Breaking News

रायपुर@ नान घोटाला मामले में सीबीआई कार्यवाही

Share

पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा,आलोक शुक्ला और पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ एफ आईआर
रायपुर,19 अप्रैल 2025 (ए)।
छत्तीसगढ़ के चर्चित नान घोटाला मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। गवाहों को प्रभावित करने के आरोप में सीबीआई ने पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा,आलोक शुक्ला और पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ नया केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज मामले के आधार पर शुरू की गई है। इनके खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं।
2015 के नान घोटाले में गवाहों को प्रभावित करने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में ईओडब्ल्यू ने पिछले साल 4 नवंबर को टूटेजा, शुक्ला और वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि इन तीनों ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर गवाहों को डराने-धमकाने की कोशिश की। इस मामले में 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी केस दर्ज कर चुका है।
प्रभाव का इस्तेमाल से गवाहों को प्रभावित करने का आरोप
ईओडब्ल्यू के अनुसार, 2018 के बाद टूटेजा और शुक्ला राज्य सरकार में अहम पदों पर थे और छत्तीसगढ़ की नौकरशाही पर उनका काफी नियंत्रण था। महत्वपूर्ण नियुक्तियों और तबादलों में उनकी चलती थी। आरोप है कि दोनों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल गवाहों को प्रभावित करने के लिए किया।
वाट्सएप चैट से पुष्टि
जांच में सामने आया कि टूटेजा और शुक्ला ने तत्कालीन महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के साथ मिलकर साजिश रची। तीनों के बीच कोड वर्ड में हुई वाट्सएप चैट से इसकी पुष्टि हुई। उनका मकसद वर्मा को गलत तरीके से अपने पक्ष में काम करने के लिए उकसाना था। इसके लिए उन्होंने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों से दस्तावेजों और जानकारी में हेरफेर करवाया। इस साजिश का उद्देश्य नागरिक आपूर्ति निगम के खिलाफ 2015 में दर्ज एक मामले में अपने पक्ष में जवाब तैयार करना था, ताकि हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी कर अग्रिम जमानत हासिल की जा सके। फिलहाल सीबीआई अब इस मामले की गहन जांच कर रही है।


Share

Check Also

कोरिया@ अगर जुलूस ही न्याय है तो अदालतों की जरूरत क्या?

Share जब भीड़ ताली बजाए और पुलिस जुलूस निकाले — तब संविधान चुप क्यों हो …

Leave a Reply