छत्तीसगढ़ में आईपीएस को पहली बार जेल
रायपुर, 18 जनवरी 2022 (ए)।निलंबित एडीजी जीपी सिंह की रिमांड मंगलवार को ख़त्म होने पर पुलिस ने जीपी सिंह को कोर्ट पेश किया था। 50 मिनट तक चली बहस के बाद अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार किसी आईपीएस अफसर को जेल भेजा गया है।
विशेष न्यायाधीश लिना अग्रवाल की कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। करीब 50 मिनट तक दोनों ही पक्षों के बीच बहस चली। दोनों पक्षों में बहस के बाद कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। फिर कुछ देर बाद विशेष न्यायाधीश लिना अग्रवाल ने मामले पर फैसला सुनाते हुए जीपी सिंह को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।
जीपी सिंह की 11 जनवरी को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तारी हुई थी। जिसके बाद एसीबी के रायपुर स्थित दफ्तर में 6 दिन के पुलिस रिमांड पर थे। शुरुआती दिनों में जीपी सिंह ने अफसरों की पूछताछ में कोई जवाब नहीं दिए। मंगलवार को जीपी सिंह की दूसरी पुलिस रिमांड खत्म हो गई जिसके बाद उन्हें कोर्ट पेश किया गया। न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जीपी सिंह के वकीलों ने विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल की कोर्ट में जमानत याचिका लगाई है लेकिन इस पर सुनवाई नहीं हुई।
गौरतलब है कि 1 जुलाई 2021 की सुबह 6 बजे एसीबी-ईओडब्ल्यू की 6 टीमों ने रायपुर, राजनांदगांव और ओडिशा में उनके सहयोगियों समेत उनके सभी ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था, जिसमें 10 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ था। इसके अलावा छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले थे, जिसके आधार पर रायपुर कोतवाली में निलंबित आईपीएस जीपी सिंह पर राज्य सरकार ने राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। जिसका चालान कोतवाली पुलिस पहले ही कोर्ट में पेश कर चुकी है, जो कोर्ट में विचाराधीन है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर में अनुपातहीन संपत्ति और भष्टाचार निवारण अधिनियम और धारा 201,467,471 के आरोप में निलंबित आईपीएस जीपी सिंह का प्रकरण दर्ज है।
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