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रायपुर@भूपेश बघेल के खिलाफ ईओडब्ल्यू का शिकंजा

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रायपुर,17 मार्च 2024 (ए)
। छत्तीसगढ़ में सत्ता बदलते ही बहुत सी कहानियां बदलनी शुरू हो गयी है।पूर्व की सरकार के घोटालों की कहानियां अब भी चली आ रही है।महादेव एप का खेल भूपेश बघेल पर ही भारी पड़ता नजर आ रहा हूं।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को महादेव ऑनलाइन बुक ऐप घोटाले में बड़ा झटका लगा है। इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा उन्हें आरोपी के रूप में नामित कर मामला दर्ज किया गया है। इस ऐप का अनुमानित कीमत ₹6,000 करोड़ है, वहीं लोकसभा चुनाव से पहले ये मामला कांग्रेस नेता के लिए कई समस्याएं पैदा कर सकता है।
पूर्व सीएम बघेल पर पुलिस के एफआईआर में आईपीसी के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत आरोप लगाया गया हैं। वहीं इस एफआईआर में भूपेश बघेल के अलावा महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 16 अन्य लोगों का नाम शामिल है।


, इसी साल 8 और 30 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा राज्य पुलिस को दो रिपोर्ट भेजे जाने के बाद बघेल के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। दरअसल, ईडी के रिपोर्ट में कहा गया है कि धन संरक्षण के बदले महादेव ऐप की अवैध गतिविधियों को अनुमति देने के लिए राज्य सरकार के शीर्ष स्तर के पदाधिकारियों की संलिप्तता का खुलासा करता है।
गौरतलब है कि, पिछले साल नवंबर में वित्तीय अपराध जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि चंद्राकर और उप्पल ने बघेल को ₹508 करोड़ की रिश्वत दी थी।वर्तमान में दोनों संयुक्त अरब अमीरात की देखरेख में हिरासत में हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के माध्यम से उनके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध पहले ही संयुक्त अरब अमीरात भेजा जा चुका है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले एफआईआर दर्ज कर लिया है। जिसमें कहा गया है कि महादेव बुक ऐप के प्रमोटरों के द्वारा विभिन्न पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों को भारी मात्रा में रिश्वत दिया था। ताकि उनकी अवैध गतिविधियों पर पुलिस कोई कार्रवाई न करें। ऐप के प्रमोटरों ने आला अधिकारियों को यह पैसा हवाला ऑपरेटरों के जरिए भेजवाता था।
पुलिस के एफआईआर में आगे कहा गया है कि अवैध संपत्ति उगाही के लिए आला अधिकारियों के द्वारा आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया गया। वहीं इस एफआईआर की सबसे खास बात यह है कि किसी भी वरिष्ठ पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं है। खबरों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ पुलिस के एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निर्देशालय एक नया मनी लॉन्डि्रंग मामला भूपेश बघेल के नाम पर दर्ज कर सकता है।इस मामले से प्रदेश की राजनीति में बवाल मचना लगभग तय है।अब इस मामले में आगे क्या होगा यह देखना बाकी है।
राजनीतिक प्रतिशोध के चलते बीजेपी सरकार ने मुझ पर कराया एफ आईआर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने लगाया आरोपमहादेव सट्टा एप्प मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफ आईआर में अपना नाम आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजीव भवन में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने ईओडब्ल्यू द्वारा 4 मार्च को दर्ज एफ आईआर को 14 दिन बाद दिल्ली के अख़बार में प्रकाशित किये जाने पर ही सवाल उठा दिया और आरोप लगाया कि विशुद्ध रूप से राजनितिक प्रतिशोध के चलते इस स्नढ्ढक्र में मेरा नाम दर्ज कराया गया है।


भूपेश बघेल ने कहा कि राजनांदगांव लोकसभा चुनाव में वे प्रत्याशी हैं और यहां के 13-14 दिनों के सर्वे में बीजेपी को अहसास हो गया है कि वह हार रही है, इसलिए आज महादेव सट्टा एप्प मामले में मेरे नाम दर्ज एफ आईआर को उजागर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में पूरे प्रदेश में भाजपा को नुकसान होने वाला है और मैं सरकार द्वारा कराये गए इस तरह के एफ आईआर से डरने वाला नहीं हूं।


भूपेश बघेल ने कहा कि महादेव सट्टा के मामले में उनके कार्यकाल में सन 2022 से सर्वाधिक 74 एफ आईआर दर्ज हुए, 450 से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हुईं। और आज उन्हें (भूपेश) ही कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन कार्रवाइयों के दौरान सैकड़ों इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियां जब्त की गईं। पूरे देश में केवल छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टे के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब उल्टे सट्टे के मामले में दर्ज एफ आईआर में उनका नाम भी जोड़ दिया गया है।


इस पत्रवार्ता में भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जिस महादेव सट्टे के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने एफ आईआर दर्ज किया है, वह आज भी पूरे देश में संचालित हो रही है। अपने कार्यकाल में उन्होंने विदेश से सट्टा संचालित कर रहे सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को पकड़ने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था, मगर केंद्र आज तक इन आरोपियों को पकड़ नहीं पाई। उल्टे कहानी में ट्विस्ट लाते हुए शुभम सोनी की इंट्री कराई गई। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि शुभम सोनी का वीडियो भाजपा कार्यालय से जारी किया गया। वहीं दुर्ग के जिस असीम दास से रायपुर में करोड़ों रूपये की जब्ती की गई, उससे झूठा बयान दर्ज कराते हुए उनका नाम लिया गया। जबकि जिस गाड़ी में रूपये बरामद हुए, वह भाजपा के दिग्गज नेता के भाई की निकली।


भूपेश बघेल ने वर्तमान में सुçर्ख़यों में चल रहे इलेक्टोरल बांड की चर्चा करते हुए कहा कि आज भाजपा मुझ पर सटोरियों से प्रोटेक्शन मनी मिलने का आरोप लगा रही है, जबकि सच तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी को सट्टा और लॉटरी चलाने वाले ‘फ्यूचर गेमिंग’ से सर्वाधिक चन्दा मिला है। उन्होंने भाजपा सरकार पर सटोरियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।


4 मार्च को दर्ज एफ आईआर में 6 वें नंबर पर अपने नाम की चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि एफ आईआर में जो मजमून है उसमें उनके नाम का जिक्र कहीं पर नहीं है। इसमें अधिकारियों और राजनेताओं को ‘प्रोटेक्शन मनी’ देने का जिक्र है। अगर ऐसा है तो इसमें केवल उनका नाम क्यों डाला गया, अधिकारियों का नाम एफ आईआर में दर्ज क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल उन्हें बदनाम करने की नीयत से ऐसा किया गया है।भूपेश बघेल ने कहा कि प्रोटेक्शन मनी देने का मतलब पैसे लो और कार्रवाई मत करो, मगर उनकी सरकार में तो सट्टे के खिलाफ सर्वाधिक कार्रवाई की गई है। उन्होंने एक बार फिर कहा कि राजनांदगांव में भाजपा हार रही है, इसलिए महादेव सट्टे में मेरे नाम का उल्लेख करते हुए मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।


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