जल जीवन मिशन को लेकर जिले में जारी है शासकीय राशि की बंदरबांट,मामला कोरिया जिले के खड़गवां विकासखण्ड से जुड़ा हुआ

रवि सिंह-
बैकुंठपुर/खड़गवां 15 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। खड़गवां विकास खंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जिल्दा, पोड़ी, बचरा, चिरमी खंधौरा दुबछोला कटकोना ठगगाव खड़गवां मुख्यालय सहित विभिन्न गांवों में जल जीवन मिशन के तहत हर एक घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्य किया जा रहा है, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का क्रियान्वयन धरातल पर किस तरह हो रहा है. इसका नजारा बाखूब विभिन्न ग्राम पंचायतों में देखा जा सकता है, जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने का कार्य जोरों पर है, जबकि विगत चार से पांच वर्ष पूर्व में नल जल योजना के तहत इन सभी पंचायतों व गांवों में पाइप लाइन बिछाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपए खर्च कर कार्य पूर्ण कर दिया गया था। लेकिन इन पाइप लाइनों में बीते 4 सालों में पानी नहीं पहुंचा। वहीं आज जल जीवन मिशन के तहत पूर्व में बिछे पाइप लाइन को उखाडकर उसमें जल जीवन मिशन के तहत पाइप बिछाने का कार्य किया जा रहा है, जबकि पूर्व में बिछे पाइप में कोई खराबी नहीं है।
ग्राम पंचायत पोड़ी में ओवर हेड 1 टंकी बनें लगभग 10 साल हो चुका हैं, जो टंकी आज खुद प्यासी है, जिस टंकी में पानी पहुंचाने के लिए लिए लगभग 60 से 70 लाख रुपए पीएचई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक खर्च कर चुके हैं. जानकारी के अनुसार इस टंकी में पानी पहुंचाने के लिए बचरा जलाशय में वर्ष 2017-18 में लगभग 33लाख रूपए खर्च कर पीएचई विभाग ने जलाशय में पंप हाउस का निर्माण करते हुए मोटर पंप बैठाकर फिल्टर प्लांट के माध्यम से पोडी में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के पास बनें ओवरहेड टंकी में पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया था, लेकिन विभाग ने अपने चहेते ठेकेदारो को काम दिया जो काम आज तक पूर्ण नहीं हुआ और अपने चहेते ठेकेदार को शासकीय राशि का बंदरबांट करते हुए भुगतान भी कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर काम ही नहीं हुआ है।
5 साल पहले चिरमिरी में बने ओवरहेड टंकी में पानी आज तक नहीं पहुंचा
इसके बाद भी विभागीय अधिकारी कर्मचारियों ने मिलीभगत करते हुए पोडी टकी में पानी पहुंचाने के लिए कई बोर करवा लिया है, जो कागजों पर ही हुआ है, वहीं हाल ग्राम पंचायत चिरमी के ओवरहेड टैंक का है जिस टंकी को बने लगभग 5 साल हो चुके हैं उस टंकी में पानी आज तक नहीं पहुंच पाया है, जबकि टंकी से महज 50 मीटर की दूरी पर इस टंकी में पानी चढ़ाने के लिए बोर कराया गया है, जिस बोर में पर्याप्त मात्रा में पानी मौजूद हैं, लेकिन इस बोर में मोटर डालना विभाग ने मुनासिब नहीं समझा। जब इस टंकी हेतू बोर में पीएचई ने मोटर नहीं डाला और बोर को कोलेप्स बताकर अपना पलड़ा झाड़ लिया है। लेकिन चिरमी के एक ग्रामीण ने अपने खर्चे से उस बोर में मोटर पंप डालकर चालू किया तो परिणाम चौंकाने वाला साबित हुआ जिस बोर को विभाग ने सूखा घोषित किया था वह बोर रात दिन एक बराबर चल रहा है. जिस पानी को देख कर ग्रामीण ने ढबरी बनाया है, और उस बोर के पानी को ढबरी में डालकर मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया है, ग्रामीणों का कहना है कि यह वो बोर हैं इसमें अभी ढेड़ एचपी का मोटर डाला गया है लोगों का कहना है कि अगर इसमें तीन एचपी का मोटर डाल दिया जाए तो भी चलेगा और टंकी में आराम से पानी चढ़ाया जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अधिकारी व ठेकेदार का बहाना सुनिए
अब विभाग के अधिकारी व ठेकेदार का कहना है कि गेज नदी से पानी आएगा टंकी में उसी के लिए नया पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया है पुराना पाइप लाइन डैमेज हो गया है, सवाल यह उठता है कि जब पाइप लाइन में पानी ही नहीं छोड़ा गया तो इन्हें कैसे पता चला कि पाइप लाइन डैमेज हो गया जबकि पाइप बिछाने मशीन से गड्ढा खोदा जा रहा है उस समय पुराना पाइप सही सलामत जमीन के नीचे दबा दिखाई पड रहा है. जिसे ठेकेदार के जेसीबी मशीन से तोडा जा रहा है यही हाल बचरा पंचायत का है। ठेकेदार के द्वारा रात में जेसीबी लगाकर पाइप लाइन बिछाने गड्ढा खोदा जा रहा था और पुराने पाइप को तोडकर निकाला जा रहा था जिसका विरोध ग्रामीणों ने किया और काम को रात में नहीं करने हिदायत दी जिसकी शिकायत ठेकेदार ने पीएचई विभाग के इंजीनियर एस के सोनी से की जिस पर सोनी ने ग्रामीणों से कहा कि पुरानी नल जल योजना फ्लाप हो गई है अब नई योजना चालू हो गई जिस योजना का नाम जल जीवन मिशन है जिस पर ग्रामीणों ने कहा नाम कुछ भी रख लो योजना का नाम बदलने से क्या टंकी में पानी पहुच जाएगा। जिस पर इंजीनियर ने बताया कि टंकियों में पानी गेज नदी से आएगा जिसकी दूरी बचरा से लगभग 15 किमी है इससे ऐसा प्रतीत होता है कि पानी के नाम पर पानी के लिए पानी की तरह किस कदर पैसा बहाया जा रहा है. पर पानी की किल्लत से आज तक निजात नहीं मिला ग्रामीणों को नहीं कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के छात्राओं को जबकि पानी के नाम पर करोड़ों खर्च हो चुका है ग्रामीणों का कहना है कि पहले जो ओवर हेड टंकियां बनी है उसमें पहले पानी पहुंचाने की व्यवस्था करें इसके बाद पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जाए।
मैं अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराऊंगा की ग्रामीण विरोध कर रहे हैं और बात कर रहे हैं कि पहले टंकियों में पानी पहुचाएं इसके बाद पाइप लाइन का विस्तार करें ग्रामीणों का कहना भी जायज है।
एस के सोनी
पीएचई अभियंता मनेंद्रगढ़
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