- आये दिन कार्यरत कर्मचारियों को बंधक बनाकर चोरों के द्वारा की जाती है मारपीट
- एसईसीएल कर्मचारीयों में भय का वातावरण काम पर जाने से किया इंकार वही पुलिस शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से क्यों करती है इंकार?
- चोरों के आतंक से पिछले 5 साल से परेशान है एसईसीएल कर्मी
- कई बार चोरों के द्वारा एसईसीएल कर्मियों को बनाया जा चुका है बंधक साथ ही उनके साथ हो चुकी है मारपीट

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर/पटना,16 जनवरी 2024 (घटती-घटना)। एसईसीएल बैकुंठपुर एरिया के अंतर्गत संचालित काटकोना 3/4 भूमिगत खदान लगभग 8 साल पहले घाटा बताकर बंद कर दी गई थी पर खदान के पास काफी मात्रा में मशीनरी उपकरण व केबल तार मौजूद थे जिसकी कीमत लाखों में थी जिसे चुराने के लिए प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में चोर आते हैं और सुरक्षा के लिए तैनात कुछ एसईसीएल कर्मियों को बंधक बनाकर बेधड़क खदान के अंदर घुसकर लोहा व तांबे का तार युक्त केबल को काट कर ले जाते हैं और इसे महंगे दामों में बेचते हैं, एसईसीएल कर्मी उन चोरों के आगे बेहोश हो जाते हैं क्योंकि चोर धारदार हथियारों के साथ काफी संख्या में होते हैं जिनसे लड़ पाना एसईसीएल कर्मियों के लिए मुश्किल है, चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए चोरों द्वारा कई बार कर्मियों के साथ मारपीट की गई साथ ही उन्हें बंधक बनाया गया, यह घटना एक नहीं दर्जनों बार हो चुकी है जिसकी शिकायत भी पटना थाना में एक नहीं दर्जनों बार की जा चुकी है पर आज तक एक भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी,जांच और विवेचना का हवाला देकर पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बच निकलती है जिस वजह से चोरों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस चोरों तक पहुंचना ही नहीं चाहती पर वही एसईसीएल कर्मियों के लिए से रोज अपना ड्यूटी करना खतरे से खाली नहीं है, उनके लिए जान का खतरा लगातार बना रहता है।
जानकारी के मुताबिक 13 जनवरी शनिवार की रात एसईसीएल के कटकोना के बंद खदान में चोरों का एक दल पहुंचा जो सुरक्षा की दृष्टि से ड्यूटी कर रहे एसईसीएल कर्मी से ज्यादा की संख्या में थे बंद खदान में आते ही सुरक्षाकर्मीयों को बंधकर बनाकर उनकी पिटाई की चोरों ने और बंद खदान में मंहगे उपकरण और एल्यूमिनियम, तांबे के तार चोरी कर ले गये चोरी में किन समानों को बंद खदान से ले जाया गया इसकी सूचना अप्राप्त है। वही इस मामले स्थानीय पुलिस प्रशासन की चुप्पी समझ के परे है। ऐसी चोरी की घटना की शिकायत पटना पुलिस को कई बार दी जा चुकी है पर पुलिस इन चोरों को रोक पाने में सदैव नाकामयाब रही है, 13 जनवरी को एक बार फिर चोरों के द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया और एसईसीएल कर्मियों को बंधक बनाया गया। वहां पर तैनात कर्मीयों ने बताया कि काफी संख्या में लोग अपना मुंह बंद करते हैं और अपने साथ धारदार हथियार रखे रहते हैं खदान जनसंख्या वाले क्षेत्र से करीब 8 किलोमीटर दूर है जिस वजह से उसका फायदा उठाकर चोर हर बार चोरी की घटना को अंजाम देते हैं जब तक पुलिस को सूचना मिलती है तब तक चोर उनके आने से पहले ही भाग निकलते हैं यह एक बार का नहीं हर बार का चोरों के लिए वरदान साबित होता है। जब भी पुलिस को सूचना दी गई है पुलिस चोरों के भागने के बाद ही पहुंची है।
पुलिस को गस्त के लिए आवश्यक संसाधन एसईसीएल भी उपलब्ध कराता है फिर भी एसईसीएल के कर्मचारी चोरों के हाथों मार खाते हैं…?
