- पेय जल संकट के समाधान के लिए घुनघुटटा परियोजना बनाकर जलापुर्ति की बढ़ रही मांग
- कटगोड़ी समूह जलप्रदाय योजना के तहत रुके कार्य को तत्काल शुरू करने की बढ़ी मांग

-राजन पाण्डेय-
सोनहत 22 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। गर्मी के मौसम में सूख रहे नदी नालों, तालाबों तथा हैंडपंपों और नलों की पतली धार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है। इसे देखते इस गर्मी में कई स्थानों में भीषण जल संकट उतपन्न हो होने लगा है लोगों का कहना है कि पिछले कुछ सालों से यही स्थिति बन रही है इसके बावजूद प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। जिसके कारण साल दर साल समस्या गहराती जा रही हैं।
क्षेत्र की एकमात्र जीवनदायनी हसदेव का पानी सूख रहा हैं। मछलियां, मेंढक, सांप, कछुआ तथा अन्य जलीय जीव लगभग लुप्त हो गए हैं। साथ ही निस्तारी की समस्या शुरू हो गई है। ऐसा ही रहा तो ग्रामीणों सहित पशु-पक्षियों को भी पीने के पानी के लिये समस्याओ का सामना करना पडेगा। उल्लेखनीय है की हर साल इस तरीके की समस्या सामने आती है फिर भी ग्रामीण क्षेत्रों में इन समस्याओ की अनदेखी की जाती है। भरत पुर सोनहत विधान सभा अतर्गत ग्राम सोनहत के समस्त वार्डों सहित रजौली पोडी सलगवां धुम्माडांड उरांव पारा तहसील पारा अन्य कई क्षेत्रों के अधिकांश जल स्रोत कमजोर हो गए और सूखने लगे हैं । अल्पवर्षा एवं खंड वर्षा के चलते जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं भर पाने के कारण गर्मी में जल संकट गहराने लगा है। वहीं पानी की समस्या से निजात दिलाने पिछले दो दशकों में कई गांवों में तालाबों का निर्माण कराया गया मगर यह तालाब मात्र शो पीस बनकर रह गए हैं। अनुभाग मुख्यालय सोनहत सहित सभी क्षेत्र के अधिकांश तालाबों में पानी तेजी से सूख रहा है और कई तलाबों में तो अभी स्थिती भयावह हो गई है। पानी के अभाव में पशु पक्षियों को भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। रोजगार गारंटी से सिंचाई, तालाब गहरीकरण की योजनाओं पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। हैंडपंपों और नलों की धार पतली हो चली है। नल-जल योजना भी, अधर में पड़ी है तो कुछ जगह फ्लाप साबित हुई है। कहीं नल होते हुए भी पानी नहीं आता है। इन दिनों ग्रामीणों को मवेशियों की चिंता सता रही है। वहीं पंचायतों द्वारा बनाया गया तालाब मानसूनी तालाब बन गया है। जिनमें सिर्फ बरसात का पानी रहता है शासन द्वारा तालाब निर्माण, नल-जल योजना, सिंचाई योजना, गहरीकरण योजना पर लाखों रूपए हर साल खर्च होते हैं लेकिन यह व्यर्थ साबित हो रहे हैं।

जलापूर्ति हेतु घुनघुटटा परियोजना बनाये जाने हो पहल
विकासखंड सोनहत में प्रति वर्ष उत्पन्न होने वाले जल संकट कां देखते हुए ग्रामीणो ने घुनघुटा परियोजना शुरू करने की मांग अब जोर पकड़ चुकी है हलाकी यह मांग पिछले कई सुराजों में किया जा चुका है लेकिन इस पर कोई अमल अभी तक नही हुआ है। ग्रामीणों का मानना है की टयुब वेल एवं नल जल से जल संकट को दूर नही किया जा सकता क्योकी हर माह किसी न किसी कारण से नल जल योजना खराब हो ही जाती है जिससे ग्राम जनो के मध्य जल संकट उतपन्न हो जाता। घुनघुटा जलाशय एक बड़े जलाशयों में गिना जाता है और यदि प्रशासन द्वारा सकारात्मक पहल करते हुए इसका गहरीकरण कर इसके पानी को फिल्टर कर सोनहत क्षेत्र में वितरण किया जाए तो जल संकट की समस्या लंबे समय के लिए खत्म हो सकती है।
