सरकारी कर्मचारी का शर्मनाक कारनामाः बच्चों के मैदान में अश्लील नृत्य और नोटों की बारिश
स्कूल परिसर बना फूहड़ता का अड्डा,रोजगार सहायक ने मंच पर उड़ाए नोट
छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर हमलाः स्कूल मैदान में ‘नंगा नाच’,सिस्टम बना तमाशबीन
विकास की जिम्मेदारी छोड़ ठुमकों में डूबा सिस्टम,कोरिया में प्रशासन बेनकाब
कोरिया में सिस्टम की सरेआम बेइज्जती,वायरल वीडियो ने खोली प्रशासन की पोल
पद की गरिमा को ठुमकों में उड़ायाः स्कूल मैदान में सरकारी कर्मचारी का अश्लील तमाशा
मनरेगा से मंच तकः रोजगार सहायक का रंगीन वीडियो बना प्रशासन की किरकिरी
कागजों में विकास,मैदान में डांस—कोरिया में सिस्टम का असली चेहरा उजागर
छत्तीसगढ़ में फिर शर्मनाक तमाशा,अब कोरिया में टूटी मर्यादा

-रवि सिंह-
कोरिया,24 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक आयोजनों की आड़ में लगातार बढ़ती अश्लीलता अब एक गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक संकट का रूप ले चुकी है। गरियाबंद और सूरजपुर जिलों में सामने आई शर्मनाक घटनाओं की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, ग्राम पंचायत पोड़ी में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट के समापन समारोह के नाम पर जो दृश्य सामने आया, वह न केवल छत्तीसगढ़ी संस्कृति के मूल स्वरूप पर आघात है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, पंचायत तंत्र और प्रशासनिक नियंत्रण- तीनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्कूल मैदान बना अश्लीलता का मंच
जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात ग्राम पंचायत पोड़ी के शासकीय स्कूल खेल मैदान में टूर्नामेंट समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया था,जिस मैदान पर दिन के समय बच्चे अनुशासन,खेल भावना और भविष्य निर्माण की शिक्षा लेते हैं,उसी परिसर में रात ढलते ही तेज डीजे,आपत्तिजनक फिल्मी गीत,मंच पर नर्तकियों के अश्लील ठुमके, देर रात तक चलता फूहड़ प्रदर्शन ने पूरे माहौल को शर्मसार कर दिया,ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और निगरानी के आयोजित किया गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण युवक, किशोर और बच्चे भी मौजूद थे।
बच्चों के भविष्य वाले परिसर में मर्यादाओं की हत्या
स्थानीय ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि स्कूल केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं होता,वह बच्चों के चरित्र निर्माण का केंद्र होता है, उसी स्थान पर अश्लील नृत्य कराना आने वाली पीढ़ी को गलत संदेश देता है, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पहले भी पंचायत स्तर पर ऐसे कार्यक्रम होते रहे हैं, लेकिन इस बार हदें पार कर दी गईं।
रोजगार सहायक की भूमिका बनी सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में सबसे अधिक आक्रोश रोजगार सहायक जिंदरसाय सोनवानी की भूमिका को लेकर है, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रोजगार सहायक मंच के बेहद करीब मौजूद है,नर्तकियों के साथ खुलेआम ठुमके लगा रहा है,मंच पर चढ़कर नोटों की बारिश कर रहा है,आसपास मौजूद लोग उसे प्रोत्साहित कर रहे हैं,यह वही कर्मचारी है,जिस पर मनरेगा जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन, मजदूरों के भुगतान,ग्रामीण विकास की जवाबदेही जैसे गंभीर दायित्व सौंपे गए हैं,सरकारी सेवा आचरण नियमों के अनुसार कोई भी कर्मचारी सार्वजनिक रूप से इस प्रकार का आचरण नहीं कर सकता,फिर भी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं।
प्रशासनिक चुप्पी पर उठे गंभीर प्रश्न
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या पंचायत सचिव, सरपंच या जनपद स्तर के अधिकारी इस आयोजन से अनजान थे? क्या बिना अनुमति स्कूल परिसर का उपयोग किया गया? क्या पुलिस या प्रशासन को कार्यक्रम की सूचना दी गई थी? यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी,तो यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं तो क्या है?
पूर्व विधायक गुलाब कमरो का तीखा प्रहार
भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस घटना को ‘सिस्टम की नैतिक विफलता’ करार देते हुए कहा छत्तीसगढ़ की पहचान हमारी लोक संस्कृति,पंथी,करमा और पारंपरिक नृत्य हैं,अश्लील नृत्य हमारी संस्कृति नहीं है, सरकारी स्कूल परिसर में इस तरह का कार्यक्रम और उसमें सरकारी कर्मचारी की शर्मनाक भूमिका बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है,गरियाबंद और सूरजपुर के बाद भी प्रशासन नहीं जागा,इसी कारण आज कोरिया में भी यह दुस्साहस हुआ,उन्होंने कलेक्टर से तत्काल प्रभाव से रोजगार सहायक को निलंबित करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सोशल मीडिया पर उबाल,प्रशासन पर दबाव
घटना का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब किसानों,मजदूरों को भुगतान में महीनों लगते हैं,तब सरकारी कर्मचारी मंच पर हजारों रुपए लुटा रहा है,आखिर यह पैसा आया कहां से? यह सवाल अब प्रशासन के लिए भी असहज होता जा रहा है।
अब सवाल सिर्फ अश्लीलता का नहीं
यह मामला केवल अश्लील कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई गंभीर प्रश्न सामने आ रहे हैं सरकारी पद का दुरुपयोग,स्कूल परिसर की मर्यादा भंग,सांस्कृतिक पतन, प्रशासनिक लापरवाही,पंचायत स्तर पर बेलगाम व्यवस्था,यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई,तो यह घटनाएं आगे और विकराल रूप ले सकती हैं।
अब प्रशासन की असली परीक्षा पूरा जिला अब प्रशासन की ओर देख रहा है…
क्या दोषी रोजगार सहायक पर निलंबन की कार्रवाई होगी?
क्या आयोजकों पर एफआईआर दर्ज होगी?
क्या स्कूल परिसर के दुरुपयोग पर सख्त निर्देश जारी होंगे?
या फिर यह मामला भी जांच के नाम पर फाइलों में दबा दिया जाएगा?
यह केवल एक वीडियो नहीं
सिस्टम के चरमराने की चेतावनी है,अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या अगली शर्मनाक घटना का इंतजार करता है।
स्कूल मैदान अश्लीलता मामला
रोजगार सहायक की सेवा समाप्त
ग्राम पंचायत पोड़ी के स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अश्लील नृत्य और नोट उड़ाने के मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रकरण को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए जनपद पंचायत सोनहत के सीईओ ने रोजगार सहायक जिंदरसाय सोनवानी की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है,आदेश के अनुसार 24 जनवरी 2026 को प्रिंट मीडिया में प्रकाशित समाचार एवं वायरल वीडियो में रोजगार सहायक का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-03 के तहत कदाचार की श्रेणी में पाया गया, जिससे शासन की छवि धूमिल हुई,प्रशासन द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं होने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई,प्रशासन की इस सख्ती को सरकारी कर्मचारियों के लिए स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
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