प्रधानमंत्री आवास योजना से खड़गवां मुख्यालय में हो रहे आवास निर्माण कार्य में बडा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है
क्या आवास निर्माण कार्य का जियो टैग करने वाला आवास मित्र ग्राम पंचायत सचिव हितग्राही पर कार्यवाही होगी या सांठगांठ से समाप्त होगी?
-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,25 दिसंबर 2025 (घटती-घटना)। जनपद पंचायत खड़गवां तो हमेशा किसी ना किसी मामले को लेकर सुर्खियों में रहता है ऐसे ही कई मामले प्रधानमंत्री आवास योजना का सामने आया है जिसमें जानकारी मिल रही है कि आवास निर्माण कार्य के लिए जो आवास मित्र के द्वारा जियोटेक किया गया है वो ग्राम पंचायत खड़गवां में स्वीकृत हुआ है और प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य का निर्माण कार्य रतनपुर ग्राम पंचायत में किया गया और उस प्रधानमंत्री आवास की राशि भी आहरण भी कर ली गई?अब सवाल खडा हो रहा है कि जब ग्राम पंचायत खड़गवां में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ है तो ग्राम पंचायत रतनपुर में कैसे बन गया जबकि स्थल पर जियो टैग किया जाता है उसके बाद भी फर्जीवाड़ा कर ग्राम पंचायत रतनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना का निर्माण कार्य कराया दिया गया है? इस प्रधानमंत्री आवास योजना से हुए निर्माण आवास की जानकारी के बाद जनपद पंचायत खड़गवां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा नोटिस जारी कर कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है आवास मित्र के द्वारा कई ऐसे आवास हितग्राही का जिओ टैग कि है हितग्राही जहां पर आवास का जियो टैग करवाते हैं और घर कहीं और पर बना लेते हैं ऐसा मामला एक ग्राम पंचायत रतनपुर में हुआ है आवास स्वीकृत ग्राम पंचायत खड़गवां में हुआ और निर्माण ग्राम पंचायत रतनपुर में हुआ यह सारी बातें आवास मित्र के द्वारा फर्जीवाड़ा कर किया गया था इस मामले में आवास मित्र एवं बीसी एवं मनरेगा जनपद पंचायत खड़गवां के अधिकारियों के द्वारा इस तरह के आवास निर्माण कार्य पर रोक लगाने की जरूरत नहीं समझी या इन सभी कर्मचारी एवं मनरेगा जनपद पंचायत के अधिकारियों की सांठगांठ से कर दिया गया?
एक मामला खड़गवां मुख्यालय का है पंद्रह साल से दूसरे की पटे की भूमि खसरा नंबर 427/3 पर हसबुन पति राशिद के बेटे का आवास निर्माण दूसरे की भूमि पर किया गया था जहां का जियो टैग भी आवास मित्र के द्वारा किया गया था जब हितग्राही की भूमि नहीं थी तो आवास मित्र ने जियो टैग कैसे कर दिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य कराया जा रहा था जबकि आवास ही गलत स्थल पर निर्माण कार्य किया जा रहा था तो आवास मित्र ने दूबारा स्थल का जियो टैग कैसे हुआ और दूसरी किस्त की राशि कैसे हितग्राही को प्राप्त हो गई ये जांच कर कार्यवाही योग है?
जबकि इस तरह के आवास निर्माण कार्य की शिकायत जनपद पंचायत खड़गवां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से होने के बाद भी मामले में जांच करने का आश्वासन देकर महज एक नोटिस जारी कर अपना पहला झाड लिया जाता है? इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिर्फ शिकायत कर्ता को आश्वासन देने के अलावा कोई कार्यवाही करते नजर नहीं आते हैं आखिर ऐसा क्या? सूत्रों से मिल रही जानकारी से की जनपद पंचायत खड़गवां में ग्राम पंचायतों में आवास निर्माण कार्य का आंकड़ा पूरा करने में अधिकारी लगे हैं जबकि धरातल पर कहानी कुछ और है जिससे आवास निर्माण सिर्फ जनपद पंचायत खड़गवां के कागजी आंकड़ों में आवास निर्माण कार्य प्रगति की दौड़ में काफी आगे निकलता दिखाई दे रहा है? आखिर परत दर परत इन भ्रष्टाचारियों की पोल खुल रही है कई मामले एक के बाद एक सामने आ रहे हैं लेकिन सोचने का विषय यह है कि इतने सारे मामलों के बावजूद भी लोग बिना डरे अपने धंधों को, गलत कारनामों को धड़ल्ले से अंजाम दे रहे हैं और उन्हें जिला या ब्लॉक स्तरीय कार्यवाही का डर नहीं है। क्या इस बात से यह अंदाजा लगाया जा सकता है की जिला और ब्लॉक में भी सेटलमेंट का खेल चल रहा है क्या जिला और ब्लॉक के अधिकारी कर्मचारी साहब सभी इस भ्रष्टाचार के शहद में रोटी डुबो डुबोकर खा रहे हैं…?,
ऐसे कई सवाल है जो अधिकारियों के कार्य शैली को देखकर मन में उत्पन्न हो रहे…. ?
क्योंकि अगर उच्च अधिकारियों की संलिप्तता नहीं होती तो इतने बड़े बड़े आवास निर्माण कार्य में घोटाले करने से पहले निचले स्तर एक कर्मचारी हजार बार जरुर सोचते या फिर निचले स्तर के जो कर्मचारी हैं वह सब उच्च अधिकारियों को कुछ समझ ही नहीं रहे हैं? आखिर यह कैसे संभव है कि आवास मित्र, तकनीकी सहायक, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर आदि किसी को भी इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं थी।
कोई भी इस चीज को कैसे मान सकता है? कि इतने बड़े कारनामे होने के बाद भी किसी को कानों कान खबर नहीं थी। या तो यह सभी जनपद पंचायत एवं मनरेगा के ग्राम पंचायत के अधिकारी कर्मचारी केवल शासन के द्वारा दिए जाने वाले वेतन को जेब में भरने का काम कर रहे थे या फिर उनके वेतन से अधिक उन्हें रिश्वत मिल रही थी जो उन्हें अपने कर्तव्य का पालन करने से रोक रहा था। हालांकि कि अभी जनपद पंचायत खड़गवां में हुए कई घोटाले की कहानी दर परत दर खुलेगी जिससे भ्रष्टाचार भी उजागर किया जाएगा?
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