दिया प्रतिबंध और मुआवजे में बढ़ोतरी का आदेश
बिलासपुर,25 फरवरी 2025 (ए)। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चाइनीस मांझे से हुई एक बच्चे की मौत और एक महिला अधिवक्ता की गंभीर चोट की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर सख्त नाराजगी जताई है। मंगलवार को जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। शासन की ओर से बताया गया कि मृतक बच्चे के परिजनों को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है। इस पर चीफ जस्टिस ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, एक मासूम की जान चली गई और यह छोटी सी राशि क्या हासिल करेगी? कोर्ट ने मुआवजे की राशि बढ़ाने और चाइनीस मांझे की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया।
कोर्ट की चिंता और सवाल
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इन घटनाओं को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक” करार देते हुए सरकार से सवाल किया था कि प्रतिबंध के बावजूद मांझा बाजार में कैसे उपलब्ध है। कोर्ट ने पूछा, “क्या
अधिनियम को लागू करने में सरकार नाकाम रही? एक 7 साल के बच्चे की जान गई और एक महिला अधिवक्ता घायल हुई, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”कोर्ट ने मुख्य सचिव से जवाब
मांगा था कि मांझा बाजार में कैसे पहुंच रहा है और प्रभावित परिवारों को क्या राहत दी गई। पिछले महीने हुई सुनवाई में सरकार ने कहा था कि मुख्य सचिव का जवाब अभी तैयार नहीं है, जिसके बाद कोर्ट ने तीन सप्ताह बाद सुनवाई तय की थी।
सुनवाई में सरकार को लताड़
मंगलवार को जब सरकार ने 50 हजार रुपये मुआवजे की जानकारी दी, तो चीफ जस्टिस ने इसे अपर्याप्त बताया। उन्होंने
कहा, प्रशासन की लापरवाही के चलते बच्चे की मौत हुई। ऐसी घटनाओं में मुआवजा बढ़ाना जरूरी है। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता से कहा कि जानलेवा मांझे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगे और
सरकार इसकी जिम्मेदारी ले।
घटनाओं का विवरण
पहली घटना रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में हुई। धनेश साहू अपने 7 साल के बेटे पुष्कर साहू के साथ बाइक से गार्डन जा रहे थे। पचपेड़ी नाका के पास अचानक चाइनीस मांझा बच्चे के गले में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। धनेश ने मांझा निकालने की कोशिश की और उसे पहले निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां इलाज नहीं हो सका। बाद में मेकाहारा अस्पताल में बच्चे ने दम तोड़ दिया। दूसरी घटना में पंडरी मॉल के पास एक्सप्रेस-वे पर स्कूटी से जा रही महिला वकील पूर्णशा कौशिक के गले में मांझा फंस गया। इससे उनके गले में गहरा कट लग गया। मांझा हटाने की कोशिश में उनका अंगूठा भी कट गया। आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज हुआ।
कोर्ट का सख्त संदेश
हाईकोर्ट ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने मांझे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और पीडि़तों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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