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मनेन्द्रगढ़@ चैनपुर की चिप्स फैक्ट्री से उठती दुर्गंध, लोगों का जीना मुहाल,जिम्मेदार मौन

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  • दुर्गंध से त्रस्त चैनपुर,चिप्स फैक्ट्री पर कार्रवाई कब?
  • नाक पर रुमाल रख गुजर रहे लोग…फैक्ट्री की बदबू बनी बड़ी समस्या
  • जिला पंचायत तक पहुंची दुर्गंध,फिर भी प्रशासन खामोश
  • रसूख के आगे बेबस लोग,फैक्ट्री की बदबू पर नहीं हो रही कार्रवाई
  • चिप्स फैक्ट्री से फैल रहा प्रदूषण,स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका
  • चैनपुर में बदबू का संकट,शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
  • जनस्वास्थ्य से खिलवाड़! दुर्गंध फैलाने वाली फैक्ट्री पर कार्रवाई नहीं

मनेन्द्रगढ़,01 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। मनेन्द्रगढ़ जिले के समीपस्थ चैनपुर क्षेत्र में संचालित एक आलू चिप्स फैक्ट्री इन दिनों स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए गंभीर समस्या बन गई है,फैक्ट्री से निकलने वाली तेज दुर्गंध के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है, हालात ऐसे हैं कि इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को नाक पर रुमाल रखकर निकलना पड़ रहा है।
राहगीरों और स्थानीय निवासियों में नाराजगी
चैनपुर मार्ग से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि फैक्ट्री के आसपास इतनी तेज बदबू आती है कि सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है,स्थानीय निवासियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन के कथित ‘ऊंचे रसूख’ के चलते लोग खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। दुर्गंध के कारण क्षेत्र में बीमारियां फैलने की आशंका भी जताई जा रही है।
कानूनी नियमों के उल्लंघन के आरोप-
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, फैक्ट्री से फैल रही दुर्गंध कई कानूनों का उल्लंघन हो सकती है, भारतीय न्याय संहिता की धारा 270 व 271 के तहत सार्वजनिक उपद्रव दंडनीय अपराध है, वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के तहत दुर्गंध भी वायु प्रदूषण की श्रेणी में आती है, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है, नगर पालिका/पंचायत अधिनियम के तहत जनस्वास्थ्य प्रभावित होने पर स्थानीय निकाय कार्रवाई कर सकते हैं।
जिला पंचायत कार्यालय भी प्रभावित
चौंकाने वाली बात यह है कि इस दुर्गंध की जद में जिला पंचायत कार्यालय भी आ रहा है, जहां से जिले के विकास की योजनाएं तैयार होती हैं, इसके बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार विभाग द्वारा फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रशासनिक चुप्पी पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में यह चर्चा है कि क्या प्रशासन किसी प्रकार के दबाव में है, फैक्ट्री संचालक के कथित राजनीतिक संपर्कों के चलते स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निष्कि्रयता पर सवाल उठ रहे हैं, स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल संज्ञान लेकर फैक्ट्री के वेस्ट मैनेजमेंट और प्रदूषण स्तर की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दुर्गंध इतनी तीव्र है कि उन्हें अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने को मजबूर होना पड़ रहा है, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जनहित में उठी आवाज
यह मामला अब जनहित से जुड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकाले, ताकि क्षेत्रवासियों को इस परेशानी से राहत मिल सके,यह समाचार जनहित में प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है।


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