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सूरजपुर@ विकासखण्ड स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 03 से 06 फरवरी तक होंगे आयोजित

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मुख्यमंत्री ने किया सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर ‘गजरु’ का अनावरण
सूरजपुर,30 जनवरी 2026 (घटती-घटना)।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप एवं छत्तीसगढ़ शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग रायपुर के निर्देशानुसार सरगुजा ओलंपिक वर्ष 2025-26 का आयोजन सूरजपुर जिले के समस्त विकासखण्डों में किया जाएगा, जिला कलेक्टर एस. जयवर्धन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में इस बहुप्रतीक्षित खेल महोत्सव की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, विकासखण्ड स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन 03 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक किया जाएगा, जिसमें जिलेभर के खिलाड़ी विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने किया प्रतीक चिन्ह एवं शुभंकर ‘गजरु’ का अनावरण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर ‘गजरु’ का विधिवत अनावरण किया, इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरगुजा अंचलवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की तरह सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा। यह आयोजन आदिवासी युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।
आदिवासी अंचल की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
सरगुजा संभाग अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्र है,जहां खेलों के क्षेत्र में अपार नैसर्गिक प्रतिभा विद्यमान है। शासन द्वारा सरगुजा ओलंपिक के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं वनांचल युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना, उनकी खेल एवं रचनात्मक प्रतिभाओं की पहचान करना, भविष्य के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है।
10 से अधिक खेल विधाओं में होंगी प्रतियोगिताएं
सूरजपुर जिले में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय सरगुजा ओलंपिक में 10 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
मुख्य खेल विधाएंः
तीरंदाजी (इंडियन राउंड – 30 मीटर एवं 50 मीटर)
कबड्डी बैडमिंटन फुटबॉल हॉकी कुश्ती खो-खो वॉलीबॉल बास्केटबॉल एथलेटिक्स
एथलेटिक्स में होंगी ये स्पर्धाएं
एथलेटिक्स खेल विधा के अंतर्गत 100 मीटर दौड़ 200 मीटर दौड़ 400 मीटर दौड़ लंबी कूद ऊंची कूद शॉटपुट डिस्कस थ्रो जैवेलिन थ्रो 4×100 मीटर रिले दौड़ की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
जनभागीदारी से नई ऊंचाइयों को छुएगा सरगुजा ओलंपिक…
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जिस प्रकार बस्तर ओलंपिक को जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान मिली,उसी प्रकार सरगुजा ओलंपिक भी पूरे अंचल के सहयोग से नई ऊंचाइयों को छुएगा, उन्होंने पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि सरगुजा अंचल के युवा पूरे उत्साह,उमंग और जोश के साथ इस खेल महोत्सव के लिए तैयार हैं।
खेल प्रतिभाओं के लिए मील का पत्थर बनेगा आयोजन…
सरगुजा ओलंपिक 2025-26 निश्चित रूप से आदिवासी अंचलों की छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने,ग्रामीण युवाओं को नई पहचान दिलाने, खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।
कराते प्रतियोगिता के आयु वर्ग कराते खेल में निम्न वर्गों में मुकाबले होंगेः
जूनियर बालक वर्ग
14-15 वर्ष : 42-47 किलोग्राम
16-17 वर्ष : 55 एवं 61 किलोग्राम
जूनियर बालिका वर्ग
14-15 वर्ष : 42-47 किलोग्राम
16-17 वर्ष : 53 किलोग्राम
सीनियर वर्ग
पुरुष : 60-67 किलोग्राम
महिला : 55-61 किलोग्राम
महिला वर्ग के लिए रस्साकसी प्रदर्शनात्मक खेलः रस्साकसी खेल को केवल महिला वर्ग के लिए प्रदर्शनात्मक रूप में शामिल किया गया है, जिसमें… जूनियर वर्ग सीनियर वर्ग के लिए पृथक वेट ग्रुप निर्धारित किए गए हैं।
कुश्ती और हॉकी सीधे जिला से संभाग स्तर पर : कुश्ती एवं हॉकी खेल विधाओं में— दलों की भागीदारी सीधे जिला स्तर से संभाग स्तर पर होगी।
इन खेलों में प्रतियोगिताएं…
14 से 17 वर्ष आयु वर्ग सीनियर वर्ग (कोई आयु सीमा नहीं) में आयोजित की जाएंगी।


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