- जिले से बाहर सुपर कॉप प्रधान आरक्षक का तबादला होने के बाद कई लोगों ने भगवान के सामने जाकर टेका माथा…और मांगी मन्नत की दोबारा इस जिले में ना आए यह प्रधान आरक्षक…साथ ही सरगुजा आईजी को दिया तबादले के लिए धन्यवाद…
- इस प्रधान आरक्षक के पीछे पूरे जिले के 95 प्रतिशत लोग इसे हराम के व्यवसाय से जुड़ा कह कर ही संबोधित करते थे…क्योंकि इसकी कार्यप्रणाली भी कुछ ऐसी ही थी…
- अपनी रवानगी मिलने से तिलमिला उठा था प्रधान आरक्षक नेता प्रतिपक्ष से पुलिस अधीक्षक को लगवाया था फोन:सूत्र
- इसके तबादले को लेकर इसके साथ अवैध कारोबार करने वाले और जिनका यह चरण वंदन करता था वह लोग ही है सिर्फ दुखी बाकी सब भगवान को दे रहे धन्यवाद…
- पुलिस की वर्दी पहनकर भी एक व्यक्ति का यह प्रधान आरक्षक छुआ करता था पैर अपनी वर्दी का भी नहीं था इसे मान-सम्मान:सूत्र
- जशपुर पुलिस अधीक्षक को भी इस प्रधान आरक्षक पर रखना होगा विशेष ध्यान…

कोरिया/जशपुर,04 मई 2025 (घटती-घटना)। तबादले के बाद और तबादले की जगह के लिए रवानगी मिलने के बाद भी एक प्रधान आरक्षक क्या अपने जिले में संचालित कारोबार के लिए उत्तराधिकारी ढूंढ रहा है? क्या वह अपने कई ऐसे कारोबार के लिए उत्तराधिकारी ढूंढ रहा है जो वह पुलिस की वर्दी के आड़ में वह जिले में संचालित करता था और जो ऐसे कारोबार हैं जो कहीं न कहीं उसकी वर्दी को दागदार करते थे और हैं, वैसे यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि तबादले के बाद और रवानगी मिलने के बाद भी एक प्रधान आरक्षक जिले में ही घूम रहा है और वह कहीं न कहीं परेशान दिख रहा है चिंता में नजर आ रहा है। वैसे बताया जा रहा है कि उक्त प्रधान आरक्षक का जैस ही जिले के बाहर तबादला हुआ और उसे रवानगी मिली वैसे ही जिले के कई लोग मंदिरों में जाकर माथा टेक रहे हैं और भगवान को धन्यवाद दे रहे हैं। जिले के जो लोग प्रधान आरक्षक के तबादले के बाद भगवान को धन्यवाद दे रहे हैं वह ऐसे लोग हैं जो कहीं न कहीं इस प्रधान आरक्षक से पीडि़त थे और इसके द्वारा सताए हुए थे।
भगवान से लोग यह मन्नत भी मांग रहे हैं कि इस प्रधान आरक्षक को दोबारा जिले में वापस न किया जाए…
भगवान से यह लोग यह मन्नत भी मांग रहे हैं कि इस प्रधान आरक्षक को दोबारा जिले में वापस न किया जाए क्योंकि यह जिले के लायक नहीं और जिले में इसकी वापसी से कहीं न कहीं फिर अवैध कारोबारियों को बल मिलेगा और उन्हें फिर से मौका मिल जाएगा अवैध कारोबार का। खुद को खुद से ही सुपर कॉप बताने वाला यह प्रधान आरक्षक अभी तो फिलहाल रवानगी पा चुका है और यह कब जिला छोड़ेगा यह जिले के लोग इंतजार कर रहे हैं। लोग सरगुजा आईजी रहे अंकित गर्ग को बारंबार धन्यवाद भी देते सुने जा रहे हैं और वह यह कहते सुने जा रहे हैं कि इस जैसे भ्रष्ट प्रधान आरक्षक