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मनेन्द्रगढ़@ प्रधानमंत्री सड़क स्वीकृति पर श्रेय की राजनीति पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने रखे तथ्य

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मनेन्द्रगढ़,25 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)। सड़कों की जरूरत और विकास निर्विवाद है, लेकिन श्रेय की राजनीति के बीच दस्तावेजों के साथ उठाए गए सवाल यह संकेत देते हैं कि राजनीतिक दावों से अधिक महत्वपूर्ण तथ्य और पारदर्शिता है, जिस पर अब जनता अपनी राय बनाएगी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत सड़कों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। क्षेत्र की वर्तमान विधायक द्वारा सोशल मीडिया में इन सड़कों की प्रशासकीय स्वीकृति को अपनी उपलब्धि बताने के बाद अब पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने प्रेस वार्ता कर तथ्यों के साथ अपना पक्ष सामने रखा है, प्रेस वार्ता में पूर्व नपा अध्यक्ष राजकुमार केसरवानी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष हाफिज मेमन,पार्षद स्वप्निल सिंहा सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने स्पष्ट कहा कि इन सड़कों का प्रस्ताव,अनुशंसा और प्रारंभिक प्रक्रिया पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान पूरी हुई थी, उन्होंने बताया कि कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत की अनुशंसा और निरंतर प्रयासों के कारण ये सड़क परियोजनाएं प्रस्तावित होकर स्वीकृत हुईं, कमरों ने कहा कि विकास कार्यों का श्रेय लेने के बजाय जनता के सामने सच्चाई रखना जरूरी है, उन्होंने आंकड़ों के साथ जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना स्टेज 4 के तहत कोरिया जिले में सांसद की अनुशंसा से 52 सड़कों का प्रस्ताव भेजा गया, जिनमें से 27 सड़कों को लगभग 147 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले में 70 सड़कों के प्रस्ताव में से 56 सड़कों को करीब 236 करोड़ रुपये की मंजूरी प्राप्त हुई, इसके अतिरिक्त पीएम जनमन योजना के अंतर्गत एमसीबी जिले में 55 सड़कों को लगभग 179 करोड़ रुपये की स्वीकृति सांसद की पहल से मिली।
परियोजनाओं की फाइल प्रक्रिया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय
गुलाब कमरों ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं की फाइल प्रक्रिया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई थी, और सांसद की सक्रिय भूमिका रही है, उन्होंने उन प्रस्तावों की प्रतियां भी साझा कीं जिन पर सांसद सहित संबंधित शासकीय अधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, कमरों का आरोप है कि अब जब प्रशासकीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तब वर्तमान विधायक श्रेय लेने का प्रयास कर रही हैं, जो वास्तविकता से परे है, पूर्व विधायक ने तीखे शब्दों में कहा, ‘जनता सब देख रही है, झूठी वाहवाही लेकर जनता को गुमराह करने की राजनीति बंद होनी चाहिए, साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, बल्कि वास्तविक योगदान और सत्य को सामने रखने के पक्षधर हैं, ताकि किसी तरह का भ्रम न फैले।


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