
कोरिया से स्टील इंडस्ट्रीज को सालाना 30 लाख टन कोयले की आपूर्ति,12 किमी फ्लाईओवर कन्वेयर बेल्ट की तैयारी
-राजन पाण्डेय-
कोरिया,16 दिसंबर 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के वनांचल ब्लॉक सोनहत अंतर्गत ग्राम लब्जी-पुसला में कोकिंग कोयला का नया भंडार मिलने से क्षेत्र में खनन गतिविधियों को लेकर बड़ी पहल सामने आई है। इस नए भंडार के आधार पर कोल इंडिया को नई खदान खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है, आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद यहां से सालाना लगभग 30 लाख टन कोकिंग कोयला स्टील इंडस्ट्रीज को आपूर्ति किए जाने की योजना है। जानकारी के अनुसार, सीएमपीडीआई और एमईसीएल की तकनीकी सहायता से सोनहत ब्लॉक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में पिछले कई वर्षों से कोयला भंडार की खोज का कार्य चल रहा था, इसी क्रम में लब्जी-पुसला क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाला कोकिंग कोयला पाया गया है, मामले में एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र द्वारा नई खदान खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जमीन अधिग्रहण और खनन की तैयारी
प्रस्तावित खदान के लिए लगभग 10 हेक्टेयर निजी भूमि राजस्व विभाग के माध्यम से चिह्नित की गई है, जबकि शेष भूमि वन क्षेत्र से अधिग्रहित की जाएगी। लगभग 4 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन सहित अन्य गतिविधियां संचालित होंगी। कोल इंडिया से अंतिम मंजूरी के बाद खदान का संचालन शुरू होगा, जिससे 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उत्पादन की संभावना है। इससे सोनहत क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
नगर रेलवे स्टेशन पर बनेगा नया कोल साइडिंग
एसईसीएल के अनुसार, खनन के बाद कोयले को रेलवे रैक के माध्यम से स्टील इंडस्ट्रीज तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए नगर रेलवे स्टेशन के पास नया कोल साइडिंग विकसित करने हेतु जमीन फाइनल कर ली गई है, हालांकि, लब्जी-पुसला से रेलवे साइडिंग तक मौजूदा सड़क मार्ग संकरा और जोखिमभरा है। इसी कारण 12 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर कन्वेयर बेल्ट बनाने के साथ-साथ सड़क मार्ग, दोनों विकल्पों पर विशेषज्ञ टीम द्वारा रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं से बचाव और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा सके।
क्यों खास है कोकिंग कोयला
एसईसीएल के मुताबिक,कोकिंग कोयला बिटुमिनस कोयले का विशेष प्रकार है, जिसे ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में उच्च तापमान पर गर्म करने पर कोक में बदला जाता है। यह कोक इस्पात निर्माण में ब्लास्ट फर्नेस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इसकी विशेषता यह है कि गर्म करने पर यह नरम होकर फूलता है, इसमें वाष्पशील पदार्थ कम होते हैं और यह मजबूत, छिद्रपूर्ण संरचना बनाता है,जो स्टील उत्पादन की प्रक्रिया के लिए अनिवार्य है।
सोनहत क्षेत्र के ग्राम लब्जी-पुसला में कोकिंग कोयला का नया भंडार मिला है। नई खदान खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, कोल इंडिया से अनुमति मिलने के बाद यहां से सालाना 30 लाख टन कोयला उत्पादन कर स्टील इंडस्ट्रीज को आपूर्ति की जाएगी।
बी.एन. झा,
महाप्रबंधक,एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र
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