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सोनहत,@सुनिये सरकार…राहत की बड़ी है दरकार…!

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-राजन पाण्डेय-
सोनहत,23 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। विकासखंड सोनहत का वनांचल ग्राम तुर्रीपानी एक ऐसा ग्राम है जो पूरी तरह से एक प्राकृतिक जल स्रोत तुर्रे पर निर्भर है, आलम है कि प्राकृतिक तुर्रे के अलावा दूसरा कोई जल स्रोत उपलध नहीं है । ग्राम कई बार 5 सौ फीट तक नल कूप खनन किया गया जिसके बाद भी पानी नही निकला,पूरा ग्राम उस तुर्रे के पानी से ही अपनी प्यास बुझा रहा है और लेकिन वह तुर्रा भी पहाड़ की गहराइयों में स्थित है जहां से कांवर में पानी भर कर पहाड़ चढ़ के ग्राम तक पानी लाना पड़ता है, तुर्रे के पानी के कारण इस ग्राम का नाम तुर्रीपानी पड़ा है। लेकिन वर्तमान की भीषण गर्मी के कारण ग्राम में पेय जल की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है ग्रामीणों के सहुलियत के लिए सोलर सिस्टम लगाया गया है जो काम भी कर रहा है लेकिन बावजूद इसके ग्रामवासी हलाकान हो गए है। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया की खाई में स्थित प्राकृतिक तुर्रे का पानी सोलर सिस्टम के माध्यम से उपर तक आता है लेकिन इसका पानी कुछ दूर तक ही चढ़ाई तक आ पाता है और सुबह के वक्त आधा धंटे कभी 1 घंटे तक चलता है इसके बाद टंकी खाली हो जाती है और फिर पानी बंद हो जाता है इतने बड़े ग्राम के लिए एक घंटे का पानी नाकाफी हो जाता है। पानी बंद होने के बाद जिसे पानी की आवश्यकता होती है वह पहाड़ उतर कर तुर्रे में पानी लेने जाता है। वर्तमान समय में स्थिति यह है की ग्रामीण पानी के लिए गांव से दो किलोमीटर खाई में स्थित तुर्रे में पानी लेने जाते है और कंधे में पानी ढ़ोकर पहाड़ की भीषण चढ़ाई चढ़ते है और काफी दूर पैदल चलने के बाद उनके घर में पीने का पानी पहुच पाता है।
खतरे भरा होता है सफर
तुर्रीपानी के तुर्रे से ग्रामीणों को कोई पानी लाते देख ले तो ये किसी दिल दहला देने वाली घटना से कम नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि कंधे में पानी ढोकर पहाड़ की भीषण चढ़ाई चढ़ते समय यदि थोड़ी सी भी लापरवाही या चूक हुई तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता है वही ग्रामीण महिलाएं एवं बच्चे भी पुरूषों से कम नहीं पानी लाने के इस खतरे भरे सफर में महिलाएं सिर पर पानी ढोंकर एवं बच्चे बीस लीटर के दो डबे कांवर में फंसा कर पानी लाने मजबूर है जब उन युवकों से पानी के लिए होने वाली परेशानी के संबंध में बात चीत की तो दोनों युवकों ने सिर्फ एक ही बात कही कि सोलर सिस्टम लगाया गया है थोड़ी राहत है पर फिर भी परेशानी बहुत है और अब सहन नहीं हो रहा। शासन-प्रशासन हमारी परेशानी को समझे और इस समस्या से निजात दिलाए। वहीं तुर्रा स्थल पर उपस्थित कुछ बुर्जगों ने कहा की अधिकारियों को समस्या बताते-बताते थक गए हंै लेकिन अब लगता है की हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।
कोरिया कुमार की पहल से लगा था प्लांट
पूर्व विामंत्री डा रामचंद्र सिंहदेव के प्रयासों से छाीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) एंव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संयुक्त तत्वाधान से उक्त ग्राम में पेयजल एवं दैनिक उपयोग हेतु जल व्यवस्था के तहत यहां पर पानी के लिए लिए 02 सोलर पंप स्थापित किये गए थे। चूंकि जल स्त्रोत की ग्राम से दूरी अधिक है। अतः पम्प की स्थापना दो स्टेज में की गई थी,पहला पम्प जल स्त्रोत के समीप स्थित टैंक में लगाया गया और वहां से 200 मी. की दूरी एवं लगभग 40 मी.की उंचाई पर दूसरा टैंक बनाया गया, जिसमें दूसरा पम्प स्थापित किया गया है। पहले पम्प के माध्यम से पानी दूसरे टैंक मे ले जाया जाता था तथा इस टैंक से दूसरे पम्प के माध्यम से 1800 मीटर लंबी पाईप लाईन लगाकर पानी ग्राम तक पहुँचाया जाता था लेकिन वर्तमान में घरों की संख्या बढ़ने दूर-दूर पर घर होने एवं व्यवस्था में सही समय पर मेटेंनेस नही होने के कारण व्यवस्था प्रभावित होती रहती है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है।
विवाह के समय पानी बड़ी समस्या-
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया की भीषण गर्मी में पानी की व्यापक समस्या होने के कारण गांव में सामाजिक कार्य एवं विवाह में भारी परेशानी होती है ग्रामीणों का कहना है की सामाजिक कार्य अथवा विवाह के समय बहुत भीड़ भाड़ होता है और उतने लोगों के लिए पानी की व्यवस्था बनाना ऐसी स्थिती में संभव नही है।
बड़ी टंकी बनाकर पूरे गांव
तक पहुंचे पाईप लाईन-

ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया की विगत 100 वर्षों से आज तक तुरर्रा नही सुखा हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया की इस प्राकृतिक जल स्त्रोत से एक हॉर्ष पावर के पंम्प के बराबर की गति से नित प्रतिदिन 24 घन्टे पानी निकलता रहता है और यह पानी दो चट्टानों के बीच से निकलता है लेकिन टंकी छोटी एवं खराब होने के बाद पानी के स्टोरेज की भी व्यापक समस्या है। उक्त स्थिती में पानी की बड़ी टंकी बनाए जाने की आवश्यकता है जिससे पर्याप्त मात्रा में पानी का स्टोरेज हो सके साथ ही पूरे ग्राम स्तर तक पाईप लाईन का विस्तार हो सके इसके बाद ही ग्रामीणों का राहत मिल सकेगी।
इनका कहना है…
तुर्रीपानी के बेहतर जल व्यवस्था के लिए कलेक्टर महोदया एवं सांसद महोदया से मिल कर मांग की जावेगी।
अनित दुबे कांग्रेस नेता

तुर्रीपानी मे वाकई समस्या तो है, इसके लिए वहां पर बड़ी टँकी मोटर एवं एवं पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने की मांग विधायक महोदया से मिल कर करूँगा।
राम प्रताप सिंह मरावी भाजपा नेता

तुर्रीपानी में पेयजल व्यवस्था हेतु बड़े प्रोजेक्ट की मांग विधायक महोदया व मंत्री महोदय से करेंगे ।
समयलाल चेरवा
भाजपा नेता

इसी सप्ताह कलेक्टर महोदया को ज्ञापन सौंप पेय जल व्यवस्था से जुड़ी पूरी समस्याओं की जानकारी देंगे साथ ही समस्या के स्थायी समाधान हेतु मांग की जावेगी।
जयचंद सोनपाकर
अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता


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