यादव ने कहा कि नगरपालिका की बैठक में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ था,लेकिन ठेकेदार ने अजीत जोगी की मूर्ति स्थापित कर दी।
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