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खड़गवां@मृत हितग्राही भी उठा रहे हैं वितरण प्रणाली की दुकान से राशन

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  • ग्राम पंचायत सिंघत में मृत हितग्राही के नाम से उठ रहे राशन वितरण की जांच में लीपापोती का खेल?
  • जांचकर्ता अधिकारी दे रही है गोलमोल जवाब क्या दोषियों को बचाने का चल रहा है खेल?


-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,13 दिसंबर 2025 (घटती-घटना)।

ग्राम पंचायत सिंघत में खाद्यान्न वितरण प्रणाली में भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार किए जाने का मामला उजागर होते ही ग्राम पंचायत में हलचल मच गई है ग्रामीणों ने आरोप लगाये थे कि स्थानीय राशन दुकान में मृत व्यक्ति के नाम के राशन कार्ड से कई वर्षों तक राशन का उठाव धड़ल्ले से किया जा रहा है। मामला ग्राम पंचायत सिंघत का है ग्रामीण का कहना है की हितग्राही की मृत्यु लगभग दो तीन वर्ष पूर्व हो चुकी है इसके बावजूद भी राशन दुकान संचालक और सरपंच तात्कालिक सचिव के द्वारा मृतक के नाम पर बीते वर्षों से राशन का उठाया किया जा रहा था। इस ग्राम पंचायत सिंघत निवासी मृत महिलाओं के नाम से ग़रीबी रेखा के राशन उठाव हो रहा था। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि जिसकी जांच करने गए अधिकारी के द्वारा मृत हितग्राहीओ के नाम को डिलीट करना दिया गया है ये भी जानकारी मिल रही है कि जांचकर्ता अधिकारी दोषियों को पुरजोर बचाने में लगे हुए हैं सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि तात्कालिक सचिव छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री का रिश्तेदार होने की धौंस देकर मामले की जांच को प्रभावित कर रहा है? अब सवाल यह उठता है कि मृत महिला के नाम पर राशन कैसे उठा और मशीन में किसका फिंगर प्रिंट लिया गया ये जांच योग है? ग्राम पंचायत सिंघत से जानकारी मिल रही है कि नामिनी के रूप में राशन कार्ड में दूसरे परिवार के व्यक्ति को नाती पोता बनकर नाम दर्ज कर उसके अंगूठे का सत्यापन कर मृत हितग्राही के राशन कार्ड से खाद्यान्न का उठाव ¸किया जा रहा था। इस ग्राम पंचायत सिंघत में एक ही परिवार के दो सदस्यों का पति-पत्नी के नाम पर अलग-अलग राशन कार्ड बनाकर खाद्यान्न का उठाव भी किया जा रहा हैं।
ग्राम पंचायतों में नामिनी की आड में चल रहा है बडा खेल
ग्राम पंचायतों में नामिनी योजना का उद्देश्य था कि 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांगजन जो स्वयं राशन लेने नहीं आ सकते हैं वे अपने किसी परिजन को नामिनी बनाकर राशन ले सके लेकिन इस योजना की आड में अब मृत व्यक्तियों के नाम पर दूसरे परिवारों का नाम राशन कार्ड में जोड़कर खाद्यान्न का उठाव का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। इस संबंध में फूड इंस्पेक्टर से जांच से संबंधित जानकारी चाही तो उन्होंने ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि जाच रिपोर्ट अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दी जाएगी हम किसी जांच से संबंधित कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं।


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