सिचाई का रकबा कगजों में
सोनहत क्षेत्र में डउकाबुड़ा जलाशय में पहले से काफी सुधार हुआ है पिछली सरकार में जलाशय एवं नहरों के मरम्मत का काफी कार्य हुए लेकिन बड़े एरीया के हिसाब से यह नाकाफी है इसका भी जल स्तर काफी नीचे चला गया है ऐसा लग रहा है की गर्मी का मौसम चढते ही यह जलाशय काफी हद तक सूख जाएगा कुछ ऐसा ही आकड़ा किशोरी जलाशय का भी है विभागीय आकड़ों के अनुसार यह जलाशय बड़े पैमाने पर भूमि को सिंचत कर रहा है जबकी हकीकत यह है की इस साल इस जलाशय का लाभ आकड़ो से काफी कम किसानों को ही मिल पाया।
जलजीवन मिशन खटाई में
जलजीवन मिशन के तहत सभी ग्रामों में टंकियां बनाकर घर घर नल के तहत पानी पहुचने की योजना पर कार्य जारी है लेकिन कहीं अंकी बनी तो नल का पता नही कहीं नल लगा तो टंकी का पता नही सोनहत क्षेत्र में लगाए गए अधिकांश नल अब टूट रहे हैं पर पानी कब आएगा इसका कोइ अता पता नही है।
कटगोड़ी जलप्रदाय समुह के कार्य पर लगा ग्रहण
सोनहत विकासखंड के कटगोड़ी जलप्रदाय समुह अंर्तगत कटगोड़ी सोनहत क्षेत्र में जलापुर्ति के लिए पुर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में पुर्व विधायक के प्रयासों से लगभग 30 करोड़ रूपय आस पास की स्वीकृति मिली थी जिसमें दुद्धीधार में एनीकट बनाकर फिल्टर प्लांट लगाकर पाईप लाईन के माध्यम से जलापुर्ति किया जाना था। जिसके तहत दुद्धीधार में एनीकट बना इंटकवेल के गढढे आदि का कार्य एवं बाउंड्रीवाल का काफी हद तक करा लिया गया लेकिन इस बीच सरकार बदलने के बाद कार्य की गति मंद पड़ गई और वर्तमान में सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है की विभाग के उच्च कार्यालय रायपुर के माध्यम से कुछ आपत्ती लगने के कारण कार्य पूरी तरह से बंद है। जिसके कारण यह योजना भी फिलहाल खटाई में जाती दिखाई दे रही है।
क्या कहते है लोग
पेयजल अपुर्ति को लेकर भारी समस्या है इसके लिए कोई घ्यान नही दिया जा रहा है हरसाल की यही समस्या रहती है कटगोड़ी समुह जलप्रदाय योजना को जल्द पुर्ण कर लोगों को उसका लाभ दिलाने की जरूरत है साथ ही यदि एक बार घुनघुटा बांध से पाईप लाईन के माध्यम से जल परियोजना प्रारंभ कर जलापुर्ति किया जाए तो हर वर्ष होने वाले जल संकट से बचा जा सकता है।
पुष्पेन्द्र राजवाडे सोनहत
पुर्ववर्ती सरकार में स्वीकृत कटगोड़ी समुह जलप्रदाय योजना के कार्य में गति लाने एवं रूके हुए कार्येां को तत्काल प्रारंभ करने मुख्य मंत्री जी को पत्र भेज कर मांग किया जावेगा। स्थानीय स्तर पर नदी नालों में बोरी बंधान अन्य माध्यमों से जल सरंक्षण पर कार्य कराए जाने की जरूरत है।
जयचंद सोनपाकर अधिवक्ता,सामाजिक कार्यकर्ता
जलापुर्ति के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया गया तो आने वाले समय में बहुत परेशानी होगी, हर साल समस्या होने के बावजूद उसकी अनदेखी आने वाले दिनों में भारी पड़ सकती है जल संरक्षण एवं जलापुर्ति की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
राम कुमार साहू
केशगवां बसवाही कैलाशपुर एवं आसपास के ग्रामो में पेयजल की भारी किल्लत है, नदी तालाब कुँओ में जल स्तर में भारी गिरावट है, जलापूर्ति के लिए शासन प्रशासन स्तर से बड़े कार्यवाही की आवश्यकता है।
अनित दुबे केशगवां
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