हायर सेकेंडरी,आत्मानंद स्कूल सहित शिक्षण संस्थानों में श्रद्धा से मनाई गई सरस्वती पूजा
सोनहत,24 जनवरी 2026(घटती-घटना)। ज्ञान,कला और वाणी की देवी मां सरस्वती की आराधना का पावन पर्व बसंत पंचमी सोनहत क्षेत्र में श्रद्धा,आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया,नगर एवं ग्रामीण अंचलों के शासकीय व निजी शिक्षण संस्थानों में मां शारदे की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। विद्यालयों में ‘या कुन्देन्दुतुषारहारधवला’ के मधुर मंत्रोच्चार से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा, विद्यार्थियों ने मां सरस्वती से बुद्धि, विवेक, अनुशासन और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोनहत एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में सुबह से ही उत्सव का माहौल देखने को मिला। शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर वैदिक विधि-विधान से पूजा सम्पन्न की, पूजन उपरांत सामूहिक आरती व प्रसाद वितरण किया गया, वहीं कटगोड़ी क्षेत्र के विद्यालयों में भी पीले परिधानों में सजे बच्चों ने पुष्प अर्पित कर ‘विद्यारंभ’ का संकल्प लिया।
शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, संस्कारों का पुंज हैः पुष्पेंद्र राजवाड़े
आईसेक्ट केंद्र में आयोजित सरस्वती पूजन कार्यक्रम में उपस्थित कोरिया जन सहयोग समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजवाड़े ने कहा शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं,बल्कि संस्कारों का पुंज है। सरस्वती पूजा हमें स्मरण कराती है कि ज्ञान ही वह प्रकाश है,जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है,उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
तकनीकी व निजी संस्थानों में भी भक्ति की बयार
बसंत पंचमी का उत्सव केवल शासकीय विद्यालयों तक सीमित नहीं रहा,बल्कि निजी एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी श्रद्धापूर्वक मनाया गया,आईसेक्ट कंप्यूटर एजुकेशन सोनहत में कंप्यूटर, पुस्तकों एवं अध्ययन सामग्री का पूजन कर आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम प्रस्तुत किया गया। डिजिटल युग में ज्ञान की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया, भारत इंग्लिश मीडियम स्कूल में नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना,नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों को बसंत पंचमी के धार्मिक,सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक महत्व से भी अवगत कराया गया।
पीले रंग में रंगा नजर आया परिसर
बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक पीला रंग विद्यालय परिसरों में प्रमुखता से दिखाई दिया। शिक्षक एवं विद्यार्थी पीले वस्त्रों में नजर आए। पूजा उपरांत खिचड़ी एवं पीले मीठे चावल का प्रसाद वितरित किया गया,जिससे बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
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