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एमसीबी@ एमसीबी में फेडरेशन की हड़ताल के बीच प्रशासनिक कार्रवाई पर बवाल

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गुलाब कमरों ने निलंबन को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला
एमसीबी,31 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)
। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन द्वारा प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल के बीच एमसीबी जिले में की गई प्रशासनिक कार्रवाई ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। जिला प्रशासन द्वारा हड़ताल के दौरान पुलिस बुलाकर तीन शासकीय कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई और तत्काल निलंबन के विरोध में पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरों खुलकर सामने आ गए हैं, जिला प्रशासन ने शिक्षक गोपाल सिंह,सफाई कर्मचारी सुरेन्द्र प्रसाद एवं राजस्व निरीक्षक संजय पाण्डेय को शासकीय कार्य में बाधा का हवाला देते हुए बिना पूर्व नोटिस और बिना सुनवाई तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। फेडरेशन और कर्मचारी संगठनों का कहना है कि हड़ताल पूरी तरह गांधीवादी और शांतिपूर्ण थी, इसके बावजूद यह कार्रवाई की गई, जो निंदनीय है,कुल मिलाकर,एमसीबी में हुई यह प्रशासनिक कार्रवाई अब केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं रही,बल्कि राजनीतिक टकराव का रूप ले चुकी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन संवाद का रास्ता चुनता है या टकराव और गहराता है।
यह निलंबन नहीं,सत्ता का दुरुपयोग हैःगुलाब कमरों
निलंबन की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए गुलाब कमरों ने कहा…यह कार्रवाई अलोकतांत्रिक है,यह निलंबन नहीं बल्कि सत्ता का दुरुपयोग है। जिला प्रशासन खुद को सरकार से ऊपर समझ रहा है। कर्मचारियों की आवाज़ को इस तरह दबाया नहीं जा सकता,उन्होंने रायपुर स्थित इंद्रावती भवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हड़ताल के दौरान पूरा कामकाज ठप रहा, यहां तक कि जनप्रतिनिधियों को भी प्रवेश नहीं दिया गया, लेकिन कहीं भी इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत एमसीबी जिले में कर्मचारियों पर दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है, जो प्रशासन की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।
धरना स्थल पहुंचे कांग्रेस नेता,हड़ताल को मिला समर्थन
पूर्व विधायक गुलाब कमरों स्वयं कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ एकजुटता दिखाई। उनके साथ कांग्रेस के कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। धरना स्थल पर एडवोकेट राम नरेश पटेल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजकुमार केसरवानी,युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष हाफिज मेमन, सौरव मिश्रा, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष अमोल सिंह,पार्षदगण अजय जायसवाल, स्वप्निल सिंहा,मुकेश अग्रवाल,इमरान खान,आनंद राय,सुनील राय,अज्जू रवि,अमर सिंह,विकास श्रीवास्तव, संदीप द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन और कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।
निलंबन वापस लेने की मांग,आंदोलन तेज होने के संकेत
धरना स्थल पर वक्ताओं ने एक स्वर में तीनों कर्मचारियों के निलंबन आदेश को तत्काल वापस लेने और कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने दमनात्मक रवैया नहीं छोड़ा तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक तथा उग्र रूप ले सकता है।


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