- आंदोलन के मंच से गूंजी दो टूक चेतावनी
- गांव-गांव की पीड़ा लेकर सड़कों पर उतरीं मितानिनें,मंच से प्रशासन को चेतावनी…
- एक नहीं अनेक हैं समस्याएंः मितानिनों के आंदोलन ने खोल दी सिस्टम की परतें…
- सोनहत में मितानिनों का जनआंदोलन, सरकार और जनप्रतिनिधियों को दिखाया जमीनी आईना…
- जो जनप्रतिनिधि नहीं देख पाए, वह मितानिनों ने मंच से दिखा दिया…
- साल भर चुप्पी,एक दिन विस्फोटः मितानिन आंदोलन में फूटा जनाक्रोश
- सरकार की आंखें बंद, मितानिनों की आंखों में गांव का सच
- नारे नहीं,आंकड़े लेकर उतरीं मितानिनें-सिस्टम की नींद टूटी
- सोनहत में मितानिनों का हल्लाबोल स्वास्थ्य,सड़क, पानी,बिजली और राशन संकट को लेकर विशाल रैली,सम्मेलन में बंद सोनोग्राफी सेवा चालू करने बुलंद हुई आवाज



-राजन पाण्डेय-
सोनहत (कोरिया),30 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। सम्मेलन के मंच से मितानिन बहनों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को अपने ही क्षेत्र की समस्याएं नहीं पता हैं, तो यह उनकी सबसे बड़ी विफलता है,और अगर वे जमीनी हकीकत से अनजान बने रहेंगे,तो मितानिनें उन्हें आईना दिखाने का काम करेंगी, मितानिन बहनों ने कहा कि जब वे अपने-अपने गांवों से पूरे साल समस्याएं इकट्ठा कर आंदोलन के मंच पर लेकर पहुंचीं,तब यह स्पष्ट हो गया कि सोनहत क्षेत्र किसी एक समस्या से नहीं,बल्कि दर्जनों जमीनी संकटों से जूझ रहा है,स्वास्थ्य,सड़क, पानी,बिजली,राशन,नेटवर्क—ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा,जहां अव्यवस्था न हो,मितानिनों ने दो टूक कहा कि वे केवल सरकार की एक मानदेय इकाई भर नहीं हैं,बल्कि गांव-गांव की नब्ज पहचानने वाली जमीनी ताकत हैं, वे हर गांव में मौजूद हैं,हर परिवार से जुड़ी हैं और इसलिए उन्हें पता है कि किस घर में पानी नहीं है,किस महिला को इलाज नहीं मिला और किस गांव में आज भी अंधेरा पसरा है,मितानिन बहनों ने मंच से यह भी कहा कि वे पूरे वर्ष अपने काम के साथ-साथ गांव-गांव जाकर समस्याओं का दस्तावेज तैयार करती हैं। यह कोई औपचारिकता नहीं,बल्कि एक संघर्ष है—जो साल भर चलता है और साल में एक दिन आंदोलन बनकर फूट पड़ता है, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह आंदोलन सिर्फ मांगपत्र सौंपने तक सीमित नहीं है,यदि शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो आने वाले समय में यह आवाज और तेज होगी,सड़कों से लेकर सदन तक गूंजेगी, मितानिनों ने कहा कि वे आंकड़ों की भाषा नहीं, जमीनी सच्चाई बोलती हैं—और यही सच्चाई आज प्रशासन को सबसे ज्यादा चुभ रही है।
सोनहत अस्पताल की बदहाल व्यवस्था बनी आंदोलन का केंद्र…
सम्मेलन में मितानिनों ने सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की,वक्ताओं ने कहा कि अस्पताल में सुविधाओं का घोर अभाव है,जिसका सीधा असर गरीब ग्रामीणों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है,सोनोग्राफी मशीन वर्षों से बंद सबसे गंभीर मुद्दा सोनहत अस्पताल में लंबे समय से बंद पड़ी सोनोग्राफी मशीन को लेकर रहा, मितानिनों ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच नहीं हो पा रही,मजबूरी में निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा,कई महिलाएं आर्थिक तंगी के कारण जांच ही नहीं करा पातीं मितानिनों ने मांग की कि सोनोग्राफी सेवा प्रतिदिन नियमित रूप से चालू की जाए।
मोबाइल नेटवर्क आज भी सपना
रामगढ़ सहित कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं है। न नेटवर्क है,न इंटरनेट, इससेऑनलाइन सेवाएं बाधित,आपातकालीन कॉल संभव नहीं,छात्रों की पढ़ाई प्रभावित, ग्रामीणों ने इसे डिजिटल इंडिया के दावों पर सवाल बताया।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो का सरकार को अल्टीमेटम : मुख्य अतिथि पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा ‘मितानिनें केवल स्वास्थ्य कार्यकर्ता नहीं, बल्कि ग्रामीण व्यवस्था की नींव हैं।
यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो यह आंदोलन और व्यापक होगा।’ उन्होंने ऐलान किया कि सोनोग्राफी और महिला डॉक्टर का मुद्दा स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचाया जाएगा, मितानिन मानदेय व सुविधाओं को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के माध्यम से उठाया जाएगा।
महिला डॉक्टर की अनुपस्थिति बनी बड़ी समस्या…
सम्मेलन में यह भी बताया गया कि सोनहत अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का पद वर्षों से रिक्त है,ऐसे में प्रसव,स्त्री रोग एवं जटिल मामलों में महिलाओं को बैकुंठपुर या अंबिकापुर रेफर किया जाता है,मितानिनों का कहना था कि‘जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही महिला डॉक्टर नहीं होगी तो ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षित इलाज कैसे मिलेगा? ‘
नसबंदी और मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर नहीं लगे…
लंबे समय से क्षेत्र में महिला नसबंदी, मोतियाबिंद ऑपरेशन के शिविर आयोजित नहीं किए गए हैं,इससे सैकड़ों मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं। मितानिनों ने नियमित विशेष शिविर लगाने की मांग की।
जननी सुरक्षा योजना की राशि अब तक लंबित
सम्मेलन में कई मितानिनों ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि कई हितग्राहियों को आज तक नहीं मिली है, इससे गरीब परिवारों में नाराजगी बढ़ रही है।
नल-जल योजना की जमीनी सच्चाई आई सामने…
सरकारी दावों के विपरीत सोनहत क्षेत्र में नल-जल योजना धरातल पर विफल नजर आई, पाइपलाइन तो बिछा दी गई,नल लगाए गए लेकिन पानी आज तक नहीं पहुंचा,कई गांवों में टोटियां टूटी हुई हैं,कहीं मोटर खराब है,तो कहीं टंकी अधूरी बनी हुई है,ग्रामीण आज भी हैंडपंप और नदी-नालों पर निर्भर हैं।
वनांचलों में अंधेराः सौर ऊर्जा प्लांट बने शोपीस…
सोनहत के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में लगाए गए सौर ऊर्जा प्लांट और सोलर लाइटें वर्षों से बंद पड़ी हैं,बैटरियां खराब,पैनल टूटे,मेंटेनेंस पूरी तरह ठप्प,रात होते ही गांव अंधेरे में डूब जाते हैं,जिससे सुरक्षा और आवागमन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
अमृतपुर से सूक्तरा सड़क नहीं,तो विकास नहीं…
सम्मेलन में वनांचल की सबसे बड़ी समस्या अमृतपुर-सूक्तरा सड़क को बताया गया, सड़क नहीं होने से एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती,बरसात में गांव पूरी तरह कट जाते हैं, स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंच कठिन हो जाती है, मितानिनों ने इसे क्षेत्र की जीवनरेखा बताते हुए तत्काल पक्की सड़क निर्माण की मांग की।
पोड़ी ओदारी में राशन संकट…
सम्मेलन में यह भी सामने आया कि पोड़ी ओदारी क्षेत्र में महीनों से शक्कर,चना का वितरण नहीं हुआ है,गरीब परिवारों को अधूरा राशन मिल रहा है। मितानिनों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
जनप्रतिनिधियों ने जताया समर्थन
आशा देवी सोनपाकर (अध्यक्ष, जनपद पंचायत) : ‘जब तक स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त नहीं होंगी, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। ‘
पुष्पेंद्र राजवाड़े : ‘अमृतपुर-सूक्तरा सड़क पूरे क्षेत्र की प्राथमिक जरूरत है। ‘
अविनाश पाठक (सांसद प्रतिनिधि) : ‘नल-जल और नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। ‘
संदीप जायसवाल (अध्यक्ष) : ‘मोबाइल नेटवर्क के लिए प्रयास जारी हैं, मितानिन भवन शीघ्र सौंपा जाएगा। ‘
मितानिनों की 13 सूत्रीय प्रमुख मांगें
सोनहत अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा चालू हो
महिला डॉक्टर की स्थायी नियुक्ति
नसबंदी एवं मोतियाबिंद शिविर
जननी सुरक्षा राशि का भुगतान
पोड़ी क्षेत्र में शक्कर-चना वितरण
दूरस्थ क्षेत्रों में नई राशन दुकान
अमृतपुर-सूक्तरा सड़क निर्माण
सौर ऊर्जा प्लांट मरम्मत
खराब सोलर लाइट दुरुस्त हों
. नल-जल योजना की तकनीकी खामियां दूर हों
हर घर जल आपूर्ति सुनिश्चित हो
रामगढ़ क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क
अधूरी सीसी सड़कें पूर्ण हों
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