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सोनहत@ सोनहत के वनांचल ग्राम रामगढ़ में ‘सरगुजा ओलंपिक’ का भव्य आयोजन

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पारंपरिक खेलों में खिलाडि़यों ने दिखाया दमखम,ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला मंच
सोनहत,29 जनवरी 2026(घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुसार एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सोनहत विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम रामगढ़ में ‘सरगुजा ओलंपिक’ का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस खेल महाकुंभ ने ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच प्रदान किया, कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना तथा स्वास्थ्य एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करना रहा।
उत्साहपूर्ण माहौल,रही व्यापक जनभागीदारी
‘सरगुजा ओलंपिक’ आयोजन के दौरान रामगढ़ सहित आसपास के आश्रित ग्रामों से बड़ी संख्या में ग्रामीण दर्शक उपस्थित रहे, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने खेलों का आनंद लिया और खिलाडि़यों का उत्साहवर्धन किया। पूरे गांव में मेले जैसा वातावरण बना रहा।
विजेताओं का सम्मान, जिला स्तर के लिए चयन
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों एवं टीमों को मेडल, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन आगामी जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिता के लिए किया गया।
पारंपरिक खेलों की रही विशेष धूम
रामगढ़ के खेल मैदान में आयोजित प्रतियोगिताओं में आधुनिक खेलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति से जुड़े पारंपरिक खेलों को विशेष महत्व दिया गया, प्रतियोगिता के दौरान प्रमुख रूप से दौड़ एवं लंबी कूद खिलाडि़यों ने अपनी गति,शक्ति और सहनशक्ति का शानदार प्रदर्शन किया, कबड्डी—टीम भावना और रणनीति से भरपूर मुकाबले देखने को मिले, खो-खो—फुर्ती और तालमेल ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया,खेल मैदान तालियों और उत्साहवर्धन के नारों से गूंजता रहा।
ग्रामीण प्रतिभाओं ने दिखाया जज्बा
वनांचल क्षेत्र होने के बावजूद खिलाडि़यों में अद्भुत उत्साह देखने को मिला, कई प्रतिभागियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन कर यह साबित किया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती, युवाओं के साथ-साथ किशोर और बाल वर्ग के खिलाडि़यों ने भी आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
खेलों से बढ़ता है स्वास्थ्य और भाईचारा
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने खिलाडि़यों को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है,युवाओं में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है,आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता मजबूत होती है उन्होंने कहा कि‘सरगुजा ओलंपिक’ जैसे आयोजन ग्रामीण अंचलों में खेल संस्कृति को नई दिशा दे रहे हैं।


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