रायपुर,27 दिसम्बर 2023(ए)। प्रदेशभर में एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू है जो 31 जनवरी तक जारी जारी रहेगा। दो माह बीतने को है लेकिन लक्ष्य के अनुरूप धान खरीदी में तेजी नहीं आई है। समर्थन मूल्य को लेकर उहापोह की स्थित के कारण किसानों ने धान बेचने में रुची नहीं दिखाई थी जिसके कारण खरीदी केंद्रों में धान की आवक कम हो गई थी।
वहीं धान खरीदी की तारीख बढ़ाने को लेकर भी मांग उठने लगी है। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार के धान के संबंध में अनिर्णय की स्थिति की वजह से उहापोह की स्थिति है। यही वजह है कि धान खरीदी केंद्रों में किसान नहीं पहुंच रहे है। सरकार ने 31 सौ रुपए धान खरीदी और एकमुश्त भुगतान को लेकर कोई भी निर्णय नहीं लिया है। जिसकी वजह से यह स्थिति पैदा हुई है।धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाना ही होगा। राज्य में इस साल 130 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित की गई है। धान बेचने के लिए 26।86 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकृत रकबा 33।15 लाख हेक्टेयर है। इस साल धान बेचने के लिए 2।59 लाख नवीन किसानों ने पंजीकरण कराया है। टार्गेट के मुताबिक धान खरीदी की रफ्तार बहुत धीमी नजर आ रही है।
ऐसे में धान खरीदी की तारीख बढ़ाने को लेकर भी मांग उठने लगी है। वहीं मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि धान खरीदी के समय बढ़ाने को लेकर मांग आ रही है।जरूरत पड़ा तो निश्चित रूप से धान खरीदी का समय बढ़ाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में जहां 1 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। दूसरी ओर धान खरीदी की रफ्तार में तेजी नहीं देखने को मिल रही है। ऐसे में सरकार अपने लक्ष्य से कोसों दूर नजर आ रही है। ऐसी ही स्थिति बनी रहती है। तो सरकार को धान खरीदी की तारीख बढ़ानी पड़ सकती है। अब देखना होगा कि धान खरीदी की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार क्या पहल करती है।
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