को उन्होंने पहचाना और उसकी दोषपूर्ण कार्यप्रणाली को जाना और इसे जिले से बाहर बहुत दूर भेजकर जिले के लोगों की मन्नत उन्होंने पूरी की। लोगों का यह कहना है कि कई अधिकारी आए गए लेकिन सभी को इसने अपने प्रभाव में ले लिया और अब तक बचता रहा जिले में बना रहा आईजी अंकित गर्ग ही ऐसे अधिकारी आए जिन्होंने इसे भ्रष्ट मानकर जिले से बाहर किया। बताया यह भी जाता है कि इस प्रधान आरक्षक को जिले के 95 प्रतिशत लोग पीठ पीछे हराम के व्यवसाय से जुड़ा ही कहकर संबोधित करते थे और इसे भ्रष्ट ही मानते थे। वैसे इसको लेकर लोगों की मानसिकता इसलिए ऐसी थी क्योंकि इसकी कार्यप्रणाली ही ऐसी थी।
दो लोगों की रवानगी नहीं होगी मिली तो बहुत तेजी से छटपटा उठे सुपर कॉप
सूत्रों कहा कहना था कि जिले से तीन कर्मचारी का तबदला संभाग के अन्य जिलों में हुआ था जिसमें सबसे पहले रवानगी एक प्रधान आरक्षक को मिली, और वह सोचा कि दो लोगों की रवानगी नहीं होगी,उनका तबादला रुक जाएगा और वह बहुत तेजी से छटपटा ने लगा और उन दोनों की रवानगी हो जाए इसके लिए वह अपनी अपनी गंदी सोच के साथ पहले सूचना के अधिकार लगाने चला गया, उससे भी बात नहीं बनी तो अपने एक नेता से नेता प्रतिपक्ष को फोन करवा कर कहता है कि सिर्फ मुझे रवानगी दे रहे बाकी को रोक रहे है, नेता प्रतिपक्ष भी उसकी बातों में आ गए और पुलिस अधीक्षक को फोन करवाया जिसमें उन्होंने पुलिस अधीक्षक को कहा कि क्या रवानगी देने में भी पक्षपात हो रहा है,जबकि वर्तमान आईजी में सब पहले ही सफ कर दिया था कि किसी का भी स्थानांतरण रुकना नहीं था, क्योंकि वर्तमान आईजी ने एक लाइन में कह दिया था उनके सीनियर ने तबादला किया है वह उसमें कुछ नहीं कर सकते हैं जिनका जहां हुआ है उन्हें वहां जाना होगा। यह जानकारी विशेष सूत्रों से मिली है इसकी पुष्टि दैनिक घटती-घटना नहीं करता पर लगभग यह जानकारी सत्य के करीब मान कर प्रकाशित किया जा रहा है। बताया जाता है कि इसकी रवानगी न हो इसके लिए इसने कई जगह जाकर हांथ पैर जोड़े यहां तक कि नेता प्रतिपक्ष से भी इसके लिए सिफारिश हुई और उन्होंने भी इसके लिए प्रयास किया कि इसकी रवानगी रुक जाए लेकिन जिले के अधिकारियों ने साफ मना कर दिया और इसके पीछे इसकी दूषित छवि और कार्यप्रणाली ही वजह बनी। वैसे इसके तबादले के बाद जिले में कुछ गिने चुने लोग दुखी भी हैं जिनमें वह लोग शामिल हैं जिनका यह चरण वंदन करता था या जिनका अवैध कारोबार से कोई लेना देना है। कुल मिलाकर जिन्हें अवैध कुछ करना है वह काफी उदास हैं इसके जाने से जिले के बाहर।
पैर छूना भी इसके काम न आया
