रायपुर,26 दिसम्बर 2023 (ए)। छत्तीसगढ़ का मंत्रालय याने महानदी भवन अब गुलजार होगा। नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके मंत्री मंत्रालय में अब नियमित बैठेंगे। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री और मंत्री अगर रायपुर में रहें तो कोशिश होगी कि मंत्रालय में बैठे और मीटिंग और फाइलों का निबटारा वहीं से करें। पता चला है, कैबिनेट की बैठकें भी अब मंत्रालय में होंगी, जैसा रमन सिंह सरकार में 15 साल तक होता रहा।
बता दें, पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान पांच साल मंत्रालय में वीरानगी छाई रही। कोविड से पहले इक्के-दुक्के मंत्री मंत्रालय पहुंच भी जाते थे, इसके बाद तीन साल से मंत्रालय सूना रहा। भूपेश बघेल सरकार में कैबिनेट की सिर्फ एक बैठक मंत्रालय में हुई थी। वो भी सीएम भूपेश और उनके दो मंत्री टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू शपथ लेने के बाद सीधे मंत्रालय पहुंचकर किसानों के बोनस की फाइल पर दस्तखत किए थे। उसके बाद कैबिनेट की कोई बैठक मंत्रालय में नहीं हुई। अधिकांश कैबिनेट की बैठकें सीएम हाउस में हुई। विधानसभा सत्र के दौरान एकाध बैठक विधानसभा में हुईं। जबकि, रमन सरकार के समय अधिकांश कैबिनेट की बैठकें मंत्रालय में रखी जाती थीं। सीएम दोपहर का भोजन वहीं करते थे। हफ्ते में कम-से-कम तीन दिन वे मंत्रालय जाते ही थे। बंगले में बैठकें होने से नुकसान यह होता है कि मंत्रालय से अफसर अगर रायपुर आए तो उसके बाद फिर मंत्रालय न जाकर घर चल देते हैं। या फिर कहीं फर्स्ट हाफ में बंगले में बैठक है तो दूसरे हाफ में नया रायपुर नहीं जाते। जाहिर है, इससे सरकारी काम प्रभावित होंगे ही। आखिर, अफसर आफिस नहीं जाएगा तो काम कैसे होंगे। अजीत जोगी और रमन सरकार में कई बार ऐसा होता था कि सेकेंड हाफ में मंत्री मंत्रालय पहुंच जाते थे। सो, अफसर सतर्क रहते थे कि कभी भी मुख्यमंत्री, मंत्री मंत्रालय आ सकते हैं।
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