रायपुर,16 दिसम्बर 2024 (ए)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान जल जीवन मिशन में अनियमितता का मुद्दा उठा। पीएचई मंत्री अरुण साव ने बताया कि पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करने के बाद ढांचा बनाए जाने के नियम है लेकिन प्रदेश में 994 टंकियां बनाने के बाद अब जल स्त्रोत की व्यवस्था की जा रही है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान जल जीवन मिशन में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के कई गांवों में गड़बड़ी की गई। ग्रामीणों को नल कनेक्शन नहीं मिला. इस पर पीएचई मंत्री अरुण साव ने कहा कि कोविड के कारण योजना के क्रियान्वयन में विलंब हुआ। योजना के तहत अब तक 39 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिया गया है। इस पर अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत सरकार की वेबसाइट और आपके द्वारा दिए आंकड़े में अंतर है। पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करनी चाहिए थी, या टंकी ढांचा का निर्माण करना था। इसके साथ ही उन्होंने इस संदर्भ में भारत सरकार की गाइडलाइन जानकारी मांगी। मंत्री अरुण साव ने कहा कि पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करने के बाद ढांचा बनाए जाने के नियम है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि 17 करोड़ से अधिक बारदाने एक हजार करोड़ की कीमत में खरीदे जा रहे हैं और इनका वजन स्टैंडर्ड बारदाने से 100 ग्राम तक कम है। उनका आरोप था कि यह खरीदारी निजी जूट मिलों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। इस पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि गौरीशंकर जूट मिल के बारदाने पर शिकायत आई थी, लेकिन जिला प्रशासन ने जांच की, जिसमें बारदाने को अमानक नहीं पाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि निजी जूट मिलों को कोई भी फायदा नहीं पहुंचाया गया है और किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई है। महंत ने फिर कहा कि बारदाना का वजन 580 ग्राम होना चाहिए, जबकि केंद्रों तक पहुंचने वाले बारदानों का वजन 480 ग्राम है। मंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा कि जूट मिल कमिश्नर के द्वारा परीक्षण के बाद ही बारदाना भेजा जाता है। महंत ने तरेंगा सोसाइटी में आरोप लगाए थे, जहां जिला प्रशासन ने जांच की और बारदाना अमानक नहीं पाया। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बारदाना का वजन नमी के कारण कम हो सकता है, लेकिन जांच के बाद इसका वजन 545 ग्राम था। महंत ने फिर इस मामले में बड़े भ्रष्टाचार की संभावना जताते हुए विधानसभा की कमेटी से जांच की मांग की। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने इसे नकारते हुए कहा कि जांच की जरूरत नहीं है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।
धान खरीदी ठप्प,विधानसभा में भूपेश बघेल ने किया हंगामा
छत्तीसगढ़ विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने उठाया प्रदेश में धान खरीदी का मुद्दा उठाया. विपक्ष की मांग पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई. इसके साथ ही विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए हंगामा मचाना शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हस्ताक्षेप करते हुए हंगामा को शांत कराया. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि धान खरीदी में ऑनलाइन और ऑफलाइन के चक्कर में किसान परेशान हैं। 16 दिसम्बर हो गया है, लेकिन अब तक एक-तिहाई धान नहीं खरीदा गया। धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था है। प्रदेश में बहुत सारे धान खरीदी केंद्र ऐसे हैं, जहां खरीदी नहीं हो रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में किसानों को बारदाने की व्यवस्था नहीं हो रही है। राइस मिलर का पेमेंट नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने धान खरीदी में किसानों की परेशानी पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष के आरोपों पर सत्ता पक्ष से अजय चंद्राकर ने कहा कि राइस मिलर का भुगतान कांग्रेस शासनकाल से अटका हुआ है।
बारदाना खरीदी पर नेता प्रतिपक्ष महंत ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप,विपक्ष ने किया वॉकआउट
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बारदाना खरीदी में भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने विधानसभा की कमेटी से मामले की जांच कराने की मांग की। इस आरोप को खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने खारिज कर दिया, जिसके बाद नाराज विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।
छत्तीसगढ़ढ़ में बीते 6 वर्षों में 27 आईएएस और 24 आईएफएस अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में है शिकायत
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बिल्हा विधानसभा के विधायक धरम लाल कौशिक ने प्रश्नकाल में आईएएस और आईएफएस अफसरों के पदों की जानकारी के अलावा अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में चल रही जांच के संबंध में सवाल पूछा। जिसके जवाब में बताया गया कि बीते 6 वर्षों में 27 आईएएस और 24 आईएफएस अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें की गईं, जिनकी जांच एवं कार्यवाही के संबंध में क्रमवार जानकारी दी गई है।विधायक धरम लाल कौशिक ने सवाल पूछा कि प्रदेश में कुल कितने आईएएस व आईएफएस अधिकारी के पद स्वीकृत, भरे व रिक्त हैं? इनमें से किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध वर्ष 2019 से ईओडब्ल्यू, एसीबी, ईडी, सीबीआई एवं अन्य केन्द्रीय जांच एजेंसी के द्वारा कब से एवं किस विषय से संबंधित जांच की गई / की जा रही है? किन-किन केन्द्रीय एजेंसी द्वारा, किस- किस अधिकारी के विरूद्ध चालान, सम्मन व प्रकरण दर्ज होने की जानकारी छ.ग. शासन को दी गई है तथा इनके विरूद्ध शासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है? इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रदेश में आईएएस के कुल 202 पद स्वीकृत, 161 भरे एवं 41 पद रिक्त है तथा आईएफएस के कुल 153 पद स्वीकृत, 108 भरे एवं 45 रिक्त है। ईओडब्ल्यू/एसीबी, द्वारा वर्ष 2019 से अब तक कुल 27 आईएएस अधिकारियों के विरूद्ध 11 अपराध, 01 प्रारंभिक जांच व 31 शिकायत पंजीबद्ध कर जांच की गई/की जा रही है तथा 24 आईएफएस अधिकारियों के विरूद्ध विभिन्न विषयों में कुल 31 शिकायत पंजीबद्ध कर जांच की गई/की जा रही है। वहीं यह भी बताया गया कि केन्द्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही जांच की जानकारी राज्य शासन के पास उपलब्ध नहीं है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अवैध कब्जे पर कार्रवाई कराने की घोषणा की
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पहले दिन प्रश्नकाल के दौरान सरकारी जमीन की अफरा-तफरी का मुद्दा सदस्यों ने उठाया. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने शिकायतों की जांच कलेक्टर से कराने की आश्वासन दिया( प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बिलासपुर जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा का मुद्दा उठाया. कहा कि जिले के कई जगहों पर भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है। इस पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि 2021 से 2024 सरकारी भूमि पर कब्जे की 563 शिकायतें प्राप्त हुई। इस पर सदस्य ने सवाल किया कि कितने अफसरों पर कार्यवाही हुई. इस पर मंत्री ने कहा कि अभी पट्टा वितरण नहीं हुआ। पिछली सरकार में गलत ढंग से गलत पट्टा बंटा हो तो उसकी जांच कराएंगे। विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन की अफरा-तफरी हुई है। इस पर राजस्व मंत्री टंक राम ने कहा कि शिकायतों की जांच कलेक्टर से कराएंगे।
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