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कोरिया@बस बॉडी बनाने वाले ने इंदौर में बैठकर छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बस संचालक को ठगने का किया प्रयास,पुलिस ने किया गिरफ्तार

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-रवि सिंह-
कोरिया,13 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। इंदौर में बेस की बॉडी बनाने के लिए काफी फेमस माना जाता है जहां लोग चेचिस खरीद के लग्जरी बस बनाने के लिए इंदौर भेजते हैं कोरिया एमसीबी के एक बस संचालक ने भी तीन चेचिस खरीद कर और उसे एक लग्जरी बस बनाने के लिए इंदौर भेजो जिसने बॉडी बनाने का ठेका लिया था उसने 95 दिन में बस की बॉडी बनाने का वादा किया था पर 14 महीने में भी उसने तीन बस की बॉडी नहीं बना पाए और 56 लख रुपए ले लिया फोन कर करके परेशान बस संचालक ने एमसीबी पुलिस से शिकायत की जिसके बाद एमसीबी पुलिस ने इंदौर से बस बॉडी बनाने वाले को गिरफ्तार किया, यह व्यक्ति कभी शातिर था बस संचालक को यह बताता था की बॉडी बन रहा है दूसरी बस का बॉडी का फोटो भेजता था और बताता था कि बस होने वाला है और जिनकी बस बन रही है उसको पूरा करता ही नहीं था ऐसे करते-करते 1 साल से ऊपर बीत गया था तब जाकर बस संचालक तरस होकर पुलिस का सहारा लिया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस ने दबिस दे कर बस बॉडी निर्मात को किया गिरफ्तार- इंदौर शहर के स्टार चौराहे के पास स्थित मोहम्मद वसीम पार्टनर कथित पार्टनर आर के बॉडी बिल्डर न्यू रॉयल कोच एवं प्रगति कोच के नाम पर फर्जी फॉर्म बनाकर कई बस मालिकों से ठगी करने वाला बॉडी बिल्डर के ठिकाने पर अंततः 11 अप्रैल 2025 को छत्तीसगढ़ की पुलिस ने खजराना थाना बल के साथ दस्तक देते हुए 420 के मामले में आरोपी मोहम्मद वसीम को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से निर्माणाधीन तीन बसों को जप्त कर छत्तीसगढ़ पुलिस लेकर रवाना हुई पुलिस को देख आरोपी निर्माण अधीन बस की डिग्गी में छुपकर बैठ गया था जिसे काफी मशक्कत के बाद बड़ी मुश्किल से पुलिस बाहर निकल सकी और उसे गिरफ्तार किया जिसे लेकर पुलिस छत्तीसगढ़ रवाना हो गई कार्यवाही में मुख्य रूप से स उ नि सुनील सिंह रविन्द्र कुरे विनोद तिवारी अशोक एक्का जुनास एक्का ने गिरफ्तार कर बसों की जप्ती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बस संचालक ने किया था शिकायत
घटना के संबंध में बताया जाता है कि आवेदक शोएब अख्तर ने थाना पोडी जिला कोरिया छत्तीसगढ़ के द्वारा 2 मार्च 2025 को थाना पोड़ी में शिकायत दर्ज कराई गई कि उनके द्वारा अशोक लीलैंड बस का तीन नग चेचिस को स्लीपर एसी बस निर्माण हेतु मोहम्मद वसीम को 18 फरवरी 2024 को 95 दिवस के अंदर बस बॉडी बनाने का एग्रीमेंट करते हुए बॉडीबिल्डर के द्वारा दिए गए खातों में पूरे पैसे का भुगतान कर दिया लगभग 425 दिन बीत गए इस फ्रॉड ने बसों को कंप्लीट नहीं किया झूठ पर पीएचडी करने वाला या ठग हर बात पर एक-दो दिन का वादा करता है छत्तीसगढ़ में और भी बस मालिक इसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करने के लिए थानों में आवेदन दे रहे हैं इसने कई बस मालिकों के साथ और भी फ्रॉड किया है जिसका खुलासा जल्द देखने को मिलेगा झूठ पर पीएचडी करने वाला या शख्स मोहम्मद वसीम पैसा लेने के बाद बस की बॉडी का निर्माण कार्य करने में लगभग 14 माह तक भ्रमित करता रहा, इतने बड़े समय के बाद भी तीनों बसों में आधा अधूरा ही काम किया बस मालिक चुकी छत्तीसगढ़ से है इसलिए बाहरी आदमी समझकर उन्हें और उनके स्टाफ को धमकाता था बस में जो कार्य किया भी है वह काफी घटिया स्तर का बताया जाता है हर बात में झूठ और गाली देकर धमकाने बस निर्माण में बड़ी लापरवाही करने के साथ ही आवेदक को निरंतर गुमराह करने के कारण परेशान होकर आवेदक शोएब अख्तर के द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई,शिकायतकर्ता की शिकायत पर छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा 11 अप्रैल 2025 को इंदौर स्थित मोहम्मद वसीम के ठिकाने पर छापा मार कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से तीन नग निर्माणाधीन बस को जप्त कर आरोपी और बस को छत्तीसगढ़ ले आई।
सरकार के नियमों को ताक में रखकर फर्जी बॉडी बिल्डर बना रहे हैं बसे?