बताया यह भी जाता है कि यह पुलिस की वर्दी का भी मान नहीं रखता था और है और यह वर्दी पहनकर भी एक व्यक्ति का जिले में सार्वजनिक रूप से पैर छुआ करता था और वर्दी का मान गिराता था, कुल मिलाकर यह जिले में रहने के लिए और अवैध कारोबार से जुड़े रहने के लिए ऐसा करता था और यह पैर छूना भी इसके काम न आया और इसे रवानगी दे दी गई, वैसे लोगों का कहना है कि जशपुर पुलिस अधीक्षक को भी इसकी कार्यप्रणाली पर ध्यान रखना होगा हमेशा ही ध्यान रखना होगा क्योंकि मौका मिलते ही यह वहां भी पुलिस की छवि खराब करने से बाज नहीं आएगा और अवैध कारोबारियों को यह संरक्षण भी देगा और खुद भी उनके साथ संलिप्त होकर यह अवैध कारोबार करेगा बाज नहीं आएगा क्योंकि इसकी आदत में ही वेतन से पेट न भरने की आदत शुमार हो गई है और यह अपनी जरूरतें परिवार की ज़रूरतें इतनी बढ़ा चुका की इसे जब तक हराम की कमाई न मिले इसका आजीविका संभव नहीं। वैसे ऐसे लोगों के कारण ही पुलिस की छवि धूमिल होती है जो फर्ज के साथ गद्दारी इसलिए मात्र करते हैं क्योंकि इनका पेट ईमानदारी से मिलने वाले वेतन से नहीं भरता,वहीं इनके परिवार का भी पेट नहीं भरता।
जशपुर पहुंचने से पहले वहां से आने की चिंता में है सुपर कॉप…किसके पैर छुएं की वापसी हो जाए प्रयास यह है चिंताःसूत्र
प्रधान आरक्षक जिले से अभी रवानगी भर पा सके हैं और अभी जशपुर पहुंचे भी नहीं हैं और अपनी पुनः वापसी के लिए वह चिंतित हैं ऐसा बताया जा रहा है,बताया जा रहा है कि वह किसका चरण वंदन करें जिससे उनकी वापसी हो जाए वह इसी जुगत और चिंता में हैं।
जिले से रवानगी हो गई है पर पेट्रोल पंप से नहीं…कब पहुंचेंगे अपनी नवीन पदस्थापना पर सुपर कॉप?
सूत्रों का कहना है की खुद को सुपर कॉप खुद ही साबित करने वाले प्रधान आरक्षक की तबादले के बाद जिले से रवानगी तो हो गई है लेकिन उन्हें पेट्रोल पंप से अभी मुक्ति छुट्टी नहीं मिली है ऐसा बताया जा रहा है,वह कब अपनी नवीन पदस्थापना पर पहुंचेंगे यह बड़ा सवाल है,क्या वह अभी भी यहीं रुके रहने की जुगत में हैं, सुपर कॉप पेट्रोल पंप में भी गड़बड़ी की फिराक में हो सकते हैं ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है।
क्या रवानगी के बाद इसलिए जिले में भ्रमण कर रहे हैं कि अपना उत्तराधिकारी यहां पर खड़ा कर सके और अपना अवैध काम उसके हाथों में सौंप सके?
प्रधान आरक्षक जिले से रवानगी मिलने के बाद भी जिले में घूम रहे हैं और वह अपना उत्तराधिकारी ढूंढ रहे हैं जिससे वह उसे अपना कारोबार सौंप सकें ऐसा लोगों का कहना है, वैसे उनका उत्तराधिकारी कौन होगा और कैसे वह विश्वास से अपना उत्तराधिकारी बनाएंगे यह देखने वाली बात होगी क्योंकि उनके जाने के बाद जिले में उनकी वह पैठ नहीं रह जाएगी वह उन खबरों से अनभिज्ञ हो जाएंगे जो पुलिस विभाग की गोपनीय खबरें हुआ करती हैं जिसे पहले से जानकर वह बच निकलते थे वह अपने उत्तराधिकारी को कैसे वह जानकारियां दे पाएंगे
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