




चिरमिरी क्षेत्र को आज विकास की बड़ी सौगात…एक ही दिन में तीन महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का भूमिपूजन
चिरमिरी में विकास का दिनः शिक्षा और अधोसंरचना को नई दिशा
एक दिन,तीन भूमिपूजन, भविष्य के तीन मजबूत स्तंभ
रवि सिंह
एमसीबी/मनेंद्रगढ़/चिरमिरी 22 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)। एजुकेशन हब के रूप में चिरमिरी को विकसित करने की दिशा में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने बड़ी पहल की है, मंत्री जायसवाल ने अकेले चिरमिरी को करीब 15 करोड़ रुपये की शिक्षा आधारित विकास योजनाओं की सौगात दी है,इन योजनाओं के तहत नालंदा परिसर लाइब्रेरी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन,और नवीन पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन का भूमिपूजन किया गया, इन तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 14 करोड़ 61 लाख 82 हजार रुपये है, यह पहल चिरमिरी को शिक्षा के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने वाली मानी जा रही है, चिरमिरी क्षेत्र के लिए आज का दिन विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है, क्षेत्र में शिक्षा और बौद्धिक अधोसंरचना को मजबूती देने की दिशा में तीन बड़े निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, यह सभी कार्यक्रम श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
चिरमिरी को लंबे समय तक एक औद्योगिक और खनन
आधारित क्षेत्र के रूप में पहचाना गया,लेकिन आज का दिन संकेत देता है कि यह क्षेत्र अब केवल अतीत की पहचान में नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी में जुटा है, एक ही दिन में लाइब्रेरी, स्कूल और पॉलीटेक्निक कॉलेज ये तीनों परियोजनाएं बताती हैं कि विकास का अर्थ केवल सड़क और भवन नहीं, बल्कि मानव संसाधन का निर्माण है, सेंट्रल लाइब्रेरी ज्ञान की भूख को दिशा देगी, स्कूल भवन आधार मजबूत करेगा और पॉलीटेक्निक कॉलेज युवाओं को हुनर से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाएगा। यह क्रम बताता है कि यदि नीति और नीयत स्पष्ट हो, तो सीमावर्ती और अपेक्षाकृत उपेक्षित क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण विकास संभव है, हालांकि, असली परीक्षा अब शुरू होती है निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और बाद की देखरेख, यदि इन तीनों पर समान ध्यान दिया गया, तो चिरमिरी आने वाले वर्षों में शिक्षा और कौशल विकास का एक मजबूत केंद्र बन सकता है, आज का भूमिपूजन केवल शिलान्यास नहीं, बल्कि यह सवाल भी छोड़ता है क्या हम इन परियोजनाओं को कागज से जमीन तक ही नहीं, बल्कि जमीन से परिणाम तक पहुंचा पाएंगे यदि जवाब ‘हां’ है, तो चिरमिरी का भविष्य निश्चित ही उज्ज्वल है।
शिक्षा की परंपरा और विकास की प्रतीक्षा
एमसीबी जिला अंतर्गत चिरमिरी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों, घने जंगलों और कोयले की खदानों के लिए प्रसिद्ध है, ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र शिक्षा का केंद्र रहा है। पुराना रेलवे स्टेशन, अनुकूल जलवायु और सहज-संतोषी जनता इसकी पहचान हैं, लंबे समय से विकास की प्रतीक्षा कर रहे चिरमिरी को अब शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत आधार मिला है, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
परियोजनाओं का विवरण
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी दी कि 4.29 करोड़ की लागत से नालंदा परिसर में 250 सीटर अत्याधुनिक लाइब्रेरी, 1.21 करोड़ की लागत से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोरिया का नया भवन और 9.11 करोड़ की लागत से नवीन पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन का भूमिपूजन किया गया, यह पॉलिटेक्निक कॉलेज क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का बड़ा केंद्र बनेगा, मंत्री ने कहा कि विष्णुदेव साय के नेतृत्व और नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार के कारण विकास के रास्ते खुले हैं, जिसका लाभ चिरमिरी को लगातार मिलता रहेगा।
चिरमिरी की कई पीढि़यों का सपना
चिरमिरी के शैक्षणिक इतिहास में एक नया अध्याय तब जुड़ा, जब चिरमिरी पोड़ी में नवीन पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन का भूमिपूजन किया गया, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि पीढि़यों के सपनों की साकार अभिव्यक्ति बताया, उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में पॉलिटेक्निक कॉलेज की शुरुआत हुई और महज एक साल में उसके स्थायी भवन की स्वीकृति मिली यह सरकार की नीयत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि घोषणाएं तो हुईं, पर काम धरातल पर नहीं उतरा। ‘हम नाम के पीछे नहीं, काम को बड़ा मानते हैं, यह स्पष्ट संदेश उन्होंने मंच से दिया।
सुबह से शाम तक विकास कार्यों की श्रृंखला
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11ः30 बजे लाहिड़ी पीजी कॉलेज, चिरमिरी परिसर में सेंट्रल लाइब्रेरी निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवाओं के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी, जिससे उच्च शिक्षा को नया आयाम मिलेगा।
दोपहर में स्कूल भवन निर्माण का भूमिपूजन
इसके बाद दोपहर 02ः00 बजे,कोरिया कॉलरी क्षेत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया, इस भवन के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण,सुविधाजनक कक्षाएं और आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
कार्यक्रम की तीसरी कड़ी में दोपहर 03ः30 बजे, वेस्ट चिरमिरी पोड़ी क्षेत्र में नवीन पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया, यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में मजबूत कदम
इन तीनों निर्माण कार्यों से चिरमिरी क्षेत्र में शिक्षा, अध्ययन सुविधाओं और तकनीकी कौशल विकास को मजबूती मिलेगी, स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में इन परियोजनाओं को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
जनप्रतिनिधि ने जताया विकास के प्रति संकल्प
इस अवसर पर श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिरमिरी क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है। शिक्षा और बुनियादी ढांचे में निवेश कर ही आने वाली पीढि़यों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है, उन्होंने क्षेत्रवासियों से कार्यक्रमों में अधिक संख्या में उपस्थित होकर विकास की इस पहल का साक्षी बनने की अपील की।
भविष्य की शिक्षा की तैयारी
पॉलिटेक्निक कॉलेज में जीपीएस और सैटेलाइट आधारित मैपिंग से जुड़े दो नए अत्याधुनिक ट्रेड शुरू होंगे, कोलकाता के बाद सीधे चिरमिरी में ये कोर्स उपलब्ध होंगे, अगले 30 वर्षों तक युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की क्षमता
स्वास्थ्य शिक्षा में भी बड़ी सौगात
चिरमिरी में छत्तीसगढ़ का पहला 120 सीटर एएनएम नर्सिंग कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जो स्वास्थ्य विभाग और आईआईटी से जुड़े विशेषज्ञों के सहयोग से संचालित होगा, हर दो साल में लगभग 120 युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे, साथ ही शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की व्यवस्था रहेगी।
क्षेत्रवासियों में उत्साह
भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है, स्थानीय लोगों ने इन विकास कार्यों को चिरमिरी क्षेत्र के लिए दूरगामी लाभ देने वाला कदम बताया है।
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