नई दिल्ली,26 मार्च 2026। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में इस वर्ष की राम नवमी ऐतिहासिक होने जा रही है। नवनिर्मित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु के बाल स्वरूप‘रामलला’के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं के बीच अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। पूरी धर्मनगरी जय श्री राम के उद्घोष से गुंजायमान है और चारों ओर उल्लास का वातावरण है। इस पावन अवसर पर सबसे बड़ा आकर्षण‘सूर्य तिलक’की वह अलौकिक घटना होगी, जिसका इंतजार करोड़ों राम भक्त कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन और वैज्ञानिकों की टीम इस दिव्य क्षण को साकार करने के लिए दिन-रात जुटी हुई है, ताकि त्रेतायुग जैसी भव्यता का अनुभव आधुनिक काल में किया जा सके। राम नवमी के पावन दिन, जब घड़ी की सुइयां ठीक दोपहर के 12 बजाएंगी, तब प्रकृति और विज्ञान के अद्भुत मेल से रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा। खगोलीय गणनाओं और अत्याधुनिक ऑप्टो-मैकेनिकल सिस्टम की मदद से सूर्य की किरणें सीधे मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगी और प्रभु के मस्तक को सुशोभित करेंगी। बताया जा रहा है कि यह स्वर्णिम किरणें लगभग चार मिनट तक रामलला के ललाट पर टिकी रहेंगी। चूंकि भगवान राम ‘सूर्यवंशी’ माने जाते हैं,इसलिए सूर्य देव द्वारा अपने कुलदेवता का इस प्रकार वंदन करना आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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