एसईसीएल गस्त के लिए पुलिस को आवश्यक संसाधन वहां भी उपलध कराता है लेकिन उसका कोई फायदा एसईसीएल को होता नज़र नहीं आता। एसईसीएल कर्मी फिर भी चोरों के हाथों मार खाते हैं वहीं उन्हे बंधक भी बनाया जाता है। पुलिस चाहती तो निगरानी सहित अपने सूचना माध्यम के सहारे चोरों तक पहुंच सकती थी अब तक लेकिन पुलिस का ऐसा कोई प्रयास नजर नहीं आया। आज एस ई सी एल कर्मी कटकोना बंद खदान की सुरक्षा का जिम्मा लेना नहीं चाहते क्योंकि उन्हे अपनी जान का खतरा जान पड़ता है। कुल मिलाकर चोरी बिना किसी डर चोर कर रहे हैं वहीं वह एस ई सी एल कर्मियों को भी भयभीत कर रहे हैं।
जंगल का फायदा मिलता है चोरों को भागने में
कटकोना एसईसीएल के जिस बंद खदान से चोर कबाड़ और केबल चोरी कर ले जा रहे हैं वह पहाड़ पर स्थित जंगलों से घिरा हुआ खदान है,यह आबादी से काफी दूर ऊंचाई पर स्थित होने के कारण एकांत स्थान है जिसका चोरों को फायदा मिलता है और चोर चोरी करते समय इस बात से निश्चिंत रहते हैं की पुलिस के आने से पहले वह भाग निकलने में कामयाब हो ही जाएंगे। चोरों के लिए जंगल भी वरदान साबित होता है क्योंकि उन्हे छिपने भागने में आसानी होती है। चोरों के लिए यह अत्यंत सुविधाजनक क्षेत्र है।
रात में ही चोरी की घटना को चोरों का गिरोह देता है अंजाम
चोरों का समूह रात में ही चोरी की घटना को अंजाम देने पहुंचता है। चोर रात में पहुंचकर सबसे पहले एस ई सी एल कर्मियों को बंधक बनाते हैं फिर उन्हे बंधक बनाकर चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। चोरों को ऐसा करने में कोई भय नहीं होता क्योंकि एस ई सी एल की बंद खदान में कुछ एस ई सी एल कर्मियों ने अलावा कोई और नहीं होता जिन्हे अपने वश में करना उनके लिए बंधक बनाकर आसान होता है। रात में चोरी की घटना को अंजाम देकर चोर रात में ही फरार भी हो जाते हैं।
एक दर्जन से ज्यादा शिकायतें दी जा चुकी है थाने में
एसईसीएल की तरफ से कटकोना 3/4 बंद खदान में एस ई सी एल कर्मियों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट करके चोरी करने की चोरों की करतूत को लेकर एक दर्जन से ज्यादा बार पुलिस को शिकायत की जा चुकी है,दर्जनों शिकायतों में से किसी एक में भी अब तक पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है जबकि मामला चोरी की जगह डकैती जैसे संगीन अपराध का है क्योंकि इसमें बंधक बनाकर मारपीट किए जाने की भी शिकायतें हुई हैं। पुलिस जांच की बात कहकर हर बार मामले में लीपापोती कर देती है और घटना लगातार घट रही है जिसका कारण है की पुलिस अपराध दर्ज कर मामले में जांच तय नहीं करती है जिस कारण चोरों के हौसले दिन प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे हैं।
सुरक्षाकर्मी की संख्या से ज्यादा रहते हैं चोर
चोरी करने पहुंचने वाले चोर संख्या में एस ई सी एल कर्मियों से अधिक होते हैं ,संख्या अधिक होने की वजह से वह बेधड़क चीरी की घटना को अंजाम देते हैं फिर वह लौट जाते हैं।
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