एक बस बॉडी निर्माता के मुताबिक उसने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी विभाग की बराबर हम लोग के यहां दस्तक होती रहती है सभी विभाग के अधिकारियों को उनके आगमन पर कुछ न कुछ देना पड़ता है और इस तरह से मिलजुल कर यह पूरा संचालित कार्य किया जा रहा है बस बॉडी निर्माण कार्य बड़ा कार्य होता है बिना सरकारी अधिकारियों के मिले-जुले और उनके आशीर्वाद बिना संभव नहीं है जीएसटी विभाग आयकर विभाग आरटीओ विभाग राजस्व विभाग बिजली विभाग के अधिकरिए क्या सचमुच इन बॉडी बिल्डरों के चांदी की जूतों की मार से चुप हैं या फिर उन्हें उनके बड़े भ्रष्टाचार की जानकारी नहीं है 25 से 30 लाख रुपए की एक बस की बॉडी बनाई जाती है और महज चार-पांच लाख रुपए का बिल देकर बाकी पैसे पर डाका डालने का काम बस मालिक और बॉडीबिल्डर करते हैं? पूरे देश भर के बस मालिकों के बीच बॉडी निर्माण में अपना लोहा मनवा लेने वाला इंदौर बाड़ी बनाने के लिए प्रसिद्ध है,जहां पर बेहद मजबूत गुणवत्तापूर्ण और खूबसूरत बस बाडी बनाई जाती रही है,जिसके लिए शहर पूरे भारत में गौरवान्वित होता है,इस व्यवसाय में इन दिनों कुछ कथित अपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी इस व्यवसाय में अपना दखल बनाना शुरू कर दिए हैं वह सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफार्म में अपनी फर्जी कंपनी बनाकर प्रचार प्रसार कर या एजेंटों के माध्यम से पूरे देश भर में अपना शिकार तलाश कर लाखों रुपए लेकर फसाने का काम कर रहे हैं।
क्या अब बस बॉडी निर्माण के लिए इंदौर शहर ठीक नहीं?
शांत सौम्य और स्वच्छता सहित औद्योगिक मामले में पूरे भारत में विख्यात इंदौर शहर बस बॉडी निर्माण क्षेत्र में फर्जी व्यापारी लुटेरों के गिरफ्त में है समय रहते ही ऐसे व्यापारियों का चोला ओढ़े ठगो पर अंकुश नहीं लगाया गया तो शहर बदनाम हो जाएगा, फर्जी बस बॉडी बिल्डर गली मोहल्ले में कुकुरमुत्ता की तरह मौजूद क्या अब बस बॉडी निर्माण के लिए इंदौर शहर ठीक नहीं? इंदौर शहर में ठग बॉडी बिल्डरों की संख्या बहुतयात हो गई है,सरकारी नियमों के मुताबिक ट्रेड सर्टिफिकेट नंबर जीएसटी नंबर जिला उद्योग में पंजीयन के बगैर लगभग पूरे शहर में 400 से 500 की संख्या में बस बॉडी बिल्डर का बोर्ड पूरे शहर में फैले हुए हैं और कुकुरमुत्ता की तरह विद्यमान है। न्यू रॉयल कोच,प्रगति कोच,आर के बॉडी बिल्डर जैसे सैकड़ो बॉडीबिल्डर है जो सिर्फ लोगों से ठगी का काम करते हैं बिहार के जामताड़ा की तरह अब इंदौर शहर भी इन फर्जियों के चक्कर में बदनाम होने लगा है, बस बॉडी निर्माण के नाम पर लाखों रुपए एठने वाले यह ठग बस के निर्माण का बिल भी नहीं दे ते भमोरी स्टार चौराहा देवास नाका पीथम पुर सहित शहर के अन्य भागों में एक दो  बसों की रिपरिंग शाप खोल कर लोगों को लुभाने और उन्हीं बसों का ठगने वाले मिस्त्री अब बॉडीबिल्डर का बोर्ड लगा कर बैठे हैं पूरे शहर में बड़ी बीमारी की तरह फैले हुए हैं जिनके पास सरकारी अनुमतियां नहीं हैं भूमि का औद्योगिक डायवर्सन नहीं है, जिला उद्योग में पंजीयन भी नहीं कराया है उसके बाद भी बिजली विभाग में तीन फेस का कनेक्शन दिया हुआ है, उद्योग विभाग जीएसटी विभाग आयकर विभाग में भी इन लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है आरटीओ भाग से इनका टेस्ट सर्टिफिकेट नंबर नहीं है भाई परिवार बसों को बनाने वाले स्टाफ के नाम पर सेविंग खाता खुलवाकर लाखों रुपए का लेनदेन कर रहे हैं क्यों ने किसी तरह सिटी खाते में भी बुला लिया है हवाला से पैसे ले रहे हैं जिन खातों में लेनदेन होता है उनपर खाता मैं होने वाली लेनदेन का कोई जीएसटी इनकम टैक्स नहीं पटा रहे हैं और नहीं परिवहन विभाग को भी में कोई जानकारी दे रहे हैं।
डिफॉल्टर फर्जी बॉडीबिल्डर संचालकों से काफी परेशान हो रहे बस संचालक
एक स्लीपर एसी बस बॉडी बनाने में लगभग 25 से 30 लाख रुपए का खर्च आता है लेकिन यह छूट भैया बॉडी बिल्डर पैसे तो सेविंग खातों में ले लेते हैं और फिर उसका आपस में बंदर बाट कर लेते हैं, आयकर जीएसटी विभाग को इस बड़े इंडस्ट्री में एक बड़े सर्व कराए जाने की जरूरत है इस धंधे में छोटा से छोटा एवं बाद से बड़ा बस मालिक एवं बॉडीबिल्डर बड़े पैमाने में काला धन खपाने का काम कर रहा है बेसन के व्यापार में मिलने वाला काला पैसा लगभग बस मालिक बॉडी बनाने में खर्च करते हैं मात्र चार से पांच लाख रुपया का खर्चा दिखाकर जीएसटी बिल लेते हैं और सरकार के आंख में धूल झोंक रहे हैं इंदौर के सभी बस निर्माता के यहां इसकी बारीकी से जांच आवश्यक है ताकि सरकार को मिलने वाले राजस्व में हो रही डकैती पर अंकुश लग सके, बसों को बनाने वाले कुछ नामी ग्रामी और बड़े बॉडीबिल्डर भी जो शासकीय माप दंडों के तहत पुख्ता काम करते हुए बस बनाते हैं वे सभी उन्हीं के बीच में बसे छूट भइया और डिफॉल्टर फर्जी बॉडीबिल्डर संचालकों से काफी परेशान हो चले हैं, यह सभी छूट भैया डिफॉल्टर बॉडीबिल्डर लोगों को कम पैसे में लुभाकर अपने गिरफ्त में ले लेते हैं और फिर उसके साथ लूटपाट का खेल शुरू हो जाता है।


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