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कोरिया,@सोनहत के तर्रा जंगल मे हसदो व बनिया नदी का हुआ संगम,प्रकृति ने बिखेरी अपनी छटा

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-राजन पाण्डेय-
कोरिया,20 मई 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले की भगौलिक सौंदर्यता को धरती के स्वर्ग से कम भी नही कहा जा सकता है. जिले में प्रकृति ने अपनी अनुपम सौंदर्यता की ऐसी छटा बिखेरी है, जो लोगों को रोमांचित कर देती है। यही कारण है की कोरिया जिला पर्यटकों से गुलजार रहता है. सोनहत का बालंगढ़ी क्षेत्र हो या फिर घुनघुट्टा बांध चाहे बिजाधुर नदी हो या फिर रॉक काट गुफाएं सभी, इन दिनों ये स्थल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लेकिन आज हम बताने जा रहे हैं एक और शानदार स्थान के बारे में जिसकी जानकारी बहुत कम लोगो को है,आज हम आपको बताने जा रहा है हसदो नदी व बनिया नदी के संगम के बारे में,गंगा जमुना और बड़े नदियों के संगम के बारे में तो बहुतों ने सुना है लेकिन एक संगम स्थल कोरिया जिले में भी है जो हसदेव नदी व बनिया नदी के मिलने से बना है। यह संगम स्थल कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रा के जंगलों में गौर घाट जल प्रपात से महज कुछ दूरी पर स्थित है, यह एक बहुत शानदार स्पॉट है लेकिन जानकारी के अभाव में लोग यहां पर नही जा पाते हैं,कल कल करती बहती दो नदियों के संगम स्थल पर पहुच कर एक अद्भुद आनंद की अनुभूति होती है,बनिया नदी ने अपने प्रवाह क्षेत्र में दो से तीन जल प्रपात बनाये हैं वही हसदो नदी पर स्थित गौरघाट जल प्रपात और अमृतधारा की अलग ही पहचान है।
क्षेत्र की गौरव है दोनों नदियां
हसदेव नदी छत्तीसगढ़ राज्य में बहने वाली एक प्रमुख नदी है। यह महानदी की एक प्रमुख सहायक नदी है तथा कोरबा के कोयला क्षेत्र में तथा चम्पा मैदान में प्रवाहित होने वाली प्रमुख नदी है। यह नदी कोरिया जि़ले की मेण्ड्रा पहाडि़यों से निकलकर कोरबा, बिलासपुर जिलों में बहती हुई महानदी में मिल जाती है। हसदेव का अधिकांश प्रवाह क्षेत्र ऊबड़-खाबड़ है। इसकी कुल लंबाई 176 किलोमीटर और प्रवाह क्षेत्र 7,210 वर्ग किमी है। इसकी सहायक नदियां बनिया तान,झींग,उतेंग, गज,चोरनई है नदी है वही बनिया नदी सोनहत ब्लॉक के ही तर्रा जंगल मे हसदो से मिलने वाली प्रथम नदी है।
संगम स्थल को विकसित किये जाने की मांग
हसदो नदी व बनिया नदी का संगम स्थल जिले का एक मात्र दो नदियों का संगम स्थल है इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किये जाने की आवश्यकता है, क्षेत्र के नागरिकों की मांग है कि जिस प्रकार अमृतधारा व गौर घाट सहित बालमगढ़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है उसी प्रकार हसदो व बनिया नदी के संगम।स्थल को।भी विकसित किया जाए ताकि लोग यहां इसे देखने जा सके।


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