Breaking News

रायपुर@जातिगत जनगणना पर दो मुख्यमंत्री आमने-सामने

Share

रायपुर,01 मई 2025(ए)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आगामी जनगणना में जातीय गणना को सम्मिलित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इस निर्णय को सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जातियों की गणना को आधिकारिक रूप से जनगणना में सम्मिलित करने का जो निर्णय लिया है, वह प्रशंसनीय और अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा कि इससे देश में सामाजिक नीति निर्माण को ठोस आधार मिलेगा और वंचित वर्गों के लिए प्रभावी योजनाएं बनाई जा सकेंगी। बता दें कि बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट बैठक में जातिगत जनगणना के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। इस फैसले का विपक्ष ने भी स्वागत किया है। विपक्ष लंबे समय से देश में जातिगत जनगणना कराने की मांग कर रहा है।
केंद्र का विषय है जनगणना
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनगणना केंद्र का विषय है और जब जातियों की गणना उसी के माध्यम से होगी तो उसकी विश्वसनीयता, पारदर्शिता और नीति निर्धारण में उपयोगिता कहीं अधिक होगी। कई रा’यों ने सर्वे के नाम पर जो जातीय आंकड़े जुटाए, वे राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित थे और इससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की & करोड़ जनता की ओर से वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए सहृदय आभार प्रकट करते हैं।कांग्रेस समाज को बांटने का काम कर रही है
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पार्टी की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस जातिगत जनगणना से भागती रही है। वर्ष 2010 में जब यूपीए सरकार थी, तब भी अधिकांश दलों की सहमति के बावजूद कांग्रेस ने इसे रोका। आज फिर वही पार्टी जातीय सर्वेक्षणों को राजनीति का माध्यम बनाकर समाज को बांटने का प्रयास कर रही है।
जाति जनगण्ना पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्या कहा
जातिगत जनगणना के फैसले पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा- अब केंद्र सरकार को भी झुकना ही पड़ा। हमारे नेता राहुल गांधी जी ने जातिगत जनगणना की बात शुरु की। विपक्षी दल साथ आकर लगातार आवाज बुलंद करते रहे। और आज केंद्र सरकार को जातिगत जनगणना की घोषणा करनी पड़ी। जातिगत जनगणना को जातिवादी राजनीति का हिस्सा कहने वालों को आज बहुत शर्म आ रही होगी। अब वे इसे उचित ठहराने का बहाना ढूंढेंगे। जातिगत जनगणना तो हो पर ईमानदारी से हो। छोटी बड़ी हर जाति की गणना हो। कोई छूटे नहीं। भूपेश बघेल ने कहा कि इसका फ़ॉर्मेट सरकार पहले जारी करके सभी दलों से सलाह मशविरा करे तभी जनगणना शुरु हो। तभी सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@यूजीसी नियमों के खिलाफ स्वर्ण समाज का ऐलान,1 फरवरी को अंबिकापुर बंद

Share अम्बिकापुर,29 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रस्तावित 1 फरवरी …

Leave